सोम डिस्टलरीज मामले की सुनवाई नहीं करेंगे जस्टिस विशाल मिश्रा, संजय पाठक मामले से हुए थे अलग
जबलपुर हाई कोर्ट में सोम डिस्टलरीज लाइसेंस का मामला, जस्टिस विशाल मिश्रा ने सुनवाई से खुद को किया अलग, संजय पाठक मामले से चर्चा में.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 24, 2026 at 8:32 PM IST
|Updated : February 24, 2026 at 8:39 PM IST
जबलपुर: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज जस्टिस विशाल मिश्रा ने सोम डिस्टलरीज के मामले को सुनने से मना कर दिया है. उन्होंने इस मामले से खुद को अलग करने का आदेश जारी किया है. राज्य सरकार ने सोम डिस्टलरीज के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं. सोम डिस्टलरीज पर आरोप है कि उन्होंने टैक्स चोरी कर फर्जी परमिट के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध शराब बेची है. जस्टिस विशाल मिश्रा ने इससे पहले बीजेपी विधायक संजय पाठक के मामले को भी सुनने से मना कर दिया था.
सोम डिस्टलरीज पर टैक्स चोरी का आरोप
रायसेन में सोम डिस्टलरी में शराब का उत्पादन होता है. आबकारी विभाग ने जांच में पाया था कि सोम डिस्टलरीज से बड़े पैमाने पर शराब का अवैध परिवहन हो रहा है. बिना टैक्स चुकाए फर्जी परमिट के आधार पर शराब फैक्ट्री से निकली जा रही है. इसमें कई फर्जी परमिट बुक भी आबकारी विभाग को मिली थी. इस मामले में आबकारी विभाग ने कार्रवाई करके सोम डिस्टलरीज के खिलाफ देपालपुर इंदौर की अदालत में केस भी किया था. मामले में कोर्ट ने पाया था कि आबकारी के आरोप सही हैं.

फर्जी परमिट किए गए तैयार
अवैध शराब परिवहन परमिट और अवैध शराब का परिवहन करने के मामले में कंपनी के उमाशंकर शर्मा, जीडी अरोरा, दिनकर सिंह, मोहन सिंह तोमर और दीनानाथ सिंह के विरुद्ध कोर्ट द्वारा कारावास और अर्थदंड तय किया गया है. मदन सिंह द्वारा 5 फर्जी परमिट बुक, वीरेंद्र भारद्वाज द्वारा 272, रामप्रसाद मिश्रा द्वारा 25, प्रीति गायकवाड़ द्वारा 279, संजय गोहे द्वारा 282, कैलाश बंगाली द्वारा 29, मोहन सिंह तोमर ने 676, उमाशंकर ने 75, दिनकर सिंह द्वारा 65 फर्जी परमिट तैयार किए गए थे.
राज्य सरकार ने लाइसेंस निरस्त के दिए आदेश, HC पहुंचा सोम
इस मामले में सोम डिस्टलरीज की ओर से इंदौर उच्च न्यायालय में निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी. जिस पर इंदौर हाई कोर्ट ने स्थगन का आदेश दे दिया था. इस वजह से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई थी. अभी मामले को आधार बनाकर 4 फरवरी को राज्य सरकार ने सोम डिस्टलरीज के लाइसेंस निरस्त कर दिए. सोम डिस्टलरीज एक बार फिर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे.
जस्टिस विशाल मिश्रा ने सुनवाई से खुद को किया अलग
यह मामला जबलपुर हाईकोर्ट में जस्टिस विशाल मिश्रा की कोर्ट में लगा था, लेकिन जस्टिस विशाल मिश्रा ने सुनवाई करने के बजाय अपने आदेश में लिखा कि वह इस मामले से खुद को अलग करना चाहते हैं. यह केस किसी और जज की अदालत में सुना जाए.
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जज जस्टिस विशाल मिश्रा ने इसके पहले भी इसी तरह बीजेपी विधायक संजय पाठक के मामले से दूरी बना ली थी. उन्होंने उस मामले की सुनवाई करने से मना कर दिया था. संजय पाठक पर अवैध खनन को लेकर आरोप लगाए गए थे. इस मामले में जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा था कि "संजय पाठक ने उन्हें खुद फोन लगाने की कोशिश की थी. हालांकि सोम डिस्टलरीज वाले केस में जस्टिस विशाल मिश्रा ने ऐसी कोई बात नहीं कही है. उन्होंने एक बेहद सामान्य आदेश निकालकर खुद को इस मामले से अलग कर लिया है. अब इस केस की अगली सुनवाई 26 फरवरी को तय है. अब इस मामले की सुनवाई दूसरी किसी अदालत में की जाएगी.

