6 किलोमीटर लंबी सड़क चोरी! जमीन पर नहीं सिर्फ कागजों पर दिख रही रोड, कोर्ट ने मांगा जवाब
जबलपुर में बिना सड़क बनाए निकाल लिया गया पैसा, मध्य प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक हुई शिकायत, कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट पहुंचे ग्रामीण.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 7:08 PM IST
|Updated : February 25, 2026 at 7:58 PM IST
जबलपुर: कभी सुना है कि सड़क चोरी हो गई, शायद नहीं लेकिन ऐसा हकीकत में हुआ है. मामला कटंगी तहसील से जुड़ा है यहां एक सड़क चोरी हो गई है. ऐसा इस गांव के लोगों का कहना है. स्थानीय लोगों ने सड़क चोरी की शिकायत स्थानीय विधायक, मंत्री, सांसद से लेकर मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से भी की है लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी और इसे गंभीरता से नहीं लिया. जिसके बाद गांव के लोगों ने जनहित याचिका लगाकर कोर्ट को पूरी सच्चाई बताई.
अब कोर्ट ने मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है कि आखिर 6 किलोमीटर की लंबी सड़क बिना बने कागजों पर कैसे दिख रही है. उसका पैसा कैसे निकल गया और वह कौन लोग हैं, जिन्होंने भ्रष्टाचार किया फिर भी अब तक सजा से बचे हुए हैं.
जमीन पर नहीं सिर्फ कागजों पर बनी सड़क
जबलपुर के कटंगी तहसील में सिमरिया गांव से छपरी गांव तक के लिए रोड नहीं थी. इसलिए लोगों ने इसे बनवाने के लिए लंबा संघर्ष किया और 2018 के चुनाव में चुनाव का बहिष्कार भी किया. इसके बाद प्रशासन जागा और प्रशासन ने डीपीआर तैयार करवाया. इसके बाद सिमरिया से छपरी के बीच में रोड सेंक्शन हो गया. लेकिन इस बात की जानकारी गांव वालों को नहीं थी. वहीं, सड़क कागजों पर बनना शुरू हो गई और बनकर पूरी भी हो गई. लेकिन जमीन पर कहीं डामर-गिट्टी तक नजर नहीं आया.
फोटो खिंचवाने के बोर्ड ने खोला राज
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट एडवोकेट दिनेश उपाध्याय ने बताया, "कागजों पर बनी इस सड़क का पर्दाफाश तब हुआ, जब सड़क निर्माण में लगे अधिकारियों को सड़क की फोटो खिंचवाने थी. अधिकारियों ने एक दूसरी सड़क पर सिमरिया छपरी पहुंच मार्ग का बोर्ड लगा दिया और फोटो खींच ली. जब लोगों को इस बात का पता लगा कि उनके गांव की सड़क का बोर्ड कहीं और लगा हुआ है, तब लोगों ने इसकी पड़ताल शुरू की. जिसमें पता चला कि उनके गांव की सड़क कागजों पर बन भी गई है और उसका पैसा भी निकाल लिया गया है. लेकिन जमीन पर सड़क नहीं बनाई है."

प्रधानमंत्री तक भेजी गई शिकायत
इस पर ग्रामीणों ने सड़क चोरी होने की बात कही और इसकी शिकायत की. सिमरिया छपरी के गांव के लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया और विधायक, सांसद, मंत्री, मध्य प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री तक भ्रष्टाचार की शिकायती पत्र लिखे. लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की और आज तक उनकी सड़क भी नहीं बनी.
कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट पहुंचे ग्रामीण
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर बैंक से रिटायर मैनेजर रामकुमार पटेल ने एडवोकेट दिनेश उपाध्याय की मदद से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई. जिसमें दिनेश उपाध्याय ने कोर्ट के सामने पूरी कहानी सुनाई. अब कोर्ट ने इसमें नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि इसमें मध्य प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री सड़क निर्माण के अधिकारी अपना जवाब पेश करें.

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वहीं, जिस रोड पर सिमरिया छपरी पहुंच मार्ग लगाया गया था, उस गांव के लोगों ने कहना है कि इस बोर्ड की वजह से आने जाने वाले लोग कंफ्यूज हो रहे हैं. इसलिए बोर्ड हटाया जाए.

