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मोबाइल स्क्रिप्ट पलभर में ब्रेल लिपि में हो जाती है तब्दील, जबलपुर के दृष्टिहीनों के लिए वरदान

ब्रेल लिपि वाले मोबाइल इक्विपमेंट ऑर्बिट 20 के जबलपुर में चर्चे, जबलपुर के दृष्टिहीन बच्चों के लिए बना वरदान

BRAILLE LIPI EQUIPMENT ORBIT 20
मोबाइल स्क्रिप्ट पलभर में ब्रेल लिपि में हो जाती है तब्दील (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 5, 2026 at 2:28 PM IST

3 Min Read
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जबलपुर : 4 जनवरी को विश्व ब्रेल लिपि दिवस मनाया गया, क्योंकि इस दिन लुई ब्रेल ने दृष्टिहीनों के पढ़ने के लिए ब्रेल लिपि इजाद की थी. लेकिन ये दिन जबलपुर के लिए भी खास रहा, क्योंकि यहां एक ऐसा इक्विपमेंट आया जो दृष्टिहीन बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं. जबलपुर के राजा चौरसिया एक ऐसा उपकरण लेकर आए हैं जिसमें मोबाइल में लिखी स्क्रिप्ट पलक झपकते ही ब्रेल लिपि में कन्वर्ट हो जाती है. यानी स्क्रीन पर लिखी स्क्रिप्ट या भाषा को छूकर पढ़ा जा सकता है. यह उपकरण दृष्टिबाधित लोगों के बीच में चर्चा का विषय बन गया है.

रंग लाई जबलपुर के राजा की खोज

जबलपुर के राजा चौरसिया जन्म से ही दृष्टिहीन हैं, राजा का परिवार नरसिंहपुर में रहता है और उन्होंने जबलपुर के दृष्टिहीन स्कूल में रहकर अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. इसके बाद वे जबलपुर के दृष्टिहीन छात्रावास में रहने लगे, जहां अब अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे हैं. दृष्टिहीन लोगों की पढ़ाई ब्रेल लिपि में होती है, जिसके लिए राजा ने ब्रेल सीखी थी. लेकिन आजकल पढ़ाई में कंप्यूटर और मोबाइल का इस्तेमाल ज्यादा होता है. इसके बाद उन्होंने ऐसा उपकरण खोज निकाला जो मोबाइल पर लिखे हुए को ब्रेल लिपि में कन्वर्ट कर देता है.

Jabalpur braille lipi Equipment orbit 20
ब्रेल लिपि वाला मोबाइल इक्विपमेंट ऑर्बिट 20 (Etv Bharat)

राजा को मिला ऑर्बिट-20

राजा ने यह खोजना शुरू किया कि क्या ब्लाइंड लोगों के लिए कोई ऐसा उपकरण बना है, जिससे मोबाइल से कनेक्ट किया जाए और मोबाइल में लिखी हुई चीज ब्रेल के जरिए वह अपनी उंगलियों से पढ़ सकें. इसके बाद राजा को ऑर्बिट-20 नाम का उपकरण मिला, जो ये काम करने में सक्षम था. लेकिन यह बहुत महंगा भी था, तभी राजा को पता चला कि कुछ सामाजिक संस्थाएं इस उपकरण को दृष्टिहीन लोगों को उपलब्ध करवाती हैं और राजा ने अपनी कोशिश से यह उपकरण हासिल कर लिया.

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पलक झपकते ब्रेल लिपि में कन्वर्ट हो जाती है स्क्रिप्ट

अब जबलपुर के दृष्टिहीन छात्रावास में यह उपकरण चर्चा का विषय है. इसमें मोबाइल पर आई हुई कोई भी स्क्रिप्ट पलक झपकते ब्रेल लिपि में कन्वर्ट हो जाती है और दृष्टिहीन इसे छूकर पढ़ लेते हैं. कोमल सिंह बघेल एक शिक्षक हैं और वे भी दृष्टिहीन हैं. वे कहते हैं कि यह उपकरण दृष्टि बाधित लोगों के लिए पढ़ाई में सबसे ज्यादा मददगार साबित होगा. राजा चौरसिया ने बताया, '' इस उपकरण के जरिए शिक्षा में बहुत अधिक मदद मिली है. जिस कंपनी का यह उपकरण है वह इससे आगे भी कई उपकरण बना रही है. लेकिन महंगे होने की वजह से दृष्टि बाधित लोगों के लिए इन्हें खरीद पाना कठिन होता है. हालांकि, बहुत सी स्वयंसेवी संस्थाएं इसमें मदद करती हैं लेकिन उनकी मदद भी अभी जबलपुर जैसे शहर में सीमित है.''

ORBIT 20 BLIND BRAIL LIPI
जबलपुर के दृष्टिहीनों के लिए वरदान (Etv Bharat)

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इसे बनाने वाली कंपनी अमरीकी, पर खोजकर्ता भारतीय

ऑर्बिट रिसर्च एक अमेरिकन कंपनी है लेकिन हमारे लिए गर्व की बात यह है कि इस कंपनी के रिसर्चर और मालिक वेंकटेश चारी हैं, जो भारतीय मूल के हैं और अमेरिका में ही रहकर रिसर्च और व्यापार कर रहे हैं. उनके ज्यादातर प्रोडक्ट पेटेंटेड हैं लेकिन इन की रिसर्च दृष्टिहीन लोगों के लिए वरदान बनकर सामने आई है. भारतीय मूल के उद्योगपति और रिसर्चर वेंकटेश जारी ने अमेरिका में जो रिसर्च की, वैसा कार्य सरकारों को कराने की जरूरत है, जिससे दृष्टिहीन लोगों को कम पैसों में इस तरह के इक्विपमेंट मिल सकें.