स्टाइपेंड बढ़ाने और बॉन्ड अवधि घटाने की मांग, जगदलपुर में जूनियर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा 17 सूत्रीय ज्ञापन
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के सदस्य ने कहा- कई राज्यों से कम है छत्तीसगढ़ में स्टाइपेंड, दो वर्ष का अनिवार्य बॉन्ड भी हो कम

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 9, 2026 at 5:41 PM IST
जगदलपुर: प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के बस्तर दौरे के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर उनसे मुलाकात की और 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा. डॉक्टरों ने इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, अनिवार्य बॉन्ड अवधि कम करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं.
बाकी राज्यों से कम स्टाइपेंड
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के सदस्य डॉ ए प्रशांत का कहना है कि छत्तीसगढ़ में इंटर्न और पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों को मिलने वाला स्टाइपेंड देश के कई राज्यों, यहां तक कि पड़ोसी झारखंड की तुलना में भी काफी कम है. इससे प्रदेश में योग्य मेडिकल प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें यहां सेवाएं देने के लिए प्रेरित करने में कठिनाई हो रही है.
बॉन्ड को लेकर भी मांग
एसोसिएशन ने मांग की है कि स्टाइपेंड को अन्य राज्यों के समकक्ष किया जाए. इसके साथ ही एमडी के बाद लागू दो वर्ष की अनिवार्य बॉन्ड अवधि को घटाकर एक वर्ष करने और बॉन्ड अवधि के दौरान दिए जाने वाले वेतन में भी बढ़ोतरी की मांग की गई है. वर्तमान में बॉन्ड अवधि के दौरान मिलने वाला वेतन उनके पीजी स्टाइपेंड से भी कम है. जिससे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
डॉक्टर्स का कहना है कि मांगें केवल चिकित्सकों के हित से जुड़ी नहीं हैं बल्कि इन पर सकारात्मक निर्णय होने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी. इससे मरीजों को भी बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी. स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद ज्ञापन पर सकारात्मक विचार करने और मांगों पर जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.

