140 करोड़ की लागत से संवरा जैसलमेर रेलवे स्टेशन राष्ट्र को समर्पित, प्रधानमंत्री ने किया वर्चुअल उद्घाटन
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जैसलमेर रेलवे स्टेशन का व्यापक कायाकल्प किया गया है.

Published : July 17, 2026 at 6:03 PM IST
जैसलमेर: सीमावर्ती जिले जैसलमेर के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 140 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकसित जैसलमेर रेलवे स्टेशन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर (पंजाब) से आयोजित कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया. जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर आयोजित मुख्य समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
शेखावत बोले-विकास और विरासत का संगम: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा, 'अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित जैसलमेर रेलवे स्टेशन आधुनिक भारत की विकास यात्रा का प्रतीक है. यह स्टेशन पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा तथा यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा.'
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पीएम को भेंट किया जैसलमेर स्टेशन का स्मृति-चित्र: जालंधर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए उन्हें पुनर्विकसित जैसलमेर रेलवे स्टेशन का आकर्षक चित्र स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किया. यह स्मृति-चित्र स्वर्णनगरी की विरासत, स्टेशन की नई वास्तुकला और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुए कायाकल्प का प्रतीक रहा, जिसने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया.

विरासत के अनुरूप तैयार हुआ स्टेशन: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जैसलमेर रेलवे स्टेशन का व्यापक कायाकल्प किया गया है. करीब 140 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ जैसलमेर की ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप विकसित किया गया है. भवन की वास्तुकला में स्वर्णनगरी की झलक दिखाई देती है. बाहरी हिस्से में पीले बलुआ पत्थर का उपयोग किया गया है, जिससे स्टेशन दूर से ही सोनार किले की भव्यता का आभास कराता है.

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यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं: रेलवे ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है. यात्रियों की सुविधा के लिए 10 लिफ्ट, 10 एस्केलेटर, तीनों प्लेटफॉर्मों को जोड़ने वाले दो आधुनिक फुट ओवरब्रिज, विशाल एयर कॉनकोर्स, आधुनिक प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, सुव्यवस्थित पार्किंग और बेहतर सर्कुलेटिंग एरिया विकसित किए गए हैं. जैसलमेर की भीषण गर्मी को देखते हुए प्लेटफॉर्मों पर बड़े और आधुनिक शेड लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों को हर मौसम में राहत मिल सके. पूरे स्टेशन परिसर में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, बेहतर साफ-सफाई और यात्री सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है.
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा: पर्यटन नगरी जैसलमेर की पहचान को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्टेशन परिसर में आधुनिक कियोस्क, रिटायरिंग रूम, डॉरमेटरी, वेटिंग लाउंज, मल्टीपर्पज हॉल, रेल कोच रेस्टोरेंट तथा आधुनिक कैटरिंग स्टॉल भी विकसित किए गए हैं. इसके अलावा वाणिज्यिक क्षेत्र तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलने के साथ रेलवे की गैर-किराया आय में भी वृद्धि होगी. रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना केवल स्टेशन के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और हस्तशिल्प व्यवसाय को भी नई गति मिलेगी. पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था वाले जैसलमेर के लिए यह स्टेशन विकास का नया अध्याय साबित होगा.
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ आगाज: उद्घाटन समारोह की शुरुआत स्कूली बच्चों की आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई. विद्यार्थियों ने देशभक्ति और राजस्थानी लोक संस्कृति पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया. समारोह में जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी, पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी, फलोदी विधायक फब्बाराम विश्नोई सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे.
रेल संचालन के प्रमुख लाभ:
- कोच एवं लोकोमोटिव की त्वरित मेंटेनेंस
- यार्ड में भीड़भाड़ में कमी
- ट्रेनों के परिचालन समय में सुधार
- रखरखाव लागत और समय दोनों में कमी
- परिचालन सुरक्षा और विश्वसनीयता में वृद्धि
- परियोजना का व्यापक स्वरूप
- कोचिंग मेंटेनेंस सुविधा का विकास
- इलेक्ट्रिक लोको ट्रिप शेड का निर्माण
- अत्याधुनिक व्हील लैंथ लाइन की स्थापना
- 4.8 ट्रैक किमी नए ट्रैक का निर्माण
- 16 नए टर्नआउट का विकास
- 650 एटी वेल्ड का कार्य
- 2400 वर्गमीटर का मुख्य शेड
- 1600 वर्गमीटर के सहायक भवन
- अब यहां मिलेगी ये प्रमुख सुविधाएं
- एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएंनया भव्य स्टेशन भवन (G+2 स्ट्रक्चर)
- राजस्थानी हेरिटेज + मॉडर्न डिजाइन
- डिजिटल सूचना प्रणाली (LED डिस्प्ले)
- एस्केलेटर और लिफ्ट सुविधा
- बेहतर और चौड़े प्लेटफॉर्म
- आधुनिक वेटिंग हॉल
- हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था (CCTV)
- पार्किंग और ड्रॉप-ऑफ एरिया
- कैफेटेरिया और रिटेल सुविधाएं
- दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं
- पर्यटन को ध्यान में रखकर डिजाइन
सांसद जोशी ने किया स्टेशन का निरीक्षण: शुक्रवार को सांसद सीपी जोशी ने विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या के साथ चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर पश्चिम रेलवे के गति शक्ति अभियान के तहत प्रस्तावित पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया और रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान रेलवे के रतलाम और इंदौर से आए अधिकारी मौजूद रहे. सांसद जोशी ने बताया कि पश्चिम रेलवे की ओर से तैयार की गई इस योजना की लागत 45.08 करोड़ रुपए है. यह योजना अगले 50 वर्षों की यात्री जरूरतों को ध्यान में रख कर बनाई गई है. स्टेशन का मास्टर प्लान, बिल्डिंग प्लान और सर्कुलेशन प्लान तैयार कर अंतिम स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा. निरीक्षण के दौरान तय किया गया कि पुरानी आरएमएस बिल्डिंग से बुकिंग हॉल तक के क्षेत्र में पुराने ढांचे हटा कर तीन मंजिला आधुनिक स्टेशन भवन बनाया जाएगा. यात्रियों की सुविधा के लिए 6 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज पश्चिमी द्वार तक बनेगा और मीरा गेट की ओर प्रवेश मार्ग को चौड़ा किया जाएगा.

रेलवे स्टेशन पर लगेगी 6 लिफ्ट: सांसद जोशी ने बताया कि सभी प्लेटफार्म तक पहुंच के लिए 6 लिफ्ट लगाई जाएगी. यह पूरा काम 'सुगम भारत अभियान' के अनुरूप होगा, जिससे दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों को राहत मिलेगी. साथ ही पुराने रेलवे क्वार्टर, यूनियन कार्यालय और आरक्षण कार्यालय का भी पुनर्स्थापन किया जाएगा. जोशी ने रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात कर चित्तौड़गढ़ में पिटलाइन निर्माण का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए. पिटलाइन बनने से ट्रेनों की धुलाई और मेंटेनेंस यहीं हो सकेगा. वर्तमान में चित्तौड़गढ़ से 4 ट्रेनें शुरू और समाप्त होती हैं. पिटलाइन बनने के बाद यहां से नई ट्रेनों के संचालन का मार्ग खुलेगा, जिससे मेवाड़ क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा.

