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नींदड़ में महायज्ञ : 25 हजार लीटर घी और औषधियों की सुगंध से महकेगा जयपुर, दी जाएंगी डेढ़ करोड़ आहुतियां

छोटी काशी जयपुर में आस्था, वैदिक परंपरा और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा.

Nindar 1008 Kundiya Hanuman Mahayagya
1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ 8 से 16 जनवरी तक (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 6, 2026 at 8:34 PM IST

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Updated : January 6, 2026 at 8:45 PM IST

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जयपुर: 8 से 16 जनवरी तक सीकर रोड स्थित नींदड़ आवासीय योजना में पहली बार विराट स्तर पर श्रीराम कथा और 1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है. आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं. वहीं, बागेश्वर धाम के महंत पं धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमत महायज्ञ को विश्व शांति और हिंदुओं की सुख-समृद्धि वाला बताया.

25000 लीटर गाय के घी और औषधियों से दी जाएंगी आहुतियां : जयपुर में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी के सानिध्य में भव्य श्री राम कथा का आयोजन 8 से 16 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है. इस दौरान होने वाले 1008 कुंडीय हनुमान महायज्ञ में 25 हजार लीटर गाय का शुद्ध घी, लाखों किलो वैदिक हवन सामग्री और सनातन औषधियों के साथ डेढ़ करोड़ से अधिक आहुतियां दी जाएंगी.

पं धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा, सुनिए... (Source : Dhirendra Krishna Shastri)

आयोजन समिति सदस्य एडवोकेट अनिल संत ने बताया कि 350×450 मीटर क्षेत्र में विशाल यज्ञशाला का निर्माण किया गया है. जहां 1008 यज्ञ कुंड तैयार किए गए हैं. महायज्ञ में 1451 वैदिक विद्वान पंडित मंत्रोच्चार के साथ हवन कराएंगे. प्रतिदिन सुबह 8 से 12 बजे तक होने वाले इस यज्ञ में एक साथ 1008 यजमान भाग लेंगे. श्रद्धालु यज्ञशाला की परिक्रमा भी कर सकेंगे.

सवा लाख श्रद्धालुओं के लिए 10 विशाल डोम : कथा स्थल पर 200×500 फीट आकार के 10 विशाल डोम तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें एक साथ सवा लाख श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था होगी. यज्ञ स्थल पर बाहर से आने वाले यजमानों और साधु-संतों के लिए 1100 अस्थायी आवास बनाए गए हैं. साथ ही सुरक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है.

महायज्ञ के लिए जुटाई सामग्री :

  • 25 हजार लीटर घी
  • 2 लाख किलो लकड़ी
  • सवा लाख किलो हवन सामग्री
  • 75 हजार किलो कंडे

हवन से वातावरण होगा शुद्ध : हवा महल से विधायक और हाथोज धाम के महंत बालमुकुंद आचार्य ने बताया कि सनातन औषधियों और गाय के घी से किए जाने वाले हवन से वातावरण शुद्ध होगा, रोगाणु नष्ट होंगे, ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी और पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होगा. उन्होंने बताया कि हवन से निकलने वाली ध्वनि और सुगंध तनाव, अवसाद को कम करती है. हवन सामग्री का धुआं एंटीसेप्टिक का काम करता है, जबकि मंत्रों से उत्पन्न ध्वनि सकारात्मक कंपन फैलाती है. ये अनुष्ठान शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक बाधाओं को दूर कर समृद्धि और सौभाग्य का मार्ग प्रशस्त करता है.

हर दिन 50 हजार श्रद्धालुओं को मिलेगा सात्विक प्रसाद : महायज्ञ में आने वाले श्रद्धालुओं, यजमानों और संतों के लिए हर दिन 50 हजार लोगों की भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है. लकड़ी के चूल्हों पर बनने वाले सात्विक भोजन के लिए 111 हलवाई और विशेष टीमें पूरे आयोजन के दौरान सेवाएं देंगी.

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11 हजार बच्चों का सामूहिक सुंदरकांड : आयोजन के दौरान 11 हजार बच्चे एक साथ सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करेंगे. इसके अलावा प्रतिदिन भी सामूहिक पाठ आयोजित होगा. हर रात अयोध्या से आई रामलीला मंडली की ओर से रामलीला का भव्य मंचन किया जाएगा, जिसके लिए अलग मंच और दर्शक दीर्घा बनाई जा रही है.

7 जनवरी को भव्य कलश यात्रा : महायज्ञ से पहले 7 जनवरी को दोपहर 2 बजे कूकर खेड़ा मंडी से कथा स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी. संत-महात्माओं के सानिध्य में श्रद्धालु महिलाएं कलश धारण कर गाजे-बाजे के साथ यात्रा में शामिल होंगी. भैया आयोजन को लेकर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि ये संपूर्ण आयोजन जगतगुरु रामभद्राचार्य के सानिध्य और मार्गदर्शन में संपन्न होगा. हर दिन दोपहर 3 बजे से श्रीराम कथा का वाचन किया जाएगा. साथ ही 1 करोड़ 51 लाख हनुमान नाम जप के माध्यम से विश्व शांति, मानव कल्याण और राष्ट्र उत्थान की कामना की जाएगी.

Last Updated : January 6, 2026 at 8:45 PM IST