ETV Bharat / state

सिहोरा में दो गुटों के बीच विवाद ने लिया हिंसक रूप, 12 थानों की पुलिस बुलानी पड़ी

जबलपुर के सिहोरा में दो गुटों के बीच तनाव के बाद मारपीट. दो लोग घायल. पुलिस ने 15 लोगों को लिया हिरासत में.

Jabalpur Sehora violence
जबलपुर के सिहोरा में तनाव, पुलिस बल तैनात (ETV BHARAT)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 20, 2026 at 2:33 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

जबलपुर : सिहोरा में आमने-सामने स्थित दो वर्गों के धार्मिक स्थलों पर लगे साउंड सिस्टम को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया. दो गुटों के बीच विवाद में दो लोग घायल हुए हैं. पुलिस ने 15 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है.

मारपीट के बाद होने लगा पथराव

सिहोरा मैं एक ही समय पर दो धार्मिक स्थानों से तेज आवाज में साउंड बॉक्स बज रहे थे. एक धार्मिक स्थल से निकले लोगों ने दो लोगों के साथ जमकर मारपीट कर दी. इसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई और एक धार्मिक स्थल पर जमकर पत्थर फेंके गए. सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा. इससे पहले ही पत्थरबाज भाग चुके थे. लेकिन शहर में तनाव व्याप्त हो गया.

पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय (ETV BHARAT)

धारा 144 लगाने की बात गलत

मामले की गंभीरता देखते हुए 12 थानों की पुलिस सिहोरा में बुला ली गई. जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत्ति उपाध्याय, डीआईजी अतुल सिंह शहर कई पुलिस अधिकारी सिहोरा में ही मौजूद हैं. पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने बताया "अब शांति है. अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है कि आखिर यह विवाद क्यों और कैसे हुआ. क्या इसकी कोई पूर्व तैयारी थी या फिर अनायास ही विवाद शुरू हो गया. इलाके में अभी धारा 144 नहीं लगाई गई."

Jabalpur Sehora violence
पुलिस की सख्ती, रुक-रुक कर हो रहे प्रदर्शन (ETV BHARAT)

पुलिस की सख्ती, रुक-रुक कर हो रहे प्रदर्शन

पुलिस की नजर हरेक आने-जाने वाले व्यक्ति पर है. घटना के बाद अभी भी कई धार्मिक संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. यह स्थान घनी आबादी के बीच में है. मध्य प्रदेश में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 लागू है. इसके तहत ध्वनि विस्तारक यंत्रों से एक नियत आवाज से ज्यादा के साउंड बॉक्स नहीं बजाये जा सकते. इसके साथ ही लाउडस्पीकर पर भी प्रतिबंध है.

बच्चों के एग्जाम के समय साउंड सिस्टम बंद हों

पत्रकार गंगा चरण मिश्रा का कहना है "इन दिनों बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं. ऐसी स्थिति में धार्मिक लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान न पड़े. प्रशासन को भी कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत तेज आवाज में बज रहे ध्वनि विस्तारक यंत्रों को रोकना चाहिए. शहर में बहुत तेज आवाज के साउंड बॉक्स धार्मिक स्थानों पर बजाए जाते हैं और इन पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है. प्रशासन भी तेज आवाज के साउंड बॉक्स पर कानूनी कार्रवाई नहीं करता."