जैसलमेर एलडीसी परीक्षा नकल प्रकरण जांच रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज, केंद्रीय अधीक्षक सहित पांच नामजद
एलडीसी भर्ती परीक्षा में सामने आए कथित नकल प्रकरण में अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Published : July 8, 2026 at 10:29 PM IST
जैसलमेर: जिले में आयोजित एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) भर्ती परीक्षा में सामने आए कथित नकल प्रकरण में जिला प्रशासन की जांच के बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार बिस्सा ने जिला कलेक्टर के निर्देश पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है. मामले में स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र के केंद्रीय अधीक्षक, दो वीक्षक, रिलीवर शिक्षक तथा एक अभ्यर्थी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
एफआईआर संख्या 0136/2026 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 की धारा 3/10 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 61(2) के तहत दर्ज की गई है. मामले में केंद्रीय अधीक्षक उम्मेद सिंह, वीक्षक भीम सिंह, जालम सिंह, रिलीवर वरिष्ठ अध्यापक पदम सिंह और अभ्यर्थी मनु कंवर पत्नी लक्ष्मण सिंह को आरोपी बनाया गया है.

परीक्षा केंद्र के कक्ष संख्या 10 में तैनात रिलीवर वरिष्ठ अध्यापक पदम सिंह पर अभ्यर्थी को अनुचित सहायता उपलब्ध कराने के आरोप लगे हैं. पदम सिंह वर्तमान में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में पदस्थापित हैं. पुलिस ने पदम सिंह को डिटेन कर लिया है, जबकि जिस अभ्यर्थी की कथित रूप से सहायता किए जाने का आरोप है, उस अभ्यर्थी को भी डिटेन कर सखी केंद्र में रखवाया गया था. अब दोनों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है. कोतवाली थानाधिकारी सुरजाराम ने मामला दर्ज होने की पुष्टि की है.
इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था. समिति की अध्यक्षता एसडीएम जैसलमेर भरत गुर्जर ने की, जबकि सीओ सिटी रूप सिंह इंदा और जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार बिस्सा समिति के सदस्य रहे. समिति ने संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अभ्यर्थियों से पूछताछ करने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की और मंगलवार देर शाम अपनी रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंप दी. रिपोर्ट के आधार पर जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया.
मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेंवतदान चारण को सौंपी गई है. पुलिस अब परीक्षा केंद्र पर मौजूद सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है. साथ ही उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है. विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज में भी कथित नकल से जुड़े महत्वपूर्ण प्रमाण सामने आए हैं. इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है. हालांकि, पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है.
यह है पूरा मामला : 5 जुलाई को जैसलमेर जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर दो पारियों में एलडीसी भर्ती परीक्षा आयोजित हुई थी. स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में बने परीक्षा केंद्र पर कुल 10 कमरों में 240 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी. प्रत्येक कक्ष में 24 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे थे. वहीं, शाम करीब चार बजे कक्ष संख्या 10 में नकल करवाए जाने की आशंका को लेकर परीक्षा केंद्र पर हलचल शुरू हुई. आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद शाम करीब पांच बजे फ्लाइंग स्क्वॉड परीक्षा केंद्र पहुंचा तो कई अभ्यर्थियों ने अधिकारियों के समक्ष पूरा मामला रखा. फ्लाइंग टीम ने तत्काल उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी.
परीक्षा समाप्त होने के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम ने कक्ष संख्या 10 से जुड़े सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए. जिन लोगों पर आरोप लगाए गए थे तथा जिन्होंने शिकायत की थी, सभी से अलग-अलग पूछताछ की गई. यह पूरी प्रक्रिया देर शाम तक चली. इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति गठित की. समिति की रिपोर्ट आने के बाद अब एफआईआर दर्ज होने के साथ मामले की पुलिस जांच औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है. आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

