सुक्खू सरकार के जाने की कामना कर रही जनता, भाजपा को नहीं है जल्दी- जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि RDG सिर्फ बहाना है, कांग्रेस अपनी राजनीति बचाने में जुटी हुई है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 19, 2026 at 2:42 PM IST
|Updated : February 19, 2026 at 3:28 PM IST
शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है. जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार केंद्र से भरपूर सहायता मिलने के बावजूद केंद्र को गालियां दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार RDG के बहाने सिर्फ पूर्व भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोसने का काम कर रही है. अगर कांग्रेस सरकार से वित्तीय हालात नहीं संभल रही है तो उन्हें स्वीकार करते हुए पद छोड़ देना चाहिए. जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा को कोई जल्दी नहीं है, लेकिन प्रदेश की जनता सरकार से परेशान है और कल की बजाय आज सरकार के जाने की कामना कर रही है.
"RDG बंद होने के मुद्दे पर सरकार अपना पक्ष सही तरीके से नहीं रख पाई और सदन में मुख्यमंत्री ने गलत तथ्य पेश किए. हिमाचल के इतिहास में यह पहले मुख्यमंत्री हैं जो कभी सच नहीं बोलते. सदन में लगातार गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए और विपक्ष को बोलने का अवसर नहीं दिया गया. विपक्ष ने केवल मुख्यमंत्री के राजनीतिक भाषण का विरोध किया है." - जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
'RDG के लिए अपने-अपने स्तर पर प्रयास करे'
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को RDG मिले इसके लिए सरकार अपने स्तर पर प्रयास करे और भाजपा भी अपने स्तर पर प्रयास करेगी. उनका कहना है कि सरकार बिगड़ते वित्तीय हालातों का ठीकरा भाजपा पर फोड़ रही है. उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय दो वित्त आयोगों से 18 हजार करोड़ रुपए मिले, जबकि मोदी सरकार में दो वित्त आयोगों से 89 हजार 254 करोड़ रुपए की RDG मिली. उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय हिमाचल के साथ अन्याय हुआ है.
"RDG केवल बहाना है, कांग्रेस अपनी राजनीति बचाने का रास्ता खोज रही है, जबकि केंद्र ने विभिन्न मदों में करीब सवा दो लाख करोड़ रुपये की सहायता दी है. प्रदेश की जनता अब सरकार के जाने का इंतजार कर रही है." - जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
'सीएम ने ऋण के तथ्य बदलकर सदन में पेश किए'
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में 35,482 करोड़ रुपये ऋण लेने और 27 हजार करोड़ चुकाने की बात कही, जबकि एक दिन पहले 23 हजार करोड़ ऋण लेने और 26 हजार करोड़ चुकाने का बयान दिया था. इन्हीं विरोधाभासी तथ्यों पर विपक्ष ने आपत्ति जताई. उनका दावा था कि भाजपा सरकार ने 40,672 करोड़ का ऋण लिया और 38,276 करोड़ चुकाया, जिसमें 2,076 करोड़ का अंतर रहा और 6 हजार करोड़ की सीमा शेष थी, जिसके बाद कांग्रेस ने सरकार संभाली. जयराम ने कहा कि 30 सालों में प्रदेश पर 69,600 करोड़ का ऋण था, जबकि वर्तमान सरकार ने 40 हजार करोड़ से अधिक कर्ज लिया. भाजपा सरकार ने 95 प्रतिशत ऋण चुकाया जबकि वर्तमान सरकार ने केवल 60 प्रतिशत चुकाया. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने तथ्य बदलकर पेश करने का प्रयास किया और वित्त सचिव की प्रेजेंटेशन के बाद कांग्रेस में आंतरिक उथल-पुथल की स्थिति बनी.

