Amaira Death Case : CBSE ने नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की मान्यता रद्द की
12वीं तक की मान्यता वापस पाने के लिए नीरजा मोदी स्कूल को कम से कम दो साल तक 10वीं स्तर पर सफलतापूर्वक संचालन करना होगा.

Published : December 31, 2025 at 6:50 AM IST
|Updated : December 31, 2025 at 11:28 AM IST
जयपुर : अमायरा की मौत के मामले के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्र सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को लेकर जयपुर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी (कक्षा 12) तक का एफीलिएशन वापस ले लिया है. बोर्ड सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल ने Affiliation Bye-Laws और बाल सुरक्षा प्रोटोकॉल का घोर उल्लंघन किया है, जिससे छात्रों की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा.
CBSE की जांच के बाद बड़ा फैसला : 3 नवंबर 2025 को स्कूल परिसर में छात्रा अमायरा के चौथी मंजिल से कूदने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद बोर्ड ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया. जांच में पाया गया कि स्कूल में सीसीटीवी निगरानी, कॉरिडोर और खुले क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम, काउंसलिंग सिस्टम, एंटी-बुलिंग नीति और स्टाफ विजिलेंस जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से लागू नहीं थी.

पढ़ें. Amaira Death Case : शिक्षा विभाग का नोटिस लेकिन बुलिंग पर चुप्पी, अभिभावक संघ ने उठाए गंभीर सवाल
कमेटी ने ये भी दर्ज किया कि घटना के बाद ब्लड स्पॉट्स को साफ कर दिया गया, जिससे फॉरेंसिक जांच प्रभावित हुई. साथ ही कई कर्मचारी और छात्र बिना पहचान पत्र के पाए गए, जबकि इमारत की मंजिलों पर निगरानी के लिए कोई डेडिकेटेड स्टाफ मौजूद नहीं था. कमेटी रिपोर्ट के आधार पर छात्र सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को लेकर नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी (कक्षा 12) तक का एफीलिएशन रद्द कर दिया गया है.
पढ़ें. Amayra Death case : 'लापता शिक्षा मंत्री', पूरे शहर में लगे पोस्टर, जानें पूरा मामला
स्कूल पर उठाए गए सख्त कदम :
- स्कूल में काउंसलिंग मैकेनिज्म और रिड्रेसल सिस्टम पूरी तरह विफल रहा.
- बाल सुरक्षा से जुड़े अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया.
- ये उल्लंघन जानबूझकर (willful non-observance) की श्रेणी में आता है.
पढ़ें. अमायरा मौत मामले में सड़क पर उतरे माता-पिता, शिक्षिका पर लगाया लापरवाही का आरोप
CBSE के आदेश :
- स्कूल को 12वीं तक पढ़ाने की CBSE मान्यता तुरंत खत्म कर दी गई है.
- हालांकि, 10वीं और 12वीं के छात्र सत्र 2025–26 में इसी स्कूल से परीक्षा दे सकेंगे.
- जो छात्र अभी 9वीं और 11वीं में पढ़ रहे हैं, उन्हें 31 मार्च 2026 तक CBSE अजमेर की ओर से पास के किसी दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा, ताकि वे सत्र 2026-27 वहीं से पढ़ाई कर सकें.
- अब स्कूल 9वीं और 11वीं में नए दाखिले नहीं ले सकेगा और न ही निचली कक्षाओं से छात्रों को आगे बढ़ाकर इन कक्षाओं में प्रमोट कर पाएगा.
- यदि स्कूल सभी सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन कर लेता है, तो वो एक साल बाद (सत्र 2027-28 से) 10वीं तक की मान्यता दोबारा पाने के लिए आवेदन कर सकता है.
- 12वीं तक की मान्यता वापस पाने के लिए स्कूल को कम से कम दो साल तक 10वीं स्तर पर सफलतापूर्वक संचालन करना होगा, उसके बाद ही आवेदन संभव होगा.
- पहली से आठवीं कक्षा तक स्कूल चलेगा या नहीं, इसका फैसला राज्य सरकार का माध्यमिक शिक्षा विभाग करेगा, इसमें CBSE की कोई भूमिका नहीं होगी.
पढे़ं. अमायरा को इंसाफ दिलाने के लिए दिखाई एकजुटता, कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि
अभिभावकों ने नीरजा मोदी स्कूल के बाहर पटाखे फोड़ सीबीएसई के फैसले का किया स्वागत : सीबीएसई की ओर से नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की मान्यता रद्द किए जाने के आदेश को संयुक्त अभिभावक संघ ने अभिभावक एकजुटता और सत्य की ऐतिहासिक जीत बताया. सीबीएसई के आदेश के बाद संघ के आह्वान पर अभिभावक विद्यालय के गेट पर एकत्र हुए, जहां उन्होंने पटाखे फोड़कर फैसले का स्वागत किया और मासूम अमायरा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि बोर्ड ने अपने आदेश में विद्यालय की ओर से बाल सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी, एंटी-बुलिंग और काउंसलिंग व्यवस्था की विफलता, सीसीटीवी निगरानी में लापरवाही, स्टाफ की असंवेदनशीलता तथा साक्ष्य संरक्षण में चूक को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है. ये भी माना है कि समय रहते कदम उठते तो घटना रोकी जा सकती थी. वहीं, उन्होंने इस फैसले को निजी स्कूलों के लिए कड़ी चेतावनी बताते हुए चेताया कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

