केंद्र तक पहुंची छात्रवृत्ति और 15 वें वित्त आयोग की राशि की गूंज, केंद्रीय मंत्री से मिलीं दीपिका, बाबूलाल ने फिर साधा निशाना
झारखंड में छात्रवृत्ति और 15वें वित्त आयोग के बकाए राशि का मामला केंद्र सरकार तक पहुंचा.

Published : December 16, 2025 at 8:54 PM IST
रांचीः झारखंड में ओबीसी छात्रों की छात्रवत्ति और 15वें वित्त आयोग की बकाया राशि को लेकर विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान हुई खींचतान अब दिल्ली तक पहुंच गयी है.
मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक और केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह से मुलाकात कर मांगों से अवगत कराया. इस प्रतिनिधिमंडल में कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, सांसद दीपक प्रकाश शामिल रहे.

पहली किश्त की अनुशंसा पर आभार- मंत्री दीपिका
वहीं केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह से मुलाकात के दौरान झारखंड की पंचायती राज मंत्री दीपिका सिंह पांडे भी उपस्थित रहीं. उन्होंने 15वें वित्त आयोग की अनुदान राशि की पहली किश्त के लिए की गई अनुशंसा पर आभार जताया. उन्होंने कहा कि इस फैसले से पंचायतों को मजबूती मिलेगी और राज्य में ग्रामीण विकास को नई गति प्राप्त होगी.
इस दौरान पंचायतों के डिजिटलीकरण, इनोवेशन फंड के प्रभारी उपयोग, स्थानीय शासन को और अधिक सशक्त करने के लिए केंद्र से सहयोग की जरुरत और दूसरे राज्यों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को झारखंड में लागू करने पर सहमति बनी. मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि इन विषयों पर जल्द ही दिल्ली में विभागीय स्तर पर विस्तृत बैठक होगी.
राज्य की जनता भुगत रही है खामियाजा- बाबूलाल मरांडी
दोनों केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर हेमंत सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही, अक्षमता और वित्तीय कुप्रबंधन का खामियाजा राज्य की जनता भुगत रही है. पिछड़ा वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति की राशि बकाया होने के पीछे राज्य सरकार जिम्मेवार है क्योंकि उचित समय पर केंद्र को सूचित नहीं किया जाता है.
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर पंचायती राज विभाग में केंद्र सरकार ने वर्ष 20025-25 की प्रथम किस्त की राशि झारखंड को भेज दी है. लेकिन राज्य सरकार उपयोगिता प्रमाण पत्र अभी तक नहीं दे पाई है. राज्य सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की वजह से हेमंत सरकार राज्यांश नहीं दे रही है.
यही स्थिति रही तो राशि हो जाएगी वापस- बाबूलाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यही स्थिति रही तो मार्च 26 में केंद्र की राशि स्वतः वापस हो जाएगी. कहा कि हेमंत सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करने की आदि हो गई है. हेमंत सरकार को राज्य के विकास से कुछ भी लेना देना नहीं है.
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