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मध्य प्रदेश में पहली बार 2 दिन की बच्ची का एयरलिफ्ट, मुंबई में होगा दिल का इलाज

जबलपुर में 2 दिन की बच्ची को मिली एयर एंबुलेंस की सुविधा, बाल हृदय योजना के तहत सिहोरा की बच्ची का मुंबई में होगा इलाज.

jabalpur 2 day old girl airlifted
जबलपुर में 2 दिन की बच्ची होगी एयरलिफ्टेड (Getty Image)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : November 6, 2025 at 10:12 AM IST

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Updated : November 6, 2025 at 5:14 PM IST

3 Min Read
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जबलपुर: जबलपुर से दो दिन की बच्ची को एयर एंबुलेंस से मुंबई ले जाया गया. बच्ची के दिल में छेद है और उसका इलाज मुंबई के नारायण अस्पताल में होगा. बच्ची को मुंबई तक पहुंचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों ने बुधवार को छुट्टी के दिन भी कागजी तैयारी पूरी की. गुरुवार को दोपहर 12:00 बजे बच्ची जबलपुर से मुंबई ले जाया गया. बच्ची के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, लेकिन सरकार की बाल हृदय योजना के तहत उसे यह सुविधा दी जा रही है.

दो दिन पहले जन्में जुड़वा बच्चे, 1 के दिल में छेद

सिहोरा के रहने वाले सत्येंद्र दहिया और शशि दहिया को जबलपुर के एक निजी अस्पताल में 2 दिन पहले जुड़वा बच्चे हुए थे. जब बच्चे हुए तब तक सब कुछ ठीक-ठाक था, लेकिन कुछ ही देर में जब बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तो पता लगा कि इनमें से एक बच्ची के दिल में छेद है. इस बात की जानकारी तुरंत सरकारी अस्पताल को भी पहुंचा दी गई.

2 दिन की बच्ची को किया गया एयरलिफ्ट (ETV Bharat)

बाल हृदय योजना के तहत होगा इलाज

मध्य प्रदेश सरकार की बाल हृदय योजना के तहत जिन बच्चों के दिल में छेद होता है, उनका इलाज राज्य सरकार करवाती है. इसके लिए राज्य सरकार ऐसे बच्चों के इलाज के साथ उनके परिवहन की व्यवस्था भी करती है. लेकिन गुरु नानक जयंती की वजह से बुधवार को अवकाश था, ऐसी स्थिति में सरकार ने एक टीम बनाई है, जो छुट्टी के दिन भी आपात स्थिति में लोगों की मदद करे. इस टीम ने एक बार फिर तत्परता से काम किया और सत्येंद्र दहिया और शशि दहिया के 2 दिन की बेटी को मुंबई ले जाने के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई.

दिल का इलाज कराने एयर एंबुलेंस से पहुंची मुंबई (ETV Bharat)

मुंबई पहुंचते ही शुरु हो जाएगा इलाज

स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉक्टर संजय मिश्रा ने बताया कि, ''यह एयर एंबुलेंस गुरुवार दोपहर 12:00 बजे जबलपुर से मुंबई के लिए रवाना हुई. इसके लिए पेपर वर्क पूरा कर लिया गया है. जैसे ही बच्ची मुंबई पहुंचेगी तुरंत उसका इलाज भी शुरु हो जाएगा. सत्येंद्र दहिया एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं और उनके लिए यह इलाज संभव नहीं था. सरकार की योजना की वजह से अब सत्येंद्र की बच्ची को जीवन भर कष्ट नहीं भोगना होगा.'' वहीं, डॉक्टर संजय मिश्रा ने बताया कि, ''यह पहला मौका है जब 2 दिन की बच्ची के लिए सरकार एयर एम्बुलेंस उपलब्ध करवाने जा रही है.''

सत्येंद्र को जिस तत्परता से मदद मिली, उसकी जरूरत हर उस आदमी को है जो सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने के लिए जा रहा है. क्योंकि सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने वहीं पहुंचता है जिसके पास निजी अस्पतालों में इलाज करवाने का पैसा नहीं है. स्वास्थ्य विभाग में जो कोशिश सत्येंद्र की बच्ची के लिए की है इस तरह की कोशिश यदि हर आम आदमी के लिए हो जाए तो सच में राम राज्य की कल्पना साकार हो जाएगी.

Last Updated : November 6, 2025 at 5:14 PM IST