ETV Bharat / state

जबलपुर के आवारा कुत्तों का आतंक सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा!, एक्शन के लिए नगर निगम ने बनाई टीम-21

जबलपुर में आवारा कुत्तों के काटने के लगातार बढ़ रहे हैं मामले. सामाजिक संस्था ने नगर निगम को जल्द समाधान निकालने की दी चेतावनी.

JABALPUR DOG BITE CASE
जबलपुर में आवारा कुत्तों के काटने के लगातार बढ़ रहे हैं मामले (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : November 4, 2025 at 7:14 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

जबलपुर: संस्कारधानी जबलपुर, मध्य प्रदेश के उन 2 शहरों में शामिल है, जहां सबसे ज्यादा कुत्ते काटने के मामले सामने आते हैं. एक अनुमान के मुताबिक जबलपुर शहर में 50 हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं. यहां हर दिन लगभग 15 डॉग बाइट के केस सामने आते हैं. सुप्रीम कोर्ट में भी डॉग बाइट की सुनवाई के दौरान जबलपुर की चर्चा हुई थी. अब जबलपुर की एक सामाजिक संस्था ने नगर निगम को चेतावनी दी है कि यदि जल्दी ही नगर निगम ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो वे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में उठाएंगे.

जबलपुर में डॉग बाइट के रोजाना औसतन 15 मामले

जबलपुर में डॉग बाइट के केस की बात करें तो 1 अक्टूबर से 20 अक्टूबर, 2025 के बीच में केवल जबलपुर शहर में कुत्तों के काटने के लगभग 400 मामले सामने आए थे. बीते 1 साल में जबलपुर में आवारा कुत्तों की वजह से औसतन 15 लोगों के साथ रोज कुत्ता काटने की घटनाएं घटी हैं. कुत्ते की लार में रेबीज नामक बैक्टीरिया होता है.

जबलपुर में डॉग बाइट के रोजाना औसतन 15 मामले (ETV Bharat)

कुत्ता काटने के बाद अगर एंटी रेबीज इंजेक्शन सही समय और तय डोज में नहीं लगाया गया तो बैक्टीरिया इंसान के शरीर में फैल जाता है और वह हाइड्रोफोबिया का शिकार हो जाता है. सही समय पर इलाज न मिलने पर इंसान पागल हो सकता है या उसकी मौत भी हो सकती है.

सामाजिक संस्था द्वारा दायर की जा चुकी हैं 500 याचिकाएं

जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच एक सामाजिक संस्था ने जनहित से जुड़े मामलों में 500 से ज्यादा याचिकाएं हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लगाई है, जिनकी वजह से देश में कई बड़े फैसले हुए. नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के संरक्षक डॉ. पी जी नाज पांडे का कहना है कि "हमने नगर निगम को अल्टीमेटम दिया है. यदि नगर निगम ने आने वाले कुछ दिनों में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण नहीं किया तो हम सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में इंटरविन करके पार्टी बन जाएंगे और ऐसी स्थिति में नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट में जवाब देना होगा."

नगर निगम में समाधान के लिए गठित की 21 सदस्यों की टीम

इस मामले में जबलपुर नगर निगम के महापौर जगत बहादुर सिंह का कहना है "उन्होंने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए 21 सदस्यों की एक कमेटी बनाई है. इस कमेटी में नगर निगम के अधिकारी, कुत्ते पकड़ने वाली टीम के अधिकारी, कुत्तों की नसबंदी करने वाली टीम के अधिकारी और वेटरनरी डिपार्टमेंट के लोग भी शामिल हैं. यह सभी लोग मिलकर इस समस्या का समाधान निकालेंगे. इसके साथ ही जबलपुर में कुत्तों की नसबंदी का कार्यक्रम भी अब तेज किया जाएगा." डॉग लवर्स की वजह से कुत्तों को पकड़ना और नसबंदी में बाधा उत्पन्न होती है.