अगर बाबूलाल मरांडी में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो भाजपा छोड़ देंः डॉ इरफान अंसारी
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी द्वारा कांग्रेस पार्टी पर लगाए गए आरोपों को लेकर तीखा हमला किया है. उपेंद्र कुमार की रिपोर्ट.

Published : August 31, 2026 at 8:49 PM IST
रांची: नेता प्रतिपक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा रविवार को संवाददाता सम्मेलन कर कांग्रेस पर लगाये आरोपों पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने तीखा हमला बोला है.
इरफान अंसारी ने कहा कि अगर बाबूलाल मरांडी में थोड़ी सी भी नैतिकता बची है तो उन्हें भारतीय जनता पार्टी छोड़ देना चाहिए, क्योंकि बीजेपी आदिवासियों, दलितों की दुश्मन है. उन्होंने कहा कि भाजपा मुसलमानों की तो दुश्मन है ही, हिन्दू-मुसलमान कर ही भाजपा सत्ता में है लेकिन अब यह ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है.
कांग्रेस पर बोलने से अच्छा होता MMDR कानून का विरोध करतेः इरफान अंसारी
डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि अच्छा होता कि बाबूलाल मरांडी पार्टी हित से ऊपर उठकर MMDR कानून से झारखंड को होने वाले नुकसान की मुखालफत करते.
अभी तो ऐसा लग रहा है कि MMDR कानून से झारखंडी मरेंगे, कटोरा लेकर भीख मांगेंगे तो बाबूलाल मरांडी को खुशी होगी. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाबूलाल मरांडी भी आदिवासी हैं, उन्हें भी लगता होगा कि बीजेपी में जाकर उन्होंने गलती की है. अगर वह सच्चे आदिवासी हैं तो राजनीतिक स्वार्थ के चलते झारखंडियों का हक और अधिकार नहीं लुटवा सकते. उन्होंने कहा कि MMDR कानून से 15000 करोड़ का नुकसान होगा, ऐसे में मंइयां सम्मान योजना, यूनिवर्सल पेंशन सहित कई योजनाएं रुक जाएंगी, क्या बाबूलाल मरांडी यही चाहते हैं.
रघुवर दास को बोलने का कोई हक नहींः स्वास्थ्य मंत्री
डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि MMDR कानून पर रघुवर दास को बोलने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि रघुवर दास तो इस राज्य के भी नहीं थे, छत्तीसगढ़ के होते हुए भी राज्य ने उन्हें पूरा मान सम्मान दिया है, ऐसे में उन्हें राज्यहित में बोलना चाहिए.
क्या कहा था बाबूलाल मरांडी ने
बाबूलाल मरांडी ने रविवार को आदिवासी एकता महाजुटान रैली के बाद कहा था कि कांग्रेस ने आदिवासियों के साथ हमेशा से छल किया है और मिशनरी ने उसमें सहयोगी की भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा था कि रैली में शामिल होने के लिए आर्च विशप ने फरमान जारी किया था. बाबूलाल मरांडी ने आदिवासियों के हक-अधिकार पर डाका डालने, उन्हें बरगलाने, राज्य की लगातार बदलती डेमोग्राफी को लेकर कांग्रेस, मिशनरी और राज्य सरकार पर भी जमकर निशाना साधा था.
कांग्रेस ने भावनाओं की कद्र नहीं कीः बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने कहा था कि झारखंड बनाने की मांग, देश स्वतंत्र होने के साथ ही जोर पकड़ने लगी थी लेकिन कांग्रेस ने बड़ी राजनीतिक धूर्तता के साथ लगातार इस मांग को अनसुना और नजरअंदाज किया, नेता प्रतिपक्ष ने जयपाल सिंह मुंडा, कार्तिक उरांव और शिबू सोरेन के झारखंड आंदोलनों का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि कैसे कांग्रेस झारखंड निर्माण के आंदोलनों को खरीदती और दबाती रही. कांग्रेस ने यहां के लोगों की भावनाओं की कभी कद्र नहीं की, कांग्रेस आदिवासियों के साथ छल, धोखा करती रही है और इसका साथ मिशनरियों ने बखूबी दिया.
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