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जयपुर के पीएमश्री स्कूल राहोली को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, देश में बढ़ाया राजस्थान का मान

पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राहोली को मिला 'स्कूल चैलेंज TOFEI' नेशनल अवार्ड. नशा मुक्ति और नवाचारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित.

पीएमश्री स्कूल राहोली को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
नई दिल्ली में पुरस्कार प्राप्त करते स्कूल प्रिंसिपल और नोडल ऑफिसर (फोटो - शिक्षा विभाग)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 30, 2026 at 8:56 AM IST

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जयपुर : जिले के पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राहोली ने राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का परचम लहराया है. प्रदेश के एकमात्र स्कूल ने 'स्कूल चैलेंज टीओएफईआई राष्ट्रीय पुरस्कार' हासिल किया है. नई दिल्ली में आयोजित समारोह में विद्यालय को नशा मुक्त विद्यालय अभियान, सामाजिक जागरूकता, सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए नवाचारों के आधार पर सम्मानित किया गया.

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में ये पुरस्कार दिया गया. राजस्थान के पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राहोली को प्रतिष्ठित 'स्कूल चैलेंज टीओएफईआई राष्ट्रीय पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है. कार्यक्रम में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय, विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की संयुक्त सचिव ए. श्रीजा और सीबीएसई की अतिरिक्त निदेशक प्रोफेसर अंजली छाबड़ा ने पीएमश्री स्कूल राहोली के प्रधानाचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह नरूका, नोडल ऑफिसर पूजा पाटीदार और राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर की हाइजीन ऑफिसर दीपा यादव को ये राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया. नोडल ऑफिसर पूजा पाटीदार ने बताया कि ये स्कूल इस सम्मान को प्राप्त करने वाला राज्य का एकमात्र राजकीय विद्यालय है.

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उन्होंने बताया कि पीएमश्री विद्यालय राहोली को ये सम्मान स्कूल में नशा मुक्त अभियान को अच्छे तरीके से चलाने, बच्चों को समाज के प्रति जागरूक बनाने और स्कूल में अच्छा माहौल तैयार करने के लिए मिला है. स्कूल में बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं कराई जाती, बल्कि उन्हें अच्छी आदतें, जिम्मेदारी और समाज के प्रति अपनी भूमिका समझाने पर भी ध्यान दिया जाता है. उन्होंने कहा कि स्कूल में समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और कई नई गतिविधियां करवाई गईं, जिनसे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा और वे सामाजिक मुद्दों को बेहतर तरीके से समझने लगे. स्कूल ने पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के पूरे विकास पर काम किया, जिससे उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. इस उपलब्धि पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी विद्यालय परिवार को बधाई दी. वहीं प्रधानाचार्य डॉ. नरूका ने इस सफलता का श्रेय समस्त विद्यालय स्टाफ, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग को दिया.

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