ओछी राजनीति के बजाय प्रदेश हित पर ध्यान दें CM, बैक डेट का पत्र कर रहे जारी - जयराम ठाकुर
आरडीजी पर बुलाई सभी विधायकों की बैठक को लेकर जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू पर साधा निशाना.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 11, 2026 at 2:54 PM IST
|Updated : February 11, 2026 at 3:20 PM IST
शिमला: केंद्र सरकार द्वारा आरडीजी बंद करने के बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई है. सरकार ने वित्तीय स्थिति को लेकर कांग्रेस और भाजपा के विधायकों की 8 फरवरी को बैठक बुलाई थी, लेकिन इससे विपक्ष के विधायकों ने किनारा कर लिया था. इसको लेकर पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बैठक के लिए न्योता देने और वित्त सचिव द्वारा पत्र भेजने के मामले पर पलटवार किया है.
'आम जनता की सुविधाएं छीन, मित्रों पर मेहरबानी'
सीएम सुक्खू पर निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जेब में बैक डेट की चिट्ठी लेकर टहलना और लोगों को दिखाना एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता. प्रदेश की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर आम जनता की सारी सुविधाएं छीनते जा रहे हैं और मित्रों पर मेहरबानी किए जा रहे हैं. जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री के पद की एक मर्यादा है, जिसे सुखविंदर सिंह सुक्खू तार-तार कर रहे हैं. सीएम सुक्खू आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलें.
"जिस बैठक के लिए मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि हमें भी बुलाया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री जी कब आपने हमें पत्र भेजा. आप जेब में चिट्ठी रखकर लोगों को दिखा रहे हैं कि मैंने ये चिट्ठी जयराम ठाकुर को भेजी थी. आप एक दिन पहले हमको चिट्ठी भेजकर क्या साबित करना चाहते हैं? आपने हमसे बात की होती तो मैं आपको अपना कारण बता सकता था, लेकिन आपने बात करना उचित नहीं समझा, क्योंकि आपकी संवादहीनता हमारे साथ ही नहीं अपने मंत्रियों, विधायकों और अपनी पार्टी के नेताओं के साथ भी है. आपको किसी से पूछने और किसी के साथ चर्चा करने की आदत नहीं है. मुख्यमंत्री ओछी राजनीति करने का काम कर रहे हैं जो कि सही नहीं है." - जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
'केंद्रीय बजट पूरे देश का, सिर्फ हिमाचल का नहीं'
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आरडीजी बंद करने के विषय पर प्रदेश में राजनीति की जा रही है और मुख्यमंत्री ऐसे व्यवहार कर रहे हैं कि जैसे पता नहीं क्या हो गया. एक तो प्रदेश में सरकार व्यवस्थित तरीके से नहीं चल रही है और मुख्यमंत्री भी संतुलन खो बैठे हैं. आरडीजी सिर्फ हिमाचल की ही नहीं बंद हुई है, बल्कि देश के 17 राज्यों की भी बंद हुई है. ऐसे में सिर्फ हिमाचल के साथ अन्याय होने की बात करना सही नहीं है. बजट सिर्फ हिमाचल के लिए नहीं होता, बल्कि केंद्रीय बजट पूरे देश के लिए होता है.

