नई रेल लाइन चमकाएगी मध्य प्रदेश की किस्मत, अश्विनी वैष्णव लाए जबलपुर गोंदिया कायापलट प्लान
नॉर्थ-साउथ रेल कॉरिडोर और होगा बेहतर, कान्हा, पेंच, धुआंधार जैसे टूरिस्ट स्पॉट के लिए बढ़ेगी कनेक्टिविटी, 5236 करोड़ होंगे खर्च.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 24, 2026 at 5:29 PM IST
|Updated : February 24, 2026 at 6:26 PM IST
रिपोर्ट : पीयूष सिंह राजपूत
भोपाल : केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश को ऐसी सौगात दी गई है, जिसका फायदा मध्य प्रदेश के साथ अन्य राज्यों और पूरे देश को मिलेगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि देश में तीन बेहद खास रेल प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं, जिसमें जबलपुर-गोंदिया रेल रूट डबलिंग भी शामिल है. इस 231 किलोमीटर के रेल रूट की डबलिंग से मध्य प्रदेश ही नहीं पूरे देश को फायदा मिलेगा. वर्तमान में नॉर्थ कॉरीडोर को साउथ कॉरीडोर से जोड़ने में जबलपुर की अहम भूमिका है, जिसके बाद रेल रूट इटारसी, नागपुर होते हुए आगे दक्षिण भारत की ओर बढ़ता है. लेकिन अगर हम जबलपुर-गोंदिया रेल रूट को देखें तो इससे ये दूरी बहुत कम हो जाएगी, साथ ही इस रूट से कई क्षेत्रों को बड़ा फायदा होगा.
जबलपुर गोंदिया डबलिंग रूट इन क्षेत्रों सेे गुजरेगा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, '' कैबिनेट ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड के आठ जिलों के लिए तीन मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट अप्रूव किए हैं. जबलपुर गोंदिया रेल रूट इसमें सबसे खास है, जो मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर से महाराष्ट्र के गोंदिया जिले तक कनेक्ट होगा. मध्य प्रदेश का मंडला, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर और कई आदिवासी क्षेत्र भी इससे जुड़ेंगे. विशेष तौर पर मंडला, सिवनी जुड़ने से ये कई नेशनल पार्क व वाइल्ड लाइफ एरिया के पास से होकर गुजरेगा. ऐसे में इनके लिए 450 करोड़ रु का अलग प्रावधान किया गया है.

रेल मंत्री ने बताया कि जबलपुर गोंदिया ट्रैक फिलहाल सिंगल रूट है, जिसकी डबलिंग होने से इसका फायदा पूरे देश को मिलेगा क्योंकि यह गोंदिया और इटारसी में मुंबई-हावड़ा के हाई डेंसिटी नेटवर्क से जुड़ेगा, साथ ही जबलपुर में वाराणसी हाई डेंसिटी नेटवर्क से जुड़ेगा.

जबलपुर गोंदिया रूट पर 5236 करोड़ रू होंगे खर्च
रेल मंत्री ने बताया कि जबलपुर गोंजिया डबलिंग में कुल 5236 करोड़ रु का खर्च होगा. इससे उत्तर से दक्षिण की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी और दूरी भी कम होगी. यूपी के वाराणस से एमपी, महाराष्ट्र, तलंगाना और कनार्टक तक की दूरी भी कम होगी. इस डबलिंग प्रोजेक्ट के लिए 5 साल की समय सीमा रखी गई है.

गोंदिया-जबलपुर डबलिंग में ये अहम निर्माण होंगे
| ब्रिज | नर्मदा नदी पर बड़ा ब्रिज 65 मेजर ब्रिज 639 माइनर ब्रिज |
| लेवल क्रॉसिंग | 28 |
| आरयूबी | 88 |
| रूट लेंथ | 231 km |
| ट्रैक लेंथ | 258 km |
रामायण सर्किट से लेकर जबलपुर के टूरिस्ट डेस्टिनेशंस के लिए भी खास
रेल मंत्री ने कहा कि जबलपुर-गोंदिया डबलिंग प्रोजेक्ट रामायण सर्किट के लिए खास होगा क्योंकि ये नॉर्थ में अयोध्या जी को दक्षिण में रामेश्वरम तक जोड़ेगा. इसके साथ ही मध्य प्रदेश की कई टूरिस्ट डेस्टिनेशन हैं, जैसे कान्हा नेशनल पार्क, पेंच नेशनल पार्क, धुआंधार वॉटरफॉल (भेड़ाघाट), कचनार शिव टेंपल से भी ये रूट टूरिस्ट्स को जोड़ेगा. इसके साथ ही ये अतिरिक्त 7.76 मिलियन टन कार्गो सालाना लाने में मददगार साबित होगा, जिसके वजह से 16 करोड़ किग्रा. कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा.
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