RSS पर बैन की 3 कोशिशें फेल, जनता ने स्वीकारा, कांग्रेस बताए असल मकसद: दत्तात्रेय होसबोले
जबलपुर में आरएसएस कार्यकारिणी की बैठक में सालभर का कार्यक्रम तय. कांग्रेस से सवाल कि जब बीजेपी से संघ का सीधा संबंध नहीं तो नए बैन कॉल का मकसद क्या है?

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : November 1, 2025 at 5:23 PM IST
|Updated : November 1, 2025 at 5:46 PM IST
जबलपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद कांग्रेस को साफ जवाब दिया गया. आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा "संघ पर कांग्रेस ने पहले भी प्रतिबंध लगाने की 3 बार कोशिश की है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संघ पर प्रतिबंध लगाने की जो बात कही है, वह कांग्रेस में नई नहीं है. इससे पहले भी कांग्रेस की संघ पर प्रतिबंध लगाने की कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं, मगर जनता ने उन्हे स्वीकार किया है. अब कांग्रेस का असल मकसद क्या है वो ही जानें."
आरएसएस को जनता पसंद करती है
आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा "कांग्रेस को यह बताना होगा कि आखिर वह क्यों संघ पर प्रतिबंध लगवाना चाहती है. उसे कारण स्पष्ट करना होगा. संघ पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश पहले भी विफल रही है. संघ से लगातार लोग जुड़ रहे हैं. इससे स्पष्ट है कि संघ को जनता पसंद करती है."
संघ की बड़ी बैठक के बाद 3 वक्तव्य जारी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक के तीसरे दिन 03 वक्तव्य जारी किए गए. इनमें वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर जन जागरण का कार्यक्रम, भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के कार्यक्रम और गुरु तेग बहादुर के 350 वे वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम किए जाएंगे.
देशभर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता घर-घर जनसंपर्क करेंगे और एक लाख से ज्यादा हिंदू सम्मेलनों पर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी. जबलपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दत्तात्रेय होसबोले ने 3 दिन की कार्यकारिणी की बैठक के मुख्य बिंदुओं की जानकारी दी.
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को लेकर जनजागरण
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने बताया "इस साल राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं. इसलिए एक बार फिर वंदे मातरम् को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा. इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जन जागरण का काम करेगा. आरएसएस ने राष्ट्रगीत के 100 साल पूरे होने पर भी इसी तरह का कार्यक्रम किया था. लेकिन आपातकाल लगने के बाद यह कार्य आगे नहीं बढ़ पाया."
गुरु तेग बहादुर भारतीय परंपरा के नक्षत्र
दत्तात्रेय होसबोले ने बताया "इस साल गुरु तेग बहादुर का 350 व प्रेरणादायी दिवस है. संघ के कार्यकर्ता इसे पूरे देश में मनाएंगे. संघ की छोटी-बड़ी संगोष्ठियों में गुरु तेग बहादुर के बारे में चर्चा होगी. पंजाब में भी धर्मांतरण की समस्या है और सिख धर्म के लोग धर्मांतरण का शिकार हो रहे हैं. संघ ने आदिवासियों में धर्मांतरण को खत्म करने के लिए आदिवासी महापुरुष बिरसा मुंडा को लेकर कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है. संघ के हर कार्यक्रम में अब बिरसा मुंडा को लेकर चर्चा होगी."
इसके माध्यम से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वनवासी और जनजाति क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करेगा. बिरसा मुंडा ने केवल अंग्रेजों से लड़ाई नहीं लड़ी बल्कि उन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ भी आंदोलन किए थे. इसके अलावा पश्चिम बंगाल को लेकर संघ ने अलग से रणनीति बनाई है, वहां संघ समरसता चाहता है.
युवाओं में नशे की प्रवृत्ति खतरनाक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कार्यकारिणी की बैठक में नक्सली हिंसा भी चर्चा में हुई. दत्तात्रेय होसबोले ने बताया "नक्सली हमारे ही भाई हैं, लेकिन वे मुख्य धारा से भटक गए. वे अब नक्सलवाद छोड़कर वापस मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं. इसलिए हम उनका स्वागत करते हैं. बैठक में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चर्चा हुई है. संघ अपने स्तर पर अपने कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को कम करने की कोशिश करेगा."
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32 लाख से ज्यादा लोगों ने मनाया शताब्दी वर्ष
दत्तात्रेय होसबोले ने बताया "बीते दिनों संघ के 100 साल पूरे होने पर देशभर में 32 लाख से ज्यादा लोगों ने गणवेश पहनकर उत्सव मनाया. इस साल संघ 10 हजार नई शाखाओं की शुरुआत करेगा. यह जरूरी नहीं है कि जो संघ की शाखा में जा रहा है वही हमारा कार्यकर्ता है. यदि कोई अपने क्षेत्र में राष्ट्र के निर्माण का कार्य कर रहा है तो वह भी हमारा साथी है. प्रणब मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता थे. कार्यमुक्त होने के बाद वे संघ के कार्यालय भी पहुंचे थे."
हमारा बीजेपी से सीधा संबंध नहीं
उन्होंने कहा "भारतीय जनता पार्टी से हमारा सीधा नाता नहीं है. बहुत सारे कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं. संघ के कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी के साथ कई दूसरी पार्टियों में भी हैं. बिहार चुनाव को लेकर संघ की ओर से स्पष्ट कहा गया है हम चुनाव पर कोई वक्तव्य नहीं देते लेकिन ज्यादा से ज्यादा लोगों को मतदान में हिस्सा लेना चाहिए."

