योगी का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' फ्लैट पूरी तरह से वैध, सिंचाई विभाग ने हटाया अपना नोटिस
मुख्तार अंसारी की कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर बने भवन से सिंचाई विभाग ने हटाया अपना नोटिस.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : June 18, 2026 at 4:53 PM IST
|Updated : June 18, 2026 at 8:32 PM IST
लखनऊ: डालीबाग में मुख्तार अंसारी की अवैध कब्जे से छुड़ाई गई जमीन पर एलडीए द्वारा भवन निर्मान कराया गया है, जो सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी बताया जाता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवंबर में भवन के सभी 72 फ्लैटों की चाभी स्वामियों को सौंपा था. इसके बाद 18 जून को सिंचाई विभाग ने नोटिस जारी कर भवन कि जमीन को सिंचाई विभाग की भूमि बताया था.
इसके बाद से कई तरह के सवाल खड़े किए जा रहे थे. हालांकि, गुरुवार को सिंचाई विभाग ने अपने द्वारा लगाए गए नोटिस हटा लिए हैं, जिससे यह साफ हो गया कि सभी 72 फ्लैटें पूरी तरह से वैध हैं. लखनऊ विकास प्राधिकरण को यह भूमि शासन ने दी गई थी. इस बिल्डिंग के पीछे एलडीए ने बांध रोड भी बनाए हैं.
बिल्डिंग रेरा से पंजीकृत है और लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इसका नक्शा भी पास किया है. इन सारे तथ्यों को देखते हुए सिंचाई विभाग ने माना है कि भूल वश यह नोटिस चश्पा हो गया है और बिल्डिंग पर लाल निशान लगा दिए गए है. बिल्डिंग में रहने वालों के लिए अब कोई संकट नहीं है.
आपको बता दें कि सिंचाई विभाग, खंड-2 लखनऊ नगर द्वारा 18 जून को जारी नोटिस में लिखा था कि आप द्वारा सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जो कैनाल ऐक्ट 1873 की धारा 70 के तहत दंडनीय अपराध है. विभाग ने 7 दिन में जमीन खाली करने को कहा था, अन्यथा खुद अवैध कब्जा हटाने और खर्च वसूलने की चेतावनी दी थी.
गौरतलब है कि डालीबाग की यह 2327.54 वर्ग मीटर जमीन 2020 में मुख्तार अंसारी और उसके परिवार के कब्जे से मुक्त कराई गई थी. इसके बाद LDA ने यहां सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना के तहत G+3 के 3 ब्लॉक में 72 EWS फ्लैट बनाए. हर फ्लैट 36.65 वर्गमीटर का है और इसकी कीमत 10.70 लाख रुपये तय की गई थी.
ये भी पढ़ें: LDA अनंत नगर में बनाएगा 1392 सस्ते फ्लैट; 'अदिति अपार्टमेंट' में होंगे पांच टावर, 545 कारों की पार्किंग सुविधा मिलेगी

