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सफाई का काम करने वाले ने खड़ी कर दी करोड़ों की फैक्ट्री, नौकरी छोड़ बनाता है नकली दांत

जबलपुर के डेंटल लैब में सफाई करने वाले का गजब स्टार्टअप, लेक्चरर की नौकरी छोड़ शुरू किया नकली दांत बनाने का बिजनेस.

DENTAL LAB CLEANER SUCCESS STORY
सफाई का काम करने वाले ने खड़ी कर डाली करोड़ों की फैक्ट्री (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 5:15 PM IST

3 Min Read
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जबलपुर: डेंटल लैब में साफ-सफाई का काम करने वाले लड़के ने आज करोड़ों की फैक्ट्री खड़ी कर दी है, जहां नकली दांत बनाए जाते हैं. बात करीब 25 साल पुरानी है. कटनी के एक छोटे से गांव से निकलकर संतोष विश्वकर्मा, जबलपुर पढ़ने के लिए आए थे. उन्होंने कॉलेज में एडमिशन लिया और पढ़ाई शुरू की. पढ़ाई के साथ ही उन्होंने डेंटल लैब में काम करना शुरू किया था.

नौकरी छोड़ व्यापार का लिया जोखिम

संतोष पढ़ाई में काफी अच्छे थे. इसलिए उन्होंने काम के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और ग्रेजुएशन पूरा किया. इस दौरान वे डेंटल लैब में धीरे-धीरे थोड़ा-बहुत काम भी सीखा. वहीं, ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में एमए किया और फिर पीजी भी कर ली. पीजी करने के बाद जबलपुर के एक निजी कॉलेज में असिस्टेंट लेक्चरर हो गए. पीएचडी करने का भी मन बना लिया था, लेकिन नौकरी छोड़ उन्होंने अपना व्यापार शुरू किया और डेंटल लैब खोल दिया.

नौकरी छोड़ व्यापार का लिया जोखिम (ETV Bharat)

संतोष का कहना है कि "जब कॉलेज में पढ़ा रहे थे उस दौरान भी डेंटल लैब में नौकरी करने जाते थे. लेकिन अब मुझे यह फैसला करना था कि शिक्षा के क्षेत्र में आगे जाएं या फिर जोखिम उठाकर अपना डेंटल लैब शुरू करें." संतोष ने आगे बताया कि "हम विश्वकर्मा समाज से हैं, तो मेरे दिमाग में हमेशा यह बात थी कि मैं कोई टेक्निकल काम करूंगा. जिसके बाद अपने मन की बात सुनी और प्राइवेट नौकरी की जगह डेंटल लैब खोलना ज्यादा बेहतर समझा."

दोबारा साइंस की पढ़ाई शुरू की

संतोष विश्वकर्मा ने एक डेंटल लैब की छोटी सी शुरुआत की. उनके पास पूंजी नहीं थी, लेकिन काम शुरू कर दिया और लोन लेकर मशीनें खरीदी. 2018 में उन्होंने दोबारा हाई स्कूल में साइंस की पढ़ाई शुरू की. उसके बाद डेंटल टेक्नीशियन कोर्स किया. इस तरह धीरे-धीरे बिजनेस ग्रो किया और आज संतोष के पास नकली दांत बनाने के लिए करोड़ों की मशीन है.

Jabalpur leaving job start business
नौकरी छोड़ शुरू की नकली दांत बनाने का बिजनेस (ETV Bharat)

मिश्र धातु से तैयार किए जाते हैं नकली दांत

संतोष विश्वकर्मा ने अपने परिवार के दूसरे सदस्यों को भी अपने काम के साथ जोड़ लिया. उनके परिवार के सदस्य अमन विश्वकर्मा बताते हैं कि "दांत के कैप एक मिश्र धातु से बनाए जाते हैं. यह मिश्र धातु ऐसा होता है जो चुंबक द्वारा प्रभावित नहीं होता. क्योंकि यदि किसी को मेटल के दांत यदि फिक्स किया जाता है और बाद में कभी उसका सिटी स्कैन होता है, तो परेशानी आती है. अमन विश्वकर्मा ने बताया कि "इस मिश्र धातु के अलावा कई लोग आज भी सोने के दांत लगवाना पसंद करते हैं. वैसे तो यह तकनीक काफी पुरानी है लेकिन आज भी लोग सोने के दांत लगवा रहे हैं."

Jabalpur dental lab cleaner startup
डेंटल लैब में सफाई करने वाले का गजब स्टार्टअप (ETV Bharat)

इस लैब में काम करने वाले सौरभ विश्वकर्मा ने बताया कि "छोटे से शुरू किये गये लैब का आकार आज काफी बड़ा हो गया है. अब इसमें 30 लोग काम करते हैं. अब यह तकनीक इतनी एडवांस हो गई है कि जिस दांत को बनाने में पहले 3 दिन का समय लगता था अब वह दांत 1 दिन में बनकर तैयार हो जाता है.