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जबलपुर में ED की कार्रवाई से मचा हड़कंप, RTO अफसर की करोड़ों की संपत्ति सीज

जबलपुर में आय से अधिक प्रॉपर्टी मामले में ईडी ने कार्रवाई की, आरटीओ संतोष पाल और क्लर्क रेखा की 4.80 करोड़ की प्रापर्टी जब्त.

ED INVESTIGATION RTO SANTOSH
जबलपुर में ED की कार्रवाई से मचा हड़कंप (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : December 31, 2025 at 5:28 PM IST

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जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में ईडी द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है. प्रवर्तन निदेशालय ने आरटीओ संतोष पाल और उनकी पत्नी वरिष्ठ लिपिक परिवहन रेखा पाल के कब्जे से 4 करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्ति को जब्त किया है. ईडी ने 30 दिसंबर मंगलवार को प्रेस नोट रिलीज कर मामले का खुलासा किया है. संतोष पॉल पर आरोप है कि उन्होंने वैध इनकम से ज्यादा 4.80 करोड़ की संपत्ति अर्जित की है. इस मामले को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो से ईडी के पास ट्रांसफर किया गया था.

2022 में ईओडब्ल्यू ने की थी कार्रवाई

प्रेस नोट से मिली जानकारी के अनुसार अगस्त 2022 में जबलपुर के आरटीओ संतोष पाल के घर पर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने छापा मारा था. इस दौरान संतोष पाल जबलपुर आरटीओ थे और उनकी पत्नी रेखा पाल परिवहन विभाग में ही वरिष्ठ लिपिक थी. उन पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे थे. जिस पर ईओडब्ल्यू ने छापामार कार्रवाई की थी. इस दौरान उन्हें भ्रष्टाचार के कई अहम सबूत मिले थे.

ED raid jabalpur RTO
ईडी द्वारा जारी प्रेस नोट (ETV Bharat)

ईओडब्ल्यू से ईडी को ट्रांसफर हुआ था केस

संतोष पाल के पास जबलपुर, सिवनी और नरसिंहपुर आरटीओ का चार्ज था. इस दौरान उन्होंने जो संपत्ति अर्जित की थी, वह आय अधिक थी. इस वजह से आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के बाद यह जांच ईडी के पास चली गई थी. एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने जांच के बाद एक प्रेस रिलीज जारी की है, जिसमें संतोष पाल की संपत्ति को सील करने को लेकर जानकारी साझा की गई है. सील संपत्ति में आलीशान कोठी भी है, जिसके भीतर उनका प्राइवेट थिएटर भी है.

Jabalpur Scam RTO case
RTO अफसर की करोड़ों की संपत्ति सीज (ETV Bharat)

प्रेस रिलीज में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) संतोष पॉल और वरिष्ठ लिपिक रेखा पाल की 3.38 करोड़ रुपये (लगभग) मूल्य की अचल संपत्तियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत संपत्ति कुर्क की गई है. ईडी ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) भोपाल द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (जैसा संशोधित) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के लिए दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की. जांच के दौरान यह पता चला कि इन लोक सेवकों ने सेवा के दौरान अपनी वैध आय से काफी अधिक चल और अचल संपत्ति अर्जित की थी.

4.06 करोड़ रुपए की बेहिसाब संपत्ति मिली

ईडी की जांच से पता चला है कि दंपति की वैध संपत्ति 73.26 लाख रुपए है. जबकि उन्होंने आय से अधिक 4.80 करोड़ की चल-अचल संपत्ति इकट्ठा की है. इससे लगभग 4.06 करोड़ रुपए की बेहिसाब संपत्ति मिली. आगे की जांच में लोन ईएमआई पेमेंट से ठीक पहले उनके बैंक अकाउंट में स्ट्रक्चर और बार-बार कैश जमा होने का पता चला, जिससे पता चलता है कि बिना हिसाब-किताब वाले कैश को बैंकिंग सिस्टम में डाला और मिलाया गया था.

jabalpur ED seizes property RTO
ईडी ने सीज की घर और दुकानें (ETV Bharat)

इन संपत्तियों को किया गया अटैच

अटैच की गई प्रॉपर्टी में जबलपुर जिले का घर, प्लॉट, खेती की जमीन और कमर्शियल दुकानें शामिल हैं. जिन्हें क्राइम से हुई कमाई के तौर पर प्रोविजनल तौर पर अटैच किया गया है. संतोष पाल के पास जो संपत्ति मिली थी इसका खुलासा आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की छापेमारी में हुआ था. उसी समय लगभग यह भी तय हो गया था की संतोष पाल ने भ्रष्टाचार किया, इसलिए कुछ समय के लिए संतोष को निलंबित कर दिया गया था.