गटर का जहर कैसे जनता के पेट में जा रहा? जबलपुर में 20 किलोमीटर में फैला जहरीला जाल
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का स्वतः संज्ञान पर एक्शन. जबलपुर में लॉ स्टूडेंट के पत्र पर हाईकोर्ट ने पूछा, 20 किलोमीटर इलाके में सीवर का ज़हरीला पानी लोगों के पेट में कैसे जा रहा है?

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : November 25, 2025 at 8:42 AM IST
|Updated : November 25, 2025 at 12:13 PM IST
जबलपुर: किसानों की फसल को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है. शहर का गंदा पानी जिन नालों में छोड़ा जा रहा है. उस पानी से किसान फसल उगा रहे हैं. इन फसलों की वजह से आम आदमी के खाने में गंदगी पहुंच रही है, इससे लोग बीमार हो रहे हैं. हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने नाले पर लगी मोटरों को अलग करवाया है. डॉक्टर का कहना है कि नाले के गंदे पानी से उपजी सब्जियां आम आदमी को गंभीर रूप से बीमार कर सकती है.
लॉ स्टूडेंट ने हाईकोर्ट को लिखा पत्र, जज ने लिया संज्ञान
जबलपुर के एक लॉ स्टूडेंट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा था. इसमें कानून के छात्र ने बताया था कि "जबलपुर शहर से निकलने वाले कई नाले जब शहर से बाहर होते हैं, तो इनके पानी का इस्तेमाल खेती के लिए किया जाता है. लॉ स्टूडेंट ने इस पानी को मानव जीवन के लिए खतरनाक बताया था." इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा ने एक स्वत: संज्ञान याचिका तैयार करवाई. नगर निगम और जिला प्रशासन को आदेश दिया कि नाले के पानी का इस्तेमाल करने वाले किसानों के खिलाफ कार्यवाही की जाए और उनके पंप निकले जाएं.
हाई कोर्ट के आदेश पर सक्रिया हुआ नगर निगम
हाईकोर्ट के आदेश के तुरंत बाद जबलपुर नगर निगम सक्रिय हो गया. निगम के कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि "हमने कई टीम में बनाई है, जो नाले के किनारे हर किसान की जानकारी ले रही है कि कोई किसान यदि नाले के पानी में पंप लगाकर सिंचाई कर रहा है, तो पंप हटाए जाएंगे. किसानों को हिदायत दी जाएगी. साथ ही किसानों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जा रही है और जुर्माना भी लगाया जा रहा है."

जबलपुर नगर निगम की टीम जैसे ही मोती नाला के किनारे शहर से बाहर आगे बढ़ी, तो कई किसानों के खेतों पर उन्हें पंप मिले. फिलहाल नगर निगम की टीम ने इन पंपों को नाले से हटवा दिया है और किसानों को हिदायत दी है कि दोबारा ऐसा ना करें. खेत में पानी की सिंचाई के लिए वे दूसरे इंतजाम करें.

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नालों के पानी में उगने वाली सब्जियां खतरनाक
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉक्टर संजय मिश्रा का कहना है कि "यह पानी बहुत खतरनाक है. नाले के पानी में शहरी जीवन में इस्तेमाल होने वाले सभी समान मिले हुए हैं. इसमें बहुत बड़ी तादाद में तो डिटर्जेंट होता है. इसके साथ ही सीवर का पानी और दूसरी गंदगी भी शामिल है. इसकी वजह से इसका इस्तेमाल बिना शोधित किए नहीं करना चाहिए, लेकिन जबलपुर नगर निगम से निकलने वाले नाले का पानी शोधित नहीं होता है.
ऐसी स्थिति में इसका सीधा इस्तेमाल खतरनाक है. इसकी गंदगी पेड़-पौधों के माध्यम से सब्जी में भी पहुंचती है. ऐसी सब्जी खाने से कई किस्म की बीमारियां होने की संभावना बनी रहती है." जबलपुर की गंदगी को बाहर निकलने वाले कई नाले हैं. इन नालों की लंबाई लगभग 20 किलोमीटर है. पूरी लंबाई में इसके पानी का इस्तेमाल सब्जी उगाने के लिए किसान करते हैं. इसके बाद यह नाला हिरन नदी में मिल जाता है. जहां से यह पानी नर्मदा नदी तक पहुंचता है.

