ETV Bharat / state

शून्यकाल में बस हड़ताल का मामला उठा, विपक्ष बोला- हजारों यात्री परेशान, सरकार बनी धृतराष्ट्र

राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा.

राजस्थान विधानसभा
राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Vidhan Sabha)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 26, 2026 at 2:48 PM IST

|

Updated : February 26, 2026 at 3:45 PM IST

6 Min Read
Choose ETV Bharat

जोधपुर : विधानसभा में गुरुवार को शून्यकाल में प्रदेश में चल रही निजी बस आपरेटर्स की हड़ताल का मामला उठा. चितौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह चौहान ने कहा कि जनता आज विकट स्थिति में है. तीस हजार निजी बसें बंद हैं, पूरे प्रदेश को तीन हजार रोडवेज बसों के भरोसे छोड़ दिया गया है. सभी को बहुत परेशनी से गुजरना पड़ रहा है. आरटीओ डीटीओ लाखों रपए के चालान बना रहे हैं.

इससे प्रदेश का रोजगार प्रभावित हो रहा है. इसके अलावा खास तौर पर पर्यटन भी इसकी चपेट में आ चुका है. वर्तमान में खाटू श्यामजी का मेला चल रहा है. हजारों श्रद्धालु आ रहे हैं, लेकिन परिवहन ​सुविधा नहीं मिल पा रही है. चौहान ने कहा कि छोटी गाड़ियों के करिअर लगाने पर आरटीओ डीटीओ की ओर से आठ हजार के चालान बनाया जा रहा है. यह एक तरह की लूट है, सरकार को चाहिए कि संवदेनशीलता को देखते हुए चालान रोके. इस हड़ताल से मजूदर, किसान, व्यापारी, छात्र परेशान हैं.

शून्यकाल में बस हड़ताल का मामला उठा (Rajasthan Vidhan Sabha)

पढे़ं. टेंडर घोटाले और 'कांग्रेसी बबूल' पर राजनीति: विधानसभा में गरमाया माहौल

इसी तरह से चौमू विधायक डॉ. शिखा मील ने भी इस मामले पर अपनी बात रखते हुए कहा श्यामजी मेले में आए हजारों लोग अटके हुए हैं. 70 किमी के सात हजार रुपए ले रहे हैं. दूसरी ओर सरकार धृतराष्ट्र बनकर बैठी है. इनको पीएम की रैली की चिंता है. पहले ऑपरेटर्स की 23 मांगे थे जो 14 व अब 9 हो गई हैं. ऑपरेटर्स वन इंडिया टैक्स की मांग पूरी करें. आप वन नेशन वन इलेक्शन की बात करते हैं तो वन इंडिया वन टैक्स की मांग पूरी क्यों करते हैं? परिवहन के अधिकारी बीच रास्तों में बसें रोककर यात्रियों को उतार देते हैं.

विपक्ष ने जवाब मांगा, मंत्री नहीं बोले : बसों के इस मुद्दे पर ​विपक्ष के विधायकों ने बात रखी तो इस दौरान विपक्ष की ओर से मंत्री से जवाब दिलाने की मांग की गई. विधानसभा अध्यक्ष ने भी पूछा कि मंत्री कुछ बोलेंगे क्या? लेकिन सहमति नहीं दी गई. इस पर हंगामा हुआ. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी का नाम पुकार लिया.

पढ़ें. विधानसभा बजट सत्र: सवालों में फिर घिरे सरकार के मंत्री, पक्ष-विपक्ष में तीखी नोकझोंक

मंडी टैक्स से बंद हो रहे उद्योग? : मंडावा विधायक रीटा चौधरी ने प्रदेश में मंडी टैक्स लगाने से कृषि आधरित उद्योग बंद होने का मामला उठाया. विधायक ने कहा कि मंडी टैक्स खास तौर दलहन उद्योग को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है. इसकी वजह से यह उद्योग बंद हो रहा है, दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो रहा है. इन उद्योगों में आने वाले दलहन पर भी सरकार टैक्स वसूल रही है, जबकि अन्य राज्यों में ऐसा नहीं है. यह उद्योग प्रदेश में मंडी सुविधाएं भी नहीं लेते हैं, फिर भी उनसे यह टैक्स वसूला जा रहा है. विधायक ने दावा किया कि अमेरिका से हुई ट्रेड डिल से कृषि व किसान प्रभावित होंगे. सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. मंडी टैक्स हटाना चाहिए. इस दौरान नेता नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार की अमेरिकी ट्रेड ​डील की जानकारी के बाद सोयाबिन के भाव में 1200 रुपए की कमी हो गई. कपास के भाव कम हो गए. क्या यह इस डील का असर है? सरकार जवाब दें.

पीएचईडी से आधी लागत पर पंचायत लगा रही नलकूप : ओसियां विधायक भैराराम चौधरी ने पंचायत राज की ओर से लगाए गए नलकूप का रखरखाव नहीं होने का मामला उठाया. विधायक ने कहा गत सरकार ने पंचायत राज के नलकूप भी पीएचईडी को सौंप दिए थे, लेकिन तब से पीएचईडी इनका रखरखाव नहीं कर पा रहा है. 'मेरे इलाके के 121 नलकूप खराब हो रहे हैं'. अचरज की बात यह भी है कि पीएचईडी एक नलकूप खोदने में 22 लाख रुपए खर्च कर रही है, जबकि पंचायत राज यह नलकूप 12 लाख में खुदवाता है. यह अंतर क्यों है? जो नलकूप पंचायत राज विभाग ने खोदे थे उनका रखरखाव वापस इसी विभाग को दे दें. ग्राम पंचायत इनको ठीक करवा सकती थी. पीएचईडी नहीं करवा पा रहा है. बजट में सिर्फ पांच नलकूप दिए उनका क्या करें? विधायक ने कहा कि हमारे इलाके में प्रत्येक पांच साल में नलकूप को खोदना पड़ता है, क्योंकि पानी बहुत कम है. विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में 55 लीटर प्रति व्य​क्ति और शहरी में 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी देने का भेद भी खत्म करनी चाहिए.

पढ़ें. बजट सत्र: चर्चा के दौरान सदन में बत्ती गुल, जूली का तंज-यही सरकार की हकीकत है...संघ को लेकर हंगामा

45 दिन में ठीक होने वाली सड़कें आठ माह से खराब : अशोक कोठारी ने भीलवाड़ा में सिवरेज का काम पूरा होने के बाद भी सड़कें सही नहीं हुई है. आठ माह से लोग गढ्ढों से परेशान है, जबकि नियमानुसार 45 दिन में रिपेयर हो जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. शहर की 100 फीट की रोड एक तरफ पूरी टूट गई है. चूरू विधायक हरलाल सहारण ने नगर परिषद के 50 साल पुराने भवन को नया बनाने के लिए साढे़ छह करोड़ रुपए की मांग रखी. हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल ने कहा कि भटनेर दुर्ग की दीवार बनाने पर भी पुरातत्व विभाग की ओर से नगर परिषद को नोटिस मिल रहा है.

जितने बताए उतने पेड़ नहीं लगे : उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की ओर से पेड़ लगाने में हो रही अनियमितता का मामला उठाया. विधायक ने आरोप लगाया कि कंपनी जो बता रही है वह मौके पर नहीं है. चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने कहा कि यह सही है कि पेड़ कम मिले, हमने उनको हर पेड़ की जियो टैगिंग करने का कहा है. विधायक ने कहा कि कंपनी को लोगों को रोजगार व पानी देने पर काम करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. सड़क किनारे लोगों को टैंकर से पानी मिल रहा है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में पानी नहीं जा रहा है. कंपनी ने छद्म पौधरोपण का कार्यक्रम किया. छह फीट के पेड़, छह इंच के गढ्ढे में लगाए जो बाद में जल गए, जिसके वीडियो भी हैं. मंत्री खिंवसर ने सभी बिंदुओं पर एक कमेटी बनाने की बात कही.

Last Updated : February 26, 2026 at 3:45 PM IST