जबलपुर में डॉग लवर का मेला, नजर आए अलग-अलग ब्रीड के कुत्ते, विदेशी जज करेंगे चुनाव
जबलपुर में हो रहा डॉग कैनल शो, देश के अलग-अलग राज्यों से कई नस्ल के डॉग लेकर पहुंचे लोग, विदेशी बने जज.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 28, 2025 at 7:33 AM IST
|Updated : December 28, 2025 at 10:15 AM IST
जबलपुर: संस्कारधानी में एक बार फिर डॉग लवर का मेला लगा हुआ है. महाकौशल कैनल शो में इस बार चीन का शुजु, महाराष्ट्र का पासमी हाउंट और ब्रिटिश नेशनल का रफ कोली सभी के आकर्षण का केंद्र बने रहे. इस शो को जज करने के लिए न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया से जज भी पहुंचे. इस आयोजन में भारत के कई राज्यों के 250 से ज्यादा डॉग्स डॉग लवर के साथ पहुंचे.
जबलपुर में डॉग लवर के लिए शो
जबलपुर में बीते कई सालों से एक कैनल शो का आयोजन हो रहा है. जिसे महाकौशल कैनल शो के नाम से जाना जाता है. इस कैनल शो का आयोजन कैनल क्लब का महाकौशल करता है. इस समिति के सदस्य डॉक्टर अंकुर चौधरी ने बताया कि "इस बार लगभग 25 से 30 प्रजातियों के 300 से ज्यादा डॉग्स के इस शो में शामिल हो रहे हैं. महाकौशल कैनल शो में कोलकाता, देहरादून, मुंबई, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से डॉग लवर्स पहुंचे हैं. इस शो को जज करने के लिए ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड और साउथ कोरिया के डॉग एक्सपर्ट बी जबलपुर में हैं."
मुंबई से चीनी Suzu लेकर पहुंचा शख्स
महाकौशल कैनल शो में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से विष्णु भवे जबलपुर पहुंचे थे. उनके पास में एक अनोखा डॉग है, फीमेल डॉग चीन की एक नस्ल है. जिसे suzu के नाम से जाना जाता है. विष्णु भवे ने बताया कि " पहली बार सुजु किसी डॉग शो में शामिल होने के लिए आई है. विष्णु का कहना है कि वे अभी एक डॉग ट्रेनर हैं, इस शो में शामिल होने के लिए मुंबई से आए हैं. उनके पास जो फीमेल डॉग है. वह चीन से आई है. उस नस्ल के डॉग को चीन की रानी बहुत पसंद करती थी. वह हमेशा उसे अपने पास रखती थी. यह छोटे कुत्ते होते हैं. जिन्हें घरों के भीतर पाला जाता है. विष्णु का कहना है कि उनकी फीमेल डॉग अब तक चार डॉग शो जीत चुकी है."

कैसे होता है बेस्ट डॉग का चुनाव
महाराष्ट्र के कोल्हापुर से आए शिवा ने बताया कि "वह एक लैब्राडोर लेकर आए थे. उन्होंने बताया कि एक डॉग शो एक डॉग लवर के लिए किसी फेस्टिवल की तरह होता है. डॉग शो में सबसे पहले कुत्ते का शारीरिक परीक्षण होता है. उसमें उसका वजन, बीमारी के बारे में जानकारी ली जाती है. इसके बाद डॉग लवर उसका शो में प्रदर्शन देखते हैं कि वह अपने ट्रेनर की कितनी बात मानता है. फिर उसकी ब्लडलाइन चेक की जाती है. उसके शेप साइज के बाद यह तय होता है कि यह डॉग किसी शो का विनर रहेगा या नहीं.

शिवा का कहना है कि इंडियन कैनाल सोसाइटी में पूरे भारत से लगभग डेढ़ से 2 लाख कुत्तों का रजिस्ट्रेशन है. उन्होंने बताया कि यह एक बड़ी इंडस्ट्री बन गई है. डॉग लवर के लिए पूरे साल इवेंट चलते रहते हैं.

इस डॉग शो में विदेशी कुत्ते लैबराडोर, डाबरमैन, गोल्डन रिट्रीवर जैसे डॉग्स तो शामिल हुए ही हैं, लेकिन इनके साथ ही देसी नस्ल के कुछ बेहतरीन कुत्तों ने भी प्रदर्शन किया. इसमें महाराष्ट्र का देसी नस्ल का कुत्ता पासमी हाउंट आकर्षण का केंद्र बना रहा. यह काले कलर का कुत्ता शिकारी कुत्ता माना जाता है.
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रफ कोली
इस डॉग शो में कई शानदार गोल्डन रिट्रीवर डॉग्स आए थे, लेकिन यहां पर सब की नजर रफ कोली पर थी. रफ कोली ब्रिटिश नस्ल का कुत्ता है. इसे वहां चरवाहे पलते हैं. यह बेहद समझदार फुर्तीला लेकिन शांत प्रवृत्ति का कुत्ता होता है. हालांकि इसके पालने वाले जबलपुर से ही इसे लेकर पहुंचे थे. यह बहुत ही अनुशासित और प्यारा सा डॉग था और इसी के शांत होने की वजह से लोग इसे प्यार भी दे रहे थे.

