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2 महीने से वेतन नहीं, सैलरी स्लिप भी नहीं देते, जबलपुर में आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूटा

आशा कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ किया आंदोलन, वेतन ना मिलने से परेशान, विश्वजीत सिंह की रिपोर्ट.

Jabalpur Aasha Workers News
आशा कार्यकर्ताओं को ना पूरा वेतन मिलता न वेतन की पर्ची (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : June 3, 2026 at 4:43 PM IST

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जबलपुर : मध्य प्रदेश की आशा कार्यकर्ताएं सरकार के रवैया से परेशान हैं. आरोप हैं कि सरकार ना तो उन्हें समय पर वेतन देती है और ना बीमा. यहां तक की उन्हों नौकरी में कोई दूसरी सुविधाएं दी जा रही हैं. आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि हमें बिना जांच के हटा दिया जाता है. पैसा तो दिया जाता है लेकिन वेतन पर्ची नहीं दी जाती. ऐसी कई मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने जबलपुर के घंटाघर में प्रदर्शन किया.

समय पर वेतन नहीं दे रही सरकार

आशा कार्यकर्ताओं के प्रदेश संगठन की महासचिव पूजा कनौजिया ने आरोप लगाते हुए कहा, '' स्वास्थ्य विभाग आशा कार्यकर्ताओं का वेतन चार माह बाद देता है. ऐसा कभी नहीं होता कि हमें हर महीने वेतन मिल जाए. जबकि आशा कार्यकर्ताओं से उम्मीद की जाती है कि वह अपना काम समय पर पूरा करें. आशा कार्यकर्ता अपना काम समय पर पूरा करती हैं लेकिन सरकार उनके वेतन के विषय में गंभीर नहीं है.''

आशा कार्यकर्ताओं के प्रदेश संगठन की महासचिव पूजा कनौजिया ने दी जानकारी (Etv Bharat)

आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है की भरी गर्मी में उनसे कहा गया है कि आप अपने एरिया का हेड अकाउंट सर्व करें और 5 जून तक इसे जमा करें. एक तरफ स्वास्थ्य विभाग तनख्वाह नहीं देता, दूसरी ओर भरी गर्मी में घर-घर जाकर सर्वे करवाया जा रहा है.

2 महीने से सैलरी अटकी, सैलरी स्लिप भी नहीं मिलती

संगठन महासचिव पूजा कनौजिया कहते हैं, '' हमारे जमीनी काम की वजह से मध्य प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में इनाम जीत रहा है और इसका श्रेय अधिकारी लेते हैं और हमें तनख्वाह तक नहीं देते. अभी वर्तमान में हमारे दो महीने की तनख्वाह नहीं आई है. हमें कभी वेतन पर्ची नहीं दी जाती. केवल तनख्वाह अकाउंट में आ जाती है. वेतन पर्ची क्यों नहीं दी जाती यह एक बड़ा सवाल है. हमने राज्य सरकार से ₹1000 और केंद्र सरकार से डेढ़ हजार रुपए की वेतन वृद्धि की मांग की है.''

Asha workers salary slip demand
आशा कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ किया आंदोलन (Etv Bharat)

उन्होंने आगे कहा, '' हमारी छोटी सी शिकायत होने पर नौकरी से निकाल दिया जाता है. जबलपुर के पनागर में एक पार्षद ने दो आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत कर दी, तो विभाग ने उन्हें निकाल दिया. उनसे कोई सफाई तक नहीं मांगी गई.''

मृत्यु के बाद बीमा का पैसा भी नहीं मिला

आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि बीते कुछ सालों में छह आशा कार्यकर्ताओं की मृत्यु हुई है. नेशनल हेल्थ मिशन के निर्देश हैं कि आशा कार्यकर्ता की मृत्यु पर उसे 2 लाख की बीमा राशि दी जानी चाहिए लेकिन किसी आशा कार्यकर्ता को एक पैसा तक नहीं मिला. इसी तरह दो आशा कार्यकर्ताओं को रिटायरमेंट पर उन्हें नियम अनुसार 1 लाख 20 हजार रु मिलना चाहिए था लेकिन वह पैसा भी नहीं दिया गया.

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विरोध प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ता (Etv Bharat)

टेस्टिंग किट की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

पूजा कनौजिया ने आरोप लगाते हुए कहा, '' सरकार जिन एचबीएनसी किट के जरिए बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाना चाहती है, उसमें इतना घटिया सामान दिया गया है कि उसके जरिए सही स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो सकता. उन्होंने बताया कि 3 किलो के बच्चे को जिस थैले में रखकर तोलना है उसमें 1 किलो का बच्चा भी बमुश्किल रखा जा सकता है.आशा कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद तहसीलदार ने ज्ञापन प्राप्त किया. तहसीलदार ने कहा, कि वे इसे शासन तक पहुंचाएंगे.

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जबलपुर में आशा कार्यकर्ताओं का बीते पांच महीना में यह पांचवा प्रदर्शन है लेकिन सरकार आशा कार्यकर्ताओं के मामले में गंभीर नजर नहीं आ रही है.