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सुमित्रा वाल्मीकि की कार में टक्कर मारने वाला पकड़ाया, पुलिस ने चेक की थी सैकड़ों गाड़ियां व कैमरे

जबलपुर में 20 फरवरी को राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि की कार की टक्कर का मामला, आरोपी निकला एसएएफ बटालियन में हेड कांस्टेबल का बेटा.

SUMITRA BALMIK CAR HIT case
सुमित्रा वाल्मीकि की कार में टक्कर का मामला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : March 2, 2026 at 1:35 PM IST

3 Min Read
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रिपोर्ट: विश्वजीत सिंह राजपूत

जबलपुर: जबलपुर में 40 कैमरों और रांझी इलाके की हर कार की जांच करने के बाद आखिरकार मिल ही गया राज्यसभा सांसद की कार में टक्कर मारने वाला आरोपी. पुलिस के मोनो (Symbol) वाली कार ने मारी थी राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि की कार में टक्कर. पुलिस के डर से घर में छिप गया था आरोपी. आरोपी का पिता जबलपुर के एसएएफ बटालियन में हेड कांस्टेबल है.

गोकलपुर के पास सांसद की इनोवा गाड़ी को स्विफ्ट कार ने मारी थी टक्कर

20 फरवरी को जबलपुर से राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद रात को करीब 11:00 जबलपुर के अंधमुक बाईपास से अपने घर रांझी के लिए जा रही थीं. इसी दौरान गोकलपुर के पास उनकी सरकारी इनोवा गाड़ी में एक स्विफ्ट कार ने तेजी से टक्कर मारी. टक्कर बहुत तेज थी सुमित्रा वाल्मीकि का वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन टक्कर मारने वाला मौके से फरार हो गया.

सुमित्रा वाल्मीकि की कार में टक्कर मारने वाला पकड़ा गया (ETV Bharat)

सुमित्रा वाल्मीकि के ड्राइवर ने दर्ज कराया था मामला

इस घटना के बाद सुमित्रा वाल्मीकि के ड्राइवर ने रांझी थाने में अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी. चूंकि, मामला राज्यसभा सांसद से जुड़ा हुआ था इसलिए पुलिस ने इस मामले की तहकीकात तेजी से शुरू की और इस रोड पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरे तलाशे गए.

रांझी के थाना प्रभारी उमेश गोलानी ने बताया कि "राज्यसभा सांसद की गाड़ी में टक्कर के मामले में इस पहलू की जांच की जा रही थी कि किसी ने जानबूझकर राज्यसभा सांसद की गाड़ी में टक्कर तो नहीं मारी है. इसलिए रांझी के व्हीकल मोड़ तक लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई. इसके आगे के कैमरों में यह स्विफ्ट गाड़ी नहीं दिख रही है. इसलिए इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था की टक्कर मारने वाला इस सड़क से आगे नहीं गया है और जब इस इलाके की सभी स्विफ्ट कारों की जांच की गई तो एक स्विफ्ट कार में पुलिस का मोनो लगा हुआ दिखा जो एक सीसीटीवी कैमरे में भी नजर आ रही थी."

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उमेश गोलानी ने कहा "दरअसल, यह कार मनीष धनधरिया नाम के एक युवक की है. वह एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है और उसके पिता एसएएफ में हेड कांस्टेबल हैं. इसलिए उसने अपनी कार में पुलिस का लोगो लगवाया हुआ है. पुलिस ने मनीष को हिरासत में ले लिया है. हालांकि, मनीष का कहना है कि उसने जानबूझकर यह टक्कर नहीं मारी है वह एक पार्टी से लौट रहा था उसी दौरान यह हादसा हुआ. मनीष का कहना है कि वह एक्सीडेंट के बाद डर गया था, इसलिए वहां से भाग गया. उसका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है फिर भी एक्सीडेंट के मामले में उसे हिरासत में लिया गया है और कार को जप्त कर लिया गया है."