दिल्ली के वायु प्रदूषण को खत्म करने का जुगाड़, कबाड़ से बनाई डी-फॉगर मशीन
जबलपुर नगर निगम के मैकेनिक ने सवा करोड़ की डी-फॉगर मशीन सवा लाख में बनाई, प्रदूषण से लोगों को देगी राहत.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 17, 2025 at 7:23 PM IST
जबलपुर: नगर निगम के गैराज मैकेनिकों ने एक जुगाड़ का फोगर बनाया है. इस मशीन को बनाने में मात्र सवा लाख रुपए का खर्च आया है, जबकि बाजार में नई मशीन की कीमत सवा करोड़ रुपये है. इस मशीन के उपयोग से हवा में पानी की फुहार को छोड़कर हवा के प्रदूषण को बहुत हद तक कम किया जा सकता है. दिल्ली जैसे शहरों में जहां प्रदूषण खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है, वहां इस तरह की मशीन कुछ हद तक राहत पहुंचा सकती है.
प्रदूषण को नियंत्रित करने का बनाया जुगाड़
इससे पहले जबलपुर नगर निगम ने एक फोगर मशीन खरीदी थी, जो लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपए में थी. लेकिन वर्तमान में जबलपुर नगर निगम की वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि और ज्यादा महंगी मशीन खरीदी जा सके. इसलिए एक जुगाड़ बनाया गया है.
महापौर ने दिए थे फॉगर मशीन बनाने के निर्देश
जबलपुर नगर निगम के महापौर ने बीते दिनों जबलपुर नगर निगम के गैराज में काम करने वाले अधिकारी और मैकेनिक को एक टास्क दिया था कि वे नगर निगम में मौजूद सामानों से फॉगर मशीन बनाने की कोशिश करें. जिसके बाद मैकेनिक्स ने फॉगर मशीन बनाने का कुछ प्रयोग किया जो सफल रहे. मैकेनिक्स द्वारा बनाई गई मशीन की मदद से वाटर स्प्रे कर प्रदूषण को कम किया जा सकता है.
कबाड़ से बना दिया फॉगर मशीन
जबलपुर नगर निगम के गैरेज के मैकेनिक रामचंद्र बताते हैं कि "हमारे पास एक जेट मशीन थी, जो पूरी तरह कबाड़ हो गई थी. इसे नगर निगम ने कबाड़ में बेचने के लिए खड़ा किया था. हमने इसी मशीन पर प्रयोग करना शुरू किया और पहले मशीन का पंप ठीक किया. इसके बाद टैंक को काटकर थोड़ा छोटा किया और पीछे फॉगिंग के लिए जेट्स लगा दिए. जिससे हमारा कबाड़ से बना हुआ फॉगर तैयार हो गया.

सवा करोड़ की मशीन सवा लाख में बनाई
नगर निगम के मैकेनिक की टीम ने मिलकर यह काम किया है. इसी टीम के एक सदस्य सुरेंद्र बताते हैं कि "इस पूरी मशीन को नए सिरे से बनाने में लगभग सवा लाख रुपए का खर्च आया है, लेकिन हमने सवा करोड़ की गाड़ी बना दी है. अभी भी इसमें कुछ काम होने बाकी हैं."

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फॉगर मशीन के लिए अलग से इंजन की जरूरत नहीं
रामचंद्र का कहना है कि "पहले इस जेट मशीन से नालों की सफाई की जाती थी इसलिए इसका पंप बहुत ताकतवर है. यह मशीन फॉगिंग का काम तो करेगी ही इसके साथ ही इसका जेट स्प्रे भी चालू है. इसके साथ ही इसके पंप को चलाने के लिए अलग से किसी इंजन की जरूरत भी नहीं पड़ती, यह ट्रक के इंजन से ही चल जाता है. हम लोग आगे इस तरह की और भी मशीन बनाने वाले हैं."

