रामगढ़ बालिका गृह की एक मासूम को मिली ममता की छांव, विदेशी दंपती ने लिया गोद
रामगढ़ बालिका गृह में रह रही एक 12 साल की बालिका को विदेशी दंपती ने गोद लिया है.

Published : March 2, 2026 at 8:24 PM IST
रामगढ़: जिला बाल संरक्षण इकाई रामगढ़ के माध्यम से सोमवार को एक भावुक और प्रेरणादायी क्षण देखने को मिला. जहां बालिका गृह में रह रही एक बालिका को उसका नया घर और परिवार मिला.
रामगढ़ स्थित गैर सरकारी संस्था डिवाइन ओंकार मिशन, टायर मोड़ के बालिका गृह से 12 वर्षीय बालिका को इटली निवासी क्लाउडिया पेद्रिनी और उनकी धर्मपत्नी डोमिंगा सेल्विनी ने विधिवत गोद लिया. सभी निर्धारित कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद दत्तक ग्रहण की औपचारिकता संपन्न की गई. इस अवसर पर उपायुक्त रामगढ़ फैज अक अहमद मुमताज ने बालिका को दंपती को औपचारिक रूप से सौंपते हुए उसे नए जीवन की शुभकामनाएं दीं.
इस अवसर उपायुक्त ने विदेशी दंपती और बालिका से आत्मीय संवाद किया और उनके उज्ज्वल, सुरक्षित और सुखद भविष्य की कामना की. डीसी ने कहा कि विधिसम्मत दत्तक ग्रहण केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक बच्चे के जीवन में नई उम्मीद और नई पहचान का आरंभ है. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है. जिन बच्चों को पारिवारिक स्नेह और संरक्षण नहीं मिल पाता, उनके लिए दत्तक ग्रहण स्थायी परिवार, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होती है.
यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न की गई, जिससे बालिका का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहे. इस कार्यक्रम के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई के पदाधिकारी, संस्था के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे. भावनाओं से भरे इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने बालिका के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. यह दत्तक ग्रहण समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से किसी भी बच्चे के जीवन में नई रोशनी लाई जा सकती है.
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