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जयराम ठाकुर का ड्रीम प्रोजेक्ट, CM सुक्खू की सरकार में मोदी सरकार से मिली बड़ी मंजूरी के बाद जगी नई आस

यह प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में है. यदि केंद्र व राज्य सरकार में ठीक-ठाक केमिस्ट्री रही तो ये प्रोजेक्ट हिमाचल में पर्यटन की तस्वीर बदल देगा.

Green Field Airport
जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट को मिली बड़ी मंजूरी (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 10, 2026 at 3:28 PM IST

6 Min Read
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शिमला: हिमाचल के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने अपने कार्यकाल में एक ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम किया था. वर्ष 2022 के चुनाव में सत्ता परिवर्तन हुआ, लेकिन नई सरकार के मुखिया सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया. अब उस प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बड़ी मंजूरी दी है. यहां जिक्र मंडी की बल्ह घाटी में इंटरनेशनल ग्रीन एयरपोर्ट का हो रहा है. इस एयरपोर्ट की परियोजना को लेकर केंद्र सरकार ने साइट क्लीयरेंस को स्वीकृति दे दी है.

वित्त मंत्रालय ने इसी महीने के आरंभ में साइट क्लीयरेंस को मंजूरी दी है. इस तरह से प्रोजेक्ट के मार्ग से एक बड़ी बाधा दूर हो गई है. इससे स्पष्ट हो गया है कि अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट मंडी की बल्ह घाटी के नागचला में ही बनेगा. प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में है. यदि केंद्र व राज्य सरकार में ठीक-ठाक केमिस्ट्री रही तो ये प्रोजेक्ट हिमाचल में पर्यटन की तस्वीर बदल देगा.

हिमाचल में कोई भी बड़ा एयरपोर्ट नहीं है. ऐसे में यहां आने के लिए सैलानियों को अधिकांशत सडक़ मार्ग पर ही निर्भर रहना पड़ता है. यदि इंटरनेशनल ग्रीन एयरपोर्ट जल्द तैयार होता है तो साल भर में हिमाचल आने वाले सैलानियों की आमद में कम से कम 40 लाख की संख्या की बढ़ोतरी होगी. हिमाचल ने अपने यहां सालाना सैलानियों की आमद का लक्ष्य पांच करोड़ रखा है. ये अलग बात है कि हिमाचल में अभी सालाना दो करोड़ सैलानियों की आमद का आंकड़ा भी पूरा नहीं हुआ है. खैर, विषयांतर न करते हुए यहां फिर से इंटरनेशनल ग्रीन एयरपोर्ट पर फोकस किया जा रहा है.

कब आया विचार, कैसे आगे बढ़ा प्रोजेक्ट?

हिमाचल में पूर्व में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के समय इस प्रोजेक्ट की चर्चा शुरू हुई. तत्कालीन सीएम जयराम ठाकुर ने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया. सत्ता संभालने के बाद सीएम जयराम ठाकुर का केंद्रीय नेतृत्व से मिलने का सिलसिला शुरू हुआ. इसी कड़ी में जयराम ठाकुर 28 अप्रैल 2018 को तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु से मिले और अपने गृह जिला में एयरपोर्ट निर्माण की मांग उठाई. फिर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 7 मई 2018 को इस प्रोजेक्ट को लेकर एक टीम हिमाचल भेजने की घोषणा की.

एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया के विशेषज्ञों की चार मेंबर्स की टीम ने 10 मई 2018 को चंडीगढ़ में तत्कालीन सीएम जयराम ठाकुर को एयरपोर्ट की स्थापना को लेकर मंडी जिला में चिन्हित पांच स्थानों के सर्वे वाली रिपोर्ट प्रस्तुत की. केंद्र की टीम ने मंडी जिला के बल्ह उपमंडल के नेर ढांगु, पद्धर उपमंडल में गोगराधार व बासाधार, गोहर उपमंडल में मोवीसेरी व सदर मंडी में नंदगढ़ का सर्वे किया था.

PM मोदी से मिले थे जयराम

तत्कालीन सीएम जयराम ठाकुर ने फिर 4 अक्टूबर 2018 को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात में सीएम ने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मंडी जिला के नागचला में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर सर्वे किया है. इसमें 3479 बीघा जमीन को एयरपोर्ट निर्माण के लिए तथा बड़े हवाई जहाजों के उतरने को उपयुक्त पाया है. हालांकि इस बीच स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन पर इस परियोजना के निर्माण का विरोध भी किया, लेकिन बात किसी न किसी तरह आगे बढ़ती रही.

एक दफा हमीरपुर जिला के जाहू में इस परियोजना को निर्मित करने की बात भी चली. खैर, जब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ एमओयू हुआ था तो उस समय दो वर्ष के भीतर जमीन अधिग्रहण का लक्ष्य रखा गया था. ये लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है. प्रोजेक्ट के लिए लिडार सर्वे हो चुका है. पहले चरण में 2400 मीटर रनवे बनाया जाना प्रस्तावित है. इस पर ढाई हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. हवाई अड्डे के निर्माण पर करीब चार हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे.

पूर्व में जयराम सरकार ने दिसंबर 2019 में हुई कैबिनेट मीटिंग में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए एमओयू पर साइन करने की अनुमति दी थी. फिर 15 जनवरी 2020 को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया व हिमाचल सरकार में एमओयू हुआ. तत्कालीन जयराम सरकार ने एयरपोर्ट के सोशल इंपैक्ट का आकलन करने से जुड़ी अधिसूचना जारी की. अधिसूचना के अनुसार ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए करीब 2900 बीघा जमीन ली जानी थी. अब ये 3500 बीघा के करीब है.

15 वें फाइनेंस कमीशन ने की थी 1000 करोड़ की सिफारिश

पंद्रहवें फाइनेंस कमीशन ने मंडी के इस एयरपोर्ट के लिए अपनी रिपोर्ट में 1000 करोड़ रुपए की सिफारिश की थी. ये अलग बात है कि केंद्र सरकार ने उस सिफारिश को स्वीकार नहीं किया था. उस समय हिमाचल की सत्ता बीजेपी के हाथ में थी और फाइनेंस कमीशन से हिमाचल को 37 हजार करोड़ रुपए से अधिक की आरडीजी के साथ हवाई अड्डे के लिए एक हजार करोड़ की सिफारिश हुई थी.

स्टेप बाई स्टेप बढ़ रही सुक्खू

पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के गृह जिला मंडी के नागचला में स्थापित हो रहे इस प्रोजेक्ट को लेकर मौजूदा सरकार स्टेप बाई स्टेप आगे बढ़ रही है. सुक्खू सरकार ने हाल ही में इसके लिए मल्टी डिसिप्लिनरी एक्सपर्ट समूह का गठन किया है. ये मल्टी डिसिप्लिनरी समूह मंडी जिला के डीसी के अधीन काम करेगा. समूह ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की सोशल इंपैक्ट असेस्मेंट कमेटी की रिपोर्ट का मूल्यांकन करेगा. सोशल इंपैक्ट असेस्मेंट कमेटी ने भूमि अधिग्रहण व इसके सामाजिक प्रभावों को लेकर आकलन रिपोर्ट तैयार की है. इसी रिपोर्ट का मूल्यांकन ये समूह करेगा. समूह को दो महीने में अपनी रिपोर्ट देनी है.

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