जबलपुर में डॉग बाइट मामले में 6 साल बाद फैसला, श्वान मालिक को सजा और जुर्माना
मध्य प्रदेश में डॉग बाइट की घटनाएं चिंता का सबब. जबलपुर जिला अदालत ने ऐसे ही एक मामले में डॉग मालिक को सजा सुनाई.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 7, 2026 at 8:06 AM IST
जबलपुर : पालतू डॉग के काटने और इसकी शिकायत करने पर मालिक द्वारा पीड़ित को गाली दी गई. इस मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) ने सजा व जुर्माने की सजा सुनाई. मामला 6 साल पुराना है. डॉगी ने पड़ोस में रहने वाले मासूम बालक पर हमला किया था.
जेएमएफसी दीप्ती चौहान ने प्रकरण की सुनवाई के बाद आरोपी श्वान मालिक को कोर्ट उठने तक कारावास की सजा से दंडित किया है. न्यायालय ने आरोपी पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अभियोजन के अनुसार जबलपुर के सिविल लाइन कौशल्या अपार्टमेंट के बाजू में सलीम रहमान अपने परिवार के साथ रहता था. उसी के पड़ोस में गैविन डिसूजा रहता था. डिसूजा ने एक श्वान को पालकर रखा था.
बच्चे को डॉगी ने काटा, पुलिस में केस
सलीम रहमान 27 अक्टूबर 2020 को मोटरसाइकिल पंचर होने के कारण सुधरवाने के लिए जा रहे थे. उनका 8 वर्षीय बेटा पीछे दौड़कर आ रहा था. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले गैविन डिसूजा के स्वान ने मासूम को काट लिया. आरोप है कि बच्चे का उपचार करवाने तथा श्वान को बांधकर रखने की नसीहत देने पर गैविन गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा. पीड़ित ने घटना की रिपोर्ट सिविल लाइन थाने में दर्ज करवाई.
अधिकांश धाराएं कोर्ट में फेल हुईं
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 294, 506 बी तथा 289 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया. प्रकरण की सुनवाई के दौरान पेश किये गये साक्ष्य व गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को धारा 294 तथा 506 बी के तहत दोषमुक्त कर दिया. न्यायालय ने आरोपी को धारा 289 के तहत दोषी करार देते हुए सजा से दंडित किया. अभियोजन की तरफ से एसडीओपी रवि कुमार मौर्य ने पैरवी की.
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नेशनल हेल्थ मिशन की रिपोर्ट में रतलाम नंबर 1
डॉग बाइट को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन ने रिपोर्ट के अनुसार भोपाल डॉग बाइट्स के मामले में प्रदेश में 6वें नंबर पर है. वहीं अन्य 5 जिलों में भोपाल से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए है. यह रैंकिंग आबादी और डॉग बाइट्स दोनों के आंकड़ों के प्रतिशत के आधार पर की गई है. यदि आबादी और प्रतिशत को छोड़ दिया जाए तो सबसे ज्यादा डॉग बाइट्स के मामले इंदौर में सामने आए हैं. नेशनल हेल्थ मिशन ने राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 6 शहरों में सर्वे किया था. इस सर्वे में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम शहर शामिल थे. रतलाम पहले नंबर है. दूसरे स्थान पर उज्जैन है.

