जबलपुर की ऐश्वर्या विश्वकर्मा ने बनाए स्पेशल ऐप तो मिला मैडेलियन फॉर एक्सीलेंस अवॉर्ड
जबलपुर के शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कंप्यूटर साइंस की छात्रा ऐश्वर्या विश्वकर्मा ने पूरे मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : March 3, 2026 at 4:06 PM IST
रिपोर्ट : शिशिर वाजपेयी
जबलपुर : रीजनल इंडिया स्किल प्रतियोगिता में महाकौशल का नाम रोशन करने वाली छात्रा ऐश्वर्या विश्वकर्मा का कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने किया सम्मान. शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कंप्यूटर साइंस की छात्रा ऐश्वर्या विश्वकर्मा ने इंडिया स्किल रीजनल कॉम्पटीशन में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर मैडेलियन फॉर एक्सीलेंस अवॉर्ड के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता है.
कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में खास रुचि
प्रतियोगिता का आयोजन भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय एवं नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा किया जाता है. इस प्रतियोगिता का आयोजन गांधीनगर, गुजरात में किया गया. अवॉर्ड लेकर जब छात्रा जबलपुर वापस आयी तो जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने उनका सम्मान कर सराहना की. न्यू रामनगर अधारताल निवासी आशुतोष विश्वकर्मा और भारती विश्वकर्मा की पुत्री ऐश्वर्या को शुरू से ही कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के विषयों में विशेष रुचि है.
जबलपुर से 5 स्टूडेंट्स का सिलेक्शन
ऐश्वर्या विश्वकर्मा ने बताया "सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन डेवलपमेंट में इंडिया स्किल कांप्टीशन में भाग लेते हुए जिला स्तर से शुरुआत की. जबलपुर से 5 कैंडिडेट का सिलेक्शन हुआ. इसके बाद उसे राज्य स्तर में जाने का मौका मिला, जहां पर रीजनल प्रतियोगिता के लिए सिर्फ दो कैंडिडेट सेलेक्ट हुए, जिसमें उसे गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ." ऐश्वर्या ने जिन एप्लीकेशन को डेवलप किया, वह नागरिकों की सुविधा से जुड़े हैं, जिसमें निर्धारित समय-सीमा में डाटाबेस कनेक्टिविटी के साथ विभिन्न वेब एप्लीकेशन तैयार किए गए.
5 राज्यों के स्टूडेंट्स से कांप्टीशन
राज्य स्तरीय चरण में ऐश्वर्या ने स्मार्ट सिटी ऐप एप्लीकेशन डिजाइन किया. समय सीमा के भीतर तैयार हुए इस एप्लीकेशन में साधारण जानकारियों के साथ ही नजदीकी अस्पतालों, पर्यटन क्षेत्रों में अपॉइंटमेंट या बुकिंग लेना भी शामिल है. इसके साथ ही डाटा के आधार पर जनोपयोगी जानकारियों के फीचर भी शामिल किए गए. रीजनल स्तर की प्रतियोगिता में देश के 5 राज्यों के साथ उनका मुकाबला हुआ. प्रतियोगिता में जीतने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर जाने का मौका मिलता पर ऐश्वर्या का सफर यहीं पर समाप्त हुआ. ऐश्वर्या ने प्रशासन की मदद करने की इच्छा जाहिर की.
सही ट्रेनिंग मिलती तो और आगे जाती ऐश्वर्या
शासकीय महिला पॉलीटेक्निक महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीलम अग्रवाल ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए बताया “कॉलेज की छात्रा ने संस्कारधानी और महाकौशल का नाम रोशन किया है. इसमें कंप्यूटर साइंस विभाग के सभी शिक्षकों का भी योगदान रहा. यदि शासन प्रशासन द्वारा सही ट्रेनिंग मिलती तो यह बच्ची आगे चीन तक जा सकती थी. जब छात्रा रीजिनल स्तर में भाग लेने गई थी वहां प्रतिद्वंदी बहुत मजबूत थे. यदि भविष्य में इसके लिए स्किल इंडिया या मध्य प्रदेश शासन द्वारा सुविधा दी जाए तो निश्चित ही परिणाम अच्छे आएंगे."
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छात्रा के इनोवेशन का लाभ लेगा जिला प्रशासन
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया “ स्किल इंडिया प्रतियोगिता में छात्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शहर का नाम रोशन किया है. छात्रा ने प्रशासन की मदद करने एक एप्लीकेशन डिजाइन करने की इच्छा जताई है जो जनोपयोगी है. इस पर आगे काम किया जाएगा."

