मध्य प्रदेश में आ गई वीबी जी राम जी योजना, प्रहलाद पटेल ने बता डाले अनगिनत फायद
मध्य प्रदेश में जी राम जी योजना की हुई शुरुआत, जबलपुर में कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल की शुरुआत, बताए योजना के फायदे. जबलपुर से विश्वजीत सिंह राजपूत की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 2, 2026 at 7:42 PM IST
|Updated : July 2, 2026 at 8:51 PM IST
जबलपुर: मनरेगा की जगह केंद्र सरकार की मदद से चलने वाली विकसित भारत जी राम जी योजना मध्य प्रदेश में लागू हो गई है. पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने जबलपुर में इस योजना की शुरुआत की. अब इस योजना के तहत बेरोजगार ग्रामीण लोगों को 100 की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा. राज्य सरकार को 40% का अंशदान देना होगा. इसके साथ ही जी राम जी योजना में यह प्रावधान रखा गया कि राज्य सरकारों को 60 दिन का कैलेंडर तैयार करने का अधिकार है. इन दिनों में जी राम जी का काम बंद रहेगा.
मध्य प्रदेश में जी राम जी योजना शुरू
जबलपुर में गुरुवार से मनरेगा की जगह विकसित भारत जी राम जी योजना की शुरुआत हुई. इस मौके पर मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि "जहां पहले मनरेगा योजना में 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, वहीं नई योजना में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है. हालांकि पहले जहां मनरेगा योजना में केंद्र सरकार की ओर से ज्यादा मदद मिलती थी, वहां अब राज्य सरकार को विकसित भारत जी राम जी योजना में 40 प्रतिशत अंशदान देना होगा और 60% राशि केंद्र सरकार से मिलेगी.
खेती के समय बंद होंगे योजना के काम
प्रहलाद पटेल ने बताया कि मनरेगा योजना के समय किसानों ने इस बात पर आपत्ति की थी कि जब खेती का काम होता है, तभी मनरेगा का काम भी चलता है. ऐसी स्थिति में किसानों के लिए काम करने वाले मजदूर नहीं मिलते थे और खेती प्रभावित होती थी. इसलिए नई योजना में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि जब किसानों के खेतों में मजदूरों को काम होगा, तब योजना के काम बंद होंगे. हालांकि प्रधानमंत्री आवास के निर्माण में भी सरकारी रोजगार मिलता है, यह प्रावधान नहीं हटाया जाएगा.
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंचायत में होने वाले विकास कार्य अब लगभग समाप्त होने वाले हैं. यहां तक की 2027 के अंत तक अब तक की प्रधानमंत्री आवास की सूची भी पूर्णता की ओर है. ऐसी स्थिति में पंचायत के सामने एक नई समस्या खड़ी है कि अब उनके गांव में काम नहीं बचे हैं, हालांकि सरकार ने 100 लोगों की आबादी, 20 घर की बस्ती या फिर 6000 वर्ग फीट में यदि लोग रह रहे हैं, तो उसे नई आबादी मानते हुए उसके लिए भी सुविधाएं विकसित करने की बात कही है.

उन्होंने कहा कि अब पंचायत को यह तय करना होगा कि विकसित भारत जी राम जी योजना में मजदूरों को काम कहां दिया जाएगा, क्योंकि योजनाएं समाप्त हो रही हैं. ऐसी स्थिति में या तो पानी के संरक्षण के लिए तालाब खोदना है, पर्यावरण सुधारने के लिए वृक्ष लगाने हैं या फिर रोजगार के लिए कोई दूसरे काम करने होंगे."
- शिवराज ने संसद में कांग्रेस से किया सवाल, इन विभूतियों के नाम पर क्यों नहीं बनी कोई योजना
- मध्य प्रदेश में फ्री नहीं मिलेगा पानी, गांवों को भी देना होगा वाटर टैक्स, आ गया नया नियम
पानी के दुरुपयोग को रोकने बनाए गए सख्त नियम
नल जल योजना के तहत गांव-गांव पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन नल जल योजना में सरकार ने एक नया नोटिफिकेशन जारी किया है. जिसके तहत यदि नल जल योजना के तहत आने वाले पानी से कोई मवेशी नहलाता है, गाड़ी धोता है या इस पानी का कोई दुरुपयोग करता है, तो उसे ₹500 से लेकर ₹1000 तक का जुर्माना देना होगा. इस पर प्रहलाद पटेल का कहना है कि "यह जरूरी था, क्योंकि आने वाले समय में पानी की कमी की स्थिति है. ऐसे में पानी का दुरुपयोग ना हो इसलिए इस नियम को मजबूत किया गया है."

