एलडीसी परीक्षा में पेपर बाहर भेजने के आरोप, प्रशासन ने कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजी रिपोर्ट
आरोप है कि परीक्षा शुरू होने के बाद खिड़की के रास्ते प्रश्नपत्र किसी अज्ञात व्यक्ति तक पहुंचाया गया.

Published : July 6, 2026 at 3:25 PM IST
जैसलमेर: एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) भर्ती परीक्षा के दौरान स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र खिड़की के रास्ते बाहर भेजकर नकल कराने के आरोपों के मामले में जिला प्रशासन ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी है. अब बोर्ड के निर्देशों के आधार पर आगे की कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों की शिकायतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम का प्रकरण तैयार कर सोमवार को कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजा गया है. बोर्ड से दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. उन्होंने कहा कि मामले की प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और सभी तथ्यों का संकलन कर रिपोर्ट तैयार की गई है.
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खिड़की के रास्ते किसी को दिया पेपर: जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को एलडीसी भर्ती परीक्षा दो पारियों में आयोजित हुई थी. राजकीय मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर कुछ परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होने के बाद प्रश्नपत्र खिड़की के रास्ते किसी अज्ञात व्यक्ति तक पहुंचाया गया. साथ ही रिलीवर पर नकल कराने और परीक्षा संचालन में लापरवाही के आरोप भी लगाए गए, जिससे केंद्र पर कुछ समय के लिए विवाद की स्थिति बन गई. परीक्षार्थियों ने मौके पर प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की थी.
चयन बोर्ड के निर्देशों का इंतजार: सूचना मिलने पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम सैनी पुलिस बल के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचे. उन्होंने वीक्षकों से पूछताछ की, परीक्षा कक्षों की स्थिति का जायजा लिया तथा परीक्षार्थियों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया. प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से प्रारंभिक जानकारी भी जुटाई. प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे मामले में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के निर्देशों की प्रतीक्षा की जा रही है. बोर्ड के निर्णय के बाद आवश्यक कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी.

