जयपुर में अकीदत और उल्लास से मनाया गया ईद मिलादुन्नबी, निकला गया जुलूस-ए-मोहम्मदी.
चार दरवाजा से कर्बला दरगाह तक निकले मुख्य जुलूस में तिरंगा लहराया और भाईचारे का संदेश दिया गया.

Published : August 26, 2026 at 7:03 PM IST
जयपुर: पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश के मुबारक मौके पर ईद मिलादुन्नबी का पर्व राजधानी जयपुर में अकीदत और उल्लास के साथ मनाया गया. शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में जगह-जगह जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले गए. दोपहर बाद चार दरवाजा इलाके से निकला मुख्य जुलूस बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की मौजूदगी के बीच रामगढ़ मोड़ स्थित कर्बला दरगाह पहुंचा. जुलूस में बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए.
जुलूस के दौरान अकीदतमंद नातिया कलाम पढ़ते और सलाम पेश करते हुए आगे बढ़े. 'सरकार की आमद मरहबा' के नारों और नात-ओ-सलाम की सदाओं से पूरा इलाका गूंज उठा. रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर जुलूस का स्वागत किया. जुलूस में धार्मिक ध्वजों के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी नजर आया. ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शास्त्री नगर, झोटवाड़ा, नाहरी का नाका, हसनपुरा सहित जयपुर के कई इलाकों में भी जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले गए. इन जुलूसों में बड़ी संख्या में युवा, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए. जुलूस के रास्ते में अकीदतमंदों के लिए जगह-जगह पानी, शरबत और फलों की व्यवस्था की गई. स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने जुलूस में शामिल लोगों की सेवा की.
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शहर कांग्रेस ने किया स्वागत: जोरावर सिंह गेट पर जयपुर शहर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया और पुष्प वर्षा की. इस मौके पर कांग्रेस विधायक रफीक खान, अमीन कागजी, जयपुर शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आर. आर. तिवाड़ी सहित कई अन्य नेता भी मौजूद रहे.
सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम: जुलूस को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए. प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती रही और जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी उचित प्रबंध किए गए. आयोजकों ने पुलिस-प्रशासन का सहयोग करते हुए लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.
घरों में बने मीठे पकवान: ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मुस्लिम धर्मावलंबियों के घरों में तरह-तरह के मीठे पकवान बनाए गए. इन पकवानों को पड़ोसियों, रिश्तेदारों और गरीब एवं जरूरतमंद लोगों में बांटकर खुशियां साझा की गईं. लोगों ने एक-दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद भी दी.
पैगंबर पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए: इस मौके पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में उलेमाओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर तकरीर की. उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए थे. उन्होंने इंसानियत, प्रेम, शांति और समानता का संदेश दिया तथा जात-पात, अमीर-गरीब और गोरे-काले के भेदभाव को खत्म करने की शिक्षा दी. उलेमाओं ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी पैगंबर साहब की पैदाइश की खुशी मनाने के साथ-साथ उनके बताए रास्ते पर चलने और समाज में मोहब्बत, भाईचारे एवं सौहार्द को मजबूत करने का संदेश भी देता है.
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