'रुपए दो, वरना आरोपी बना दूंगा...' ईडी का अधिकारी बनकर 13 लाख की रिश्वत लेता आरोपी गिरफ्तार
आरोपी की ओर से पीड़ित से 15 लाख रुपए की डिमांड की गई थी, जिसमें 2 लाख पहले ले चुका था.

Published : February 28, 2026 at 4:58 PM IST
|Updated : February 28, 2026 at 5:28 PM IST
जयपुर : जयपुर एसीबी की टीम ने सीकर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. एसीबी ने ईडी का अधिकारी बनकर घूस लेने वाले को 13 लाख रुपए की रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार किया है. एसीबी की टीम ने रिश्वत राशि लेने के मामले में ईडी के हेड कांस्टेबल उत्तम पांडे को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने 15 लाख रुपए की मांग की थी, जिसमें वो 2 लाख रुपए पहले ले चुका था और अब 13 लाख रुपए लेने के लिए सीकर आया था. एसबी के डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में डीआईजी अनिल कयाल के सुपरविजन में कार्रवाई को अंजाम दिया गया है.
एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता के मुताबिक जयपुर एसीबी की टीम को शिकायत मिली थी कि आरोपी हेड कांस्टेबल की ओर से पीड़ित को रिश्वत राशि के लिए परेशान किया जा रहा है. किसी मामले में पीड़ित सीए को आरोपी बनाने की धमकियां दी जा रही हैं. आरोपी स्वयं को ईडी में बड़ा अधिकारी बता रहा था. आरोपी की ओर से पीड़ित पर दबाव बनाया जा रहा था कि रुपए दो, वरना आरोपी बना दूंगा. इसके बाद पीड़ित ने जयपुर एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई. एसीबी की ओर से डीआईजी अनिल कयाल के सुपरविजन में शिकायत का सत्यापन करवाया गया.
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होटल के बाहर बुलाकर किया ट्रैप : सत्यापन करवाने के बाद एसीबी की टीम ने पीड़ित को 13 लाख रुपए दिए, जिसमें 11 लाख रुपए डमी नोट थे और 2 लाख रुपए असली नोट थे. आरोपी ईडी हेड कांस्टेबल उत्तम पांडे ने पीड़ित को सीकर में एक होटल के बाहर बुलाया. होटल के बाहर रिश्वत राशि लेने के बाद आरोपी होटल के अंदर जाने लगा. इस दौरान एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी हेड कांस्टेबल उत्तम पांडे को रिश्वत राशि के साथ दबोच लिया. आरोपी की ओर से पीड़ित से 15 लाख रुपए की डिमांड की गई थी, जिसमें 2 लाख पहले ले चुका था और अब 13 लाख रुपए मांग कर परेशान कर रहा था.
एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है. एसीबी की ओर से मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज करके अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा. आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों पर तलाशी ली जाएगी. इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. आरोपी वास्तव में ईडी का कर्मचारी है या केवल विभाग के नाम से खौफ दिखा रहा था.
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक (डीजी) गोविंद गुप्ता ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान की स्पेशल यूनिट-द्वितीय जयपुर ने सीकर ट्रैप कार्रवाई करते हुए अयोध्या उत्तर प्रदेश निवासी आरोपी उत्तम पाण्डेय को परिवादी से 13 लाख रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. परिवादी की ओर से 30 दिसंबर 2025 को एसीबी जयपुर में लिखित शिकायत दी गई थी कि वर्ष 2022 में एक निजी कंपनी में निवेश के संबंध में उसके साथ धोखाधड़ी हुई थी. इस संबंध में आरोपी की ओर से परिवादी से संपर्क कर स्वयं को प्रवर्तन निदेशालय (ED), चंडीगढ़ के सहायक निदेशक कार्यालय से संबद्ध बताते हुए प्रकरण में नाम हटवाने और राहत दिलाने के बदले रिश्वत की मांग की गई. शिकायत के अनुसार आरोपी की ओर से प्रारंभ में 20 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई, जिसे बाद में घटाकर 15 लाख रुपये किया गया. अंततः 13 लाख रुपये लेने पर सहमति व्यक्त की गई.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से शिकायत का सत्यापन करने के बाद आज शनिवार को डीआईजी अनिल कयाल के सुपरविजन में डीएसपी विजय सिंह की ओर से ट्रैप कार्यवाही की गई. ट्रैप के दौरान आरोपी को होटल अशोका, कल्याण सर्किल के पास रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. आरोपी के कब्जे से कुल 13 लाख रुपये की रिश्वत राशि (2 लाख रुपये नगद और 11 लाख रुपये अन्य माध्यम से) बरामद की गई. एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है.

