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गड़बड़झाला: झुंझुनू DFO कार्यालय में टेंडर की लाखों रुपए धरोहर राशि नकद ली...कोष में जमा नहीं कराई, बाबू नदारद

कार्यालय से नकदी जमा कराने की रसीद भी दी गई, लेकिन पैसे सरकारी खजाने में जमा नहीं कराए गए. एसीएफ को सौंपी जांच.

Deputy Conservator of Forests Office, Jhunjhunu
उप वन संरक्षक कार्यालय, झुंझुनू (ETV Bharat Jhunjhunu)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 25, 2026 at 5:36 PM IST

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झुंझुनू: उप वन संरक्षक कार्यालय में विकास कार्यों के टेंडरों की धरोहर राशि के नाम पर लाखों रुपए नकद लेने और राशि सरकारी खाते में जमा नहीं होने का मामला सामने आया है. मामले में 3 लाख 37 हजार रुपए कैश लेने और इसके बदले कार्यालय की GA-55 रसीद जारी किए जाने का प्रमाण सामने आया है. पैसे सरकारी खाते में जमा नहीं हुए. संबंधित बाबू दो दिन से कार्यालय भी नहीं आ रहा.

उप वन संरक्षक (DFO) कविया बी ने बताया कि संबंधित फर्म के ठेकेदार ने कैश जमा कराने की शिकायत की. रसीद कार्यालय से ही जारी हुई है. यह लापरवाही है. जांच में गबन साबित होता है तो कार्मिक को 16 सीसी का नोटिस देने के साथ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी.

कविया बी, उप वन संरक्षक, झुंझुनू. (ETV Bharat Jhunjhunu)

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बाबू दो दिन से नदारद: शिकायत के अनुसार, एक फर्म से 18 अगस्त को 3 लाख 37 हजार रुपए नकद जमा किए गए. राशि स्टोर के कनिष्ठ लिपिक ने जमा की और इसके बदले GA-55 रसीद जारी की. संबंधित दस्तावेजों पर अधिकारी के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं. मामला सामने आने के बाद संबंधित कनिष्ठ लिपिक दो दिन से कार्यालय से नदारद है. DFO कविया बी ने मामले की जांच ACF प्राची चौधरी को सौंपी है.

यह आशंका: आशंका है कि DFO कार्यालय से दो दर्जन से अधिक GA-55 रसीदें जारी हुई हैं. सभी रसीदों के साथ कैश-बुक और बैंक रिकॉर्ड की जांच की जाती है तो 30 लाख रुपए से अधिक के कैश लेनदेन का खुलासा हो सकता है. वित्त विभाग के वर्ष 2007 के परिपत्र के नियम 42 और 52(1) के तहत कार्यालय में 500 रुपए से अधिक नकद नहीं लेने के प्रावधान है. इसके बावजूद लाखों रुपए नकद लेना गंभीर सवाल खड़े करता ​है.

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