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सिवनी मालवा की जज को धमकाने पर हाई कोर्ट चिंतित, DGP व ACS से मांगा हलफनामा

नर्मदापुरम के सिवनी मालवा में 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाने पर जज को मिलने लगी धमकियां. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान.

mp high court notice DGP
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : July 3, 2026 at 1:59 PM IST

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Updated : July 4, 2026 at 11:19 AM IST

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जबलपुर/नर्मदापुरम: गौ तस्करी व मॉब लिंचिंग के बहुचर्चित मामले में 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद महिला जज को मिली धमकियों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है. जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने कहा "किसी न्यायिक अधिकारी को सिर्फ़ इसलिए नहीं धमकाया जा सकता कि उन्होंने कोई खास आदेश पारित किया है, जो समाज के किसी खास वर्ग को पसंद नहीं आया." युगलपीठ ने उपद्रवियों के खिलाफ की गयी कार्रवाई के संबंध में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक व अतिरिक्त मुख्य सचिव से 3 दिन में हलफनामा मांगा है. वहीं नर्मदापुरम पुलिस अधीक्षक ने अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी है.

SP ने दी अभी तक हुई कार्रवाई की जानकारी
नर्मदापुरम पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा छोटा ने मीडिया को बताया कि, ''हाई कोर्ट ने हमसे जानकारी मांगी है कि पुलिस द्वारा अभी तक मामले में पुलिस ने क्या-क्या कार्रवाई की गई है. पुलिस जवाब दे रही है.'' अधीक्षक ने बताया कि, ''जो अभी तक सोशल मीडिया पर कंटेंट शेयर हुआ है उस पर पुलिस द्वारा 150 अकाउंट चिन्हित कर विधिवत कार्रवाई की जाएगी. साथ ही माननीय एडीजे की सुरक्षा में 6 लोगों के गार्ड की टीम सुरक्षा में तैनात की गई है, जो पूरी तरह नजर बनाए हुए है. सिवनी मालवा एसडीओपी, थाना प्रभारी सहित एडिशनल एसपी एवं स्वयं में खुद भी संपर्क में हूं. उनकी सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है.''

MADHYA PRADESH HIGH COURT
सिवनी मालवा की जज को धमकाने पर हाई कोर्ट चिंतित (ETV BHARAT)

धमकी के मामले को स्वत: संज्ञान लिया

जज की सुरक्षा के संबंध में संज्ञान याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने सिवनी मालवा में पदस्थ महिला जज तबस्सुम खान को सजा सुनाये जाने के संबंध में मिल रही धमकियों पर नाराजगी जाहिर की है. याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक ने महिला जज को सुरक्षा प्रदान की है. युगलपीठ ने कहा "नर्मदापुरम में हमारे न्यायिक अधिकारी के लिए डर का माहौल है. ऐसी गतिविधियां सीधे तौर पर न्यायिक स्वतंत्रता और हमारे न्यायिक अधिकारियों के निडर होकर काम करने में बाधा डालती हैं."

THREATS JUDGE SEONI MALWA
DGP व ACS से मांगा हलफनामा (ETV BHARAT)

धमकाने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की

हाई कोर्ट ने कहा "नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक को यह भी बताना चाहिए कि उन लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए, जिन्होंने न्यायिक अधिकारी को धमकाने का माहौल बनाया है." अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से पूछा "न्यायाधीश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं." याचिका पर अगली सुनवाई 9 जुलाई को निर्धारित की गई है.

गौहत्या प्रकरण के फैसले के बाद विवाद

मामला नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में तैनात न्यायाधीश तबस्सुम खान से जुड़ा है. उन्होंने 12 जून 2026 को गौहत्या से संबंधित मामले में 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. फैसले के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ टिप्पणियां और कथित धमकी भरे संदेश प्रसारित होने लगे. इसी घटनाक्रम को देखते हुए मामला न्यायपालिका और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया.

Last Updated : July 4, 2026 at 11:19 AM IST