1.5 करोड़ की चोरी का खुलासा : नौकर ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम, 6 गिरफ्तार
ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में चोरी के मामले में बड़ा खुलासा. 6 आरोपी गिरफ्तार. एक आरोपी सेवारत फौजी. जानिए पूरा मामला...

Published : October 16, 2025 at 6:29 PM IST
जयपुर: राजधानी जयपुर की माणक चौक थाना पुलिस ने ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में हुई 1.5 करोड़ रुपये की चोरी की वारदात का खुलासा किया है. पुलिस ने चोरी के मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ज्वेलर के काम करने वाले नौकर ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था. मामले में आर्मी सूरतगढ़ गंगानगर में सेवारत फौजी को भी गिरफ्तार किया गया है. फौजी संदीप की अन्य आपराधिक वारदातों का भी खुलासा हुआ है. आरोपियों के कब्जे से चोरी का कुछ माल बरामद किया है, शेष माल बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है.
डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि 27 जून को माणक चौक थाने पर पीड़ित अंकित खंडेलवाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि चौड़ा रास्ता जयपुर में उसका ज्वेलरी क्रिएशन ऑफिस है. जहां पर ज्वेलरी की मैन्युफैक्चरिंग का काम किया जाता है. 26 जून की रात को ऑफिस बंद करके गया था. 27 जून की सुबह ऑफिस खोला तो कांच वाली खिड़की और अलमारी टूटी हुई थी. अलमारी में रखा सोना और डायमंड समेत अन्य ज्वेलरी के आइटम गायब मिले. ऑफिस के सीसीटीवी कैमरे चेक करने पर पता चला कि दो लोगों ने खिड़की और गेट तोड़कर अलमारी के अंदर से ज्वेलरी का सामान बैग में भरकर चोरी कर लिया.
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एडिशनल डीसीपी नॉर्थ दुर्ग सिंह राजपुरोहित और एसीपी माणक चौक पियूष कविया के निर्देशन में माणक चौक थाना अधिकारी राकेश ख्यालिया के नेतृत्व में स्पेशल टीमों का गठन किया. पुलिस की स्पेशल टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे चेक करके आरोपियों को चिन्हित किया गया. मुखबिर से भी सूचनाएं प्राप्त की गईं. पुलिस ने आरोपियों का सुराग लगाकर वारदात का खुलासा करने में सफलता हासिल की है. मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार करके माल बरामद किया गया है. शेष माल रिकवरी करने का प्रयास किया जा रहा है.
पढ़ें : ज्वैलरी लूट के मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार, दोस्त ने ही रची थी साजिश
आरोपी संदीप सिंह वर्तमान में आर्मी में सेवा दे रहा था. घटना के करीब एक से डेढ़ साल पहले से ही आर्मी की ड्यूटी पर अपनी छुट्टियों के बाद वापस नहीं लौटा. करीब डेढ़ साल तक गैर हाजिर रहा. इस दौरान आरोपी संदीप सिंह लोन दिलवाने का काम कर रहा था. इसी दौरान उसकी मुलाकात धीरज से हुई थी. आरोपी धीरज को ज्वेलरी फर्म और उसमें रखे माल के बारे में बताया था. वारदात को अंजाम देने के लिए ज्वेलर्स के कर्मचारी अनिल को भी अपने साथ लिया था. आरोपी संदीप सिंह ने ज्वेलरी फर्म के लॉकर तोड़ने के लिए अपने दोस्त धीरेंद्र को अपने साथ शामिल किया. इसके साथ ही अन्य लोगों को भी वारदात में शामिल किया.
आरोपियों ने घटनास्थल की कई बार रात और दिन में रेकी की. 26 जून को आरोपी संदीप सिंह और धीरेंद्र घटनास्थल पर पहुंचे थे. पास ही की गली से एक मकान में रस्सी बांधकर ज्वेलरी फर्म में खिड़की तोड़कर घुसे थे और कीमती सामान समेटकर फरार हो गए थे. पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग रास्तों का प्रयोग बार-बार किया. घटना को अंजाम देने के दौरान अपने मोबाइल फोन बंद रखे, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस नहीं कर सके. अपने चेहरे भी पूरी तरीके से छुपा रखे थे.
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने-अपने ठिकानों पर चले गए थे. कुछ महीनो तक इंतजार करने को कहा गया था, ताकि मामला शांत हो जाए. इसके बाद आरोपी संदीप अपनी ड्यूटी के लिए वापस आर्मी कैंप चला गया, ताकि कोई उस पर शक नहीं करे और आर्मी में होने का फायदा मिल जाए. गैंग के अन्य साथी भी अपने-अपने कामों में लग गए थे, ताकि उन पर भी किसी को कोई शक नहीं हो. चोरी किए गए शेष माल बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं. कुछ माल बरामद भी किया गया है. आरोपी संदीप के भाई भूपेंद्र सिंह की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है.
आरोपी संदीप से पूछताछ के बाद श्याम नगर इलाके में 1 जून 2025 को हुई घटना का भी खुलासा हुआ है. 1 जून को आरोपी ने एक घर के बाहर खड़ी थार गाड़ी को पेट्रोल डालकर रंजिशवस आग लगाकर जला दिया था. फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

