जयपुर के कपल का एक रुपए में भारत भ्रमण, कार की किचन से कमाई और फिर उसी से घुमाई
जयपुर का कैफे कारवां पहुंचा सागर, हर बड़े शहर में स्टाॅल लगाकर बेचते हैं चाय, मैगी और शेक. कपिल तिवारी की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 26, 2026 at 5:10 PM IST
सागर: जयपुर का कपल अपनी 3 साल की बेटी के साथ अनोखे टास्क पर निकला है. ये कपल अपनी फोर व्हीलर से देश के उत्तरी से दक्षिणी छोर के सफर पर निकले हैं. कपल का टास्क अनोखा इसलिए हैं, क्योंकि इन्होंने तय किया कि वो घर से सिर्फ 1 रुपए लेकर निकलेंगे और उनके रूट में पढ़ने वाले हर शहर कैफे कारवां नाम से चाय और फास्टफुड का स्टाॅल लगाकर पैसे कमाएंगे और उसी पैसे से अपने सफर का खर्च निकालेंगे.
खास बात ये है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक का आधा सफर तय कर चुके हैं और अब तक की कमाई में सफर का सारा खर्च निकालकर करीब 11 हजार रूपए से ज्यादा इनकी बचत है. कपल जिस शहर में पहुंचते हैं, लोग उनकी कार में चल रहे कैफे को देखकर ठिठक जाते हैं और फिर उनके टास्क के बारे में जानकर चाय जरूर पीते हैं. इस तरह ये कारवां आगे बढ़ता जा रहा है.
जानिए कपल के अनोखे टास्क के बारे में
जयपुर के रहने वाले राहुल देव और उनकी पत्नी जिस शहर में पहुंचती है वहां किसी चौराहे या सड़क किनारे गाड़ी लगाकर चाय और फास्टफुड की स्टाॅल लगाती हैं. जिसे इन्होंने कैफे कारवां का नाम दिया है. उसे लगाकर चाय और फास्टफुड बेचने लगते हैं. उनको देखने और उनकी चाय और फास्टफुड का टेस्ट लेने लोग रूक जाते हैं.

इस कपल को ट्रैवलिंग का काफी शौक है और अब तक दोनों ने काफी पैसा खर्च किया है. इस बार इन्होंने सोचा कि घर से एक रुपए लेकर चलेंगे. सबसे पहले अपने शहर जयपुर में स्टाॅल लगाएंगे और उससे हुई आमदनी से सफर का खर्चा उठाएंगे. कपल ने सबसे पहले जयपुर में स्टाॅल लगाकर उससे हुई कमाई से डीजल डलवाया और सफर के लिए जरूरी सामान खरीदा और फिर हर बड़े शहर में स्टाॅल लगाकर आगे के सफर के खर्च का इंतजाम किया.

कपल का अब तक का सफर
राहुल और पिंकी और उनकी छोटी सी बेटी की बात करें, तो ये लोग अब तक 2622 किमी का सफर इसी अंदाज में तय कर चुके हैं. सोमवार तक ये लोग स्टाॅल लगाकर 32 हजार 946 रूपए कमा चुके हैं और इनके सफर का गाड़ी से लेकर स्टाॅल और खाने पीने का जो भी खर्चा आया है, वो 21 हजार 917 रूपए है. डीजल का खर्च 15 हजार 416 रूपए आया है. स्टाॅल के लिए ग्रासरी का खर्च 3536 रूपए आया है और दूसरे खर्च 2296 रूपए हुए हैं. अभी तक ये 11 हजार 29 रूपए की बचत कर चुके हैं.

कैफे कारवां में चाय से लेकर मैगी और शेक
जयपुर के इस कपल के कैफै कारवां में कुल्हड़ चाय, कोल्ड काॅफी, स्ट्राबैरी शेक, मैंगो शेक, प्लैन मैगी, बटर मसाला मैगी,चीज मैगी, जंबो वेज मोमोज, स्पेशल बटर जंबो मोमोज और चिप्स वगैरह मिलते हैं. लोग जैसे ही एक एसयूवी में लगी चाय और फुड स्टाॅल देखते हैं, तो जानने के लिए रूक जाते हैं. बातों बातों में चाय या कुछ खाने का मन करता है, तो कपल की कमाई भी हो जाती है. कपल अपने ग्राहक के साथ बातचीत करते हुए वीडियो भी सोशल मीडिया पर डालते हैं तो लोगों का एक अलग एक्सपीरियंस होता है.
'घर से 1 रुपए लेकर निकले'
जयपुर के रहने वाले राहुल देव बताते हैं, "हमें ट्रैवलिंग का शौक है, जिसमें काफी ज्यादा पैसा खर्चा होता है, हमें कुछ ऐसा करना था कि हमारे जेब से कुछ ना लगे और हम सफर के दौरान कुछ ऐसा करें कि हमारा खर्चा निकले. हमारा कान्सेप्ट ये है कि हम जयपुर से कश्मीर और कश्मीर से कन्याकुमारी के लिए निकले हैं, हम 1 रुपए लेकर निकले थे और हम रोज जहां कोई बड़ा शहर मिलता है, वहां पर हम अपना चाय और फास्टफुड का स्टाॅल लगाते हैं."

हर बड़े शहर में लगाते हैं स्टॉल
राहुल देव बताते हैं, "3 दिन पहले हम ग्वालियर में थे, फिर हमने 200 किमी सफर के बाद स्टाॅल लगाया. आज सागर में हैं और कल नागपुर पहुंचेंगे. जहां स्टाॅल लगाएंगे. हमें सफर में कोई दिक्कत नहीं आई. हर जगह हमें लोगों का सपोर्ट मिला. लोगों ने बढ़ चढ़कर हर संभव मदद की. हमें अभी तक जो भी खर्चा आया है, चाहे डीजल का हो या फिर हमारे स्टाॅल के लिए जरूरी सामान का हो, सब खर्चा हमने स्टाॅल से ही निकाला है. अभी तक हमने अपने यूपीआई का उपयोग नहीं किया है."
कमाए 32 हजार रुपए, खर्च 20 हजार
राहुल देव बताते हैं, "हमें चाय और फास्टफुड बेचकर जो पैसा आता है, हम उसी को यूज करते हैं. चाहे वो यूपीआई पर हुआ पेमेंट हो या फिर लोग नगद पैसे देते हैं. अब तक हम फायदे में ही हैं. यहां तक पहुंचने में हमारा करीब 20 हजार रूपए खर्च हुआ और हमने करीब 32 हजार रुपए कमाए हैं. अभी तक हम ट्रैवलिंग पर निकलते थे, तो हमेशा हमारे जेब का पैसा खर्च होता था, पहली बार है कि हमने खर्च से ज्यादा कमाई कर ली है."

'अभी तक का हमारा एक्सपीरियंस शानदार'
राहुल देव की पत्नी पिंकी बताती हैं, "हम लोगों को ट्रैवलिंग का शौक है, जब मेरे पति ने इस कान्सेप्ट के बारे में बताया और हम लोगों में चर्चा हुई तो मैं तैयार हो गई, क्योंकि इन्हें कुछ अलग करना है, तो साथ तो देना ही होगा। हम एक दूसरे को पूरा सपोर्ट करते हैं. अभी तक का हमारा शानदार एक्सपीरियंस रहा है.

सफर में कई तरह की परेशानी आती हैं, तो हम दोनों मिलकर कोई ना कोई साल्यूशन निकाल लेते हैं. गर्मी बहुत है, इसलिए कहीं-कहीं परेशानी हुई. अगर सर्दी का मौसम होता, तो हम इस ट्रिप का और मजा लेते. हमारा टारगेट था कि हम गाड़ी में ही सोएं लेकिन गर्मी में ये काफी मुश्किल है. हमने आधा सफर तय कर लिया है और हमें कोई दिक्कत नहीं आई है. सिर्फ गर्मी के कारण थोड़ी बहुत परेशानी है. हम जहां भी गए हैं, वहां के लोकल लोगों ने हमें भरपूर सपोर्ट किया है."
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सागर में गाइड बने सोशल मीडिया के दोस्त
सागर के आकाश ने कपल के सागर पहुंचने पर भरपूर मदद की है. आकाश बताते हैं कि "राहुल इंस्टाग्राम पर मेरे दोस्त हैं. उसी से मुझे इनके बारे में पता चला. इनका कानसेप्ट बढ़िया है, मैनें अभी तक ऐसा नहीं देखा. इनसे इंस्टाग्राम पर मेरी बात हुई और इन्होंने बताया कि वो सागर से गुजरेंगे, तो मैनें नंबर दिया. हमारे भारत की संस्कृति है कि अतिथि देवोभव तो हमनें यहां इनका स्वागत किया और मदद की."

