जबलपुर में बीते 5 साल में कितनों ने गंवाई जान?, डरा देगा रोड एक्सीडेंट में मरने वालों का आंकड़ा
जबलपुर में 2025 में 630 लोगों ने गंवाई जान, शहर में साल दर साल बढ़ रही सड़क दुर्घटना में हताहत होने वालों की संख्या.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 22, 2026 at 11:06 PM IST
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर की सड़कें सुरक्षित नहीं है. साल 2020 से लगातार हर साल जबलपुर की सड़क हादसों में मौत के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने बताया "साल 2025 में जबलपुर में 630 लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हुई है. यह आंकड़ा चिंताजनक है क्योंकि जबलपुर में 2021 से अब तक हर साल सड़क दुर्घटना में मौत की संख्या बढ़ती ही जा रही है."
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर सावधानीपूर्वक और धीमी गति से गाड़ी चलाएं ताकि एक्सीडेंट की संख्या भी घटे और सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु की भी कम हो.
साल दर साल बढ़ रही मौतों की संख्या
पुलिस अधीक्षक ने बताया "जबलपुर में हर साल सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है और इन में होने वाली मृत्यु की संख्या भी बढ़ रही है. इसलिए सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर और अधिक काम करने की जरूरत है. इसी के चलते आज जबलपुर के ट्रैफिक व्यवस्था में लगी पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की गई."
| साल | दुर्घटना | घायल | मौत |
| 2020 | 3123 | 3257 | 419 |
| 2021 | 3471 | 3756 | 485 |
| 2022 | 3698 | 4181 | 532 |
| 2023 | 4205 | 4753 | 545 |
| 2024 | 3928 | 4720 | 589 |
| 2025 | 3382 | 3970 | 630 |
ट्रैफिक व्यवस्था में एडिशनल एसपी से लेकर थानेदार तक तैनात
जबलपुर पुलिस में ट्रैफिक व्यवस्था देखने के लिए अलग से पूरा स्टाफ है. ट्रैफिक का एडिशनल एसपी, सीएसपी और थानेदार से लेकर ढ़ेर सारे आरक्षक शामिल हैं. इसके अलावा थाने का स्टाफ भी कभी-कभी ट्रैफिक में मदद करता है, लेकिन इसके बावजूद रोड एक्सीडेंट की संख्या में कमी नहीं आ रही है.
इन कारणों से बढ़ रही दुर्घटना
जबलपुर पुलिस की एडिशनल एसपी ट्रैफिक अंजना तिवारी ने बताया "शहर में कई ब्लैक स्पॉट है जहां गाड़ियां अक्सर टकराती हैं. इसके साथ ही शहर के आस-पास स्पॉट सड़कों की संख्या बढ़ रही है जिनमें गाड़ियां तेज रफ्तार से चलती हैं. इसलिए एक्सीडेंट और एक्सीडेंट में मौतों की संख्या बढ़ रही है."
केंद्र और राज्य मंत्रालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट
जबलपुर से ज्यादा मृत्यु और एक्सीडेंट की संख्या इंदौर जिले की है, हालांकि इंदौर की जनसंख्या जबलपुर से बहुत अधिक है. जनसंख्या के हिसाब से 2024 में जबलपुर देश के उन शहरों में शामिल था जहां एक्सीडेंट हुए और एक्सीडेंट के बाद सबसे अधिक मौतें हुई.
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जबलपुर पुलिस अधीक्षक ने कहा "इन आंकड़ों के आधार पर हम उन हॉटस्पॉट को चिन्हित कर रहे हैं जहां सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं. इसके बाद यह जानकारी राज्य सरकार के परिवहन मंत्रालय और केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय को भेजी जाएगी. एक्सीडेंट के ब्लैक स्पॉट को खत्म करने की जिम्मेदारी रोड बनाने वाली संस्थाओं की भी होती है."

