'RDG को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी में CM सुक्खू, इसलिए दिल्ली में पी. चिदम्बरम मिले मुख्यमंत्री'
हिमाचल के पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे पर सवाल उठाए हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 12, 2026 at 2:02 PM IST
मंडी: रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट यानी RDG बंद करने पर हिमाचल प्रदेश में सियासत जारी है. प्रदेश के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री लगातार भारतीय जनता पार्टी के विधायकों के प्रदेश हित में केंद्र सरकार के समक्ष मुद्दा उठाने की मांग कर रहे हैं. इसी बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का दिल्ली दौरा चर्चा में आ गया है. हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल में आर्थिक संकट के बीच सीएम सुक्खू की पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के साथ मुलाकात पर सवाल खड़े किए हैं. जयराम ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने आखिर किसलिए पी. चिदंबरम से मुलाकात की है.
'गलत रास्ते अपना रहे हैं सीएम सुक्खू'
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का कहना है कि, "सीएम सुक्खू रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने के मामले को लेकर कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं. इसलिए वे दिल्ली में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से मिले और उनसे इस संदर्भ में कानूनी सलाह ली है. प्रदेश के हितों के लिए लड़ाई लड़ना गलत बात नहीं है, लेकिन जो रास्ते सीएम सुक्खू अपना रहे हैं वे सही नहीं है. केंद्र सरकार के समक्ष अपना पक्ष सही ढंग से रखने की बजाय सीएम उल्टा केंद्र को कोसने का ही काम कर रहे हैं."
'हमारे समय भी बंद हुई थी आरडीजी'
जयराम ठाकुर ने कहा कि, उनके समय भी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद हुई थी और उन्होंने केंद्र में मजबूती से अपना पक्ष रखकर इसे बहाल करवाया था. सीएम सुक्खू ऐसा न करके गलत रास्तों को अपनाते हुए केंद्र सरकार को कोसने का काम कर रहे हैं. ऐसे रास्तों की बजाय यदि सीएम सही ढंग से केंद्र में अपना पक्ष रखने की कोशिश करें तो समाधान उसी से निकलेगा.
'बजट सत्र के कारण प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री से नहीं हुई मुलाकात'
इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने कहा कि, "जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात करना चाह रे थे, लेकिन बजट सत्र के कारण अभी उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने का समय नहीं मिल पाया है. जानकारी यह भी है कि राहुल और प्रियंका गांधी से भी उनकी मुलाकात नहीं हो पाई है."
आर्थिक संकट पर प्रदेश में आरोप-प्रत्यारोप
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि, "हिमाचल में पिछले 3 सालों में जब रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) मिल रही थी, तब भी प्रदेश में विकास कार्य बंद थे और ऐसे में अब आरडीजी नहीं मिलेगी. उसके बाद वित्त सचिव ने जो प्रेजेंटेशन दी है, उसमें प्रदेश में सरकारी सब्सिडी बंद करनी पड़ेगी. फाइनेंस सेक्रेटरी ने प्रेजेंटेशन के दौरान कहा कि, सरकार कर्मचारियों के एरियर और डीए भी नहीं दे पाएंगे और प्रदेश में विकास कार्य पूर्ण रूप से बंद करने पड़ेंगे. उसके अलावा प्रदेश में युवाओं को सरकार रोजगार अगले 2 सालों तक नहीं दे पाएगी. ऐसे में बुरे हालात हिमाचल में आर्थिक संकट सरकार की गारंटियों के कारण हुए हैं."
ये भी पढ़ें: 'आर्थिक संकट के लिए सुक्खू सरकार जिम्मेदार, 3 साल में लिया ₹40 हजार करोड़ कर्ज, फिर भी विकास कार्य ठप'
ये भी पढ़ें: हिमाचल में IAS, IPS और IFS कैडर में की गई इतनी कटौती, दिल्ली से लौटने के बाद बोले CM सुक्खू

