छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस जितेंद्र शुक्ला को केंद्र की बड़ी जिम्मेदारी, एनएसजी में बनाए गए ग्रुप कमांडर
छत्तीसगढ़ के आईपीएस जितेंद्र शुक्ला को केंद्र में अहम जिम्मेदारी दी गई है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 29, 2025 at 6:28 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में ग्रुप कमांडर नियुक्त किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र भेजकर उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं.
एनएसजी में ग्रुप कमांडर की अहम भूमिका
एनएसजी में ग्रुप कमांडर का पद पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर के समकक्ष माना जाता है. यह जिम्मेदारी अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक होती है, जहां आतंकवाद-रोधी अभियानों और वीवीआईपी सुरक्षा से जुड़े फैसले लिए जाते हैं. जीरो एरर नीति पर काम करने वाली एनएसजी में चयन खुद में अधिकारी की क्षमता और अनुभव का प्रमाण माना जाता है.

नक्सल प्रभावित इलाकों में सशक्त कार्यशैली
आईपीएस जितेंद्र शुक्ला ने छत्तीसगढ़ के कई अहम और संवेदनशील जिलों में एसपी के रूप में सेवाएं दी हैं. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उनकी भूमिका विशेष रूप से प्रभावी रही है. उन्होंने सुकमा, राजनांदगांव, कोरबा और महासमुंद जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक रहते हुए कई सफल अभियानों का नेतृत्व किया और कानून-व्यवस्था को मजबूत किया.
सेवा यात्रा: प्रशिक्षण से लेकर एसपी तक
2 सितंबर 2013 को आईपीएस सेवा में शामिल होने के बाद जितेंद्र शुक्ला को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया. प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बिलासपुर और कोटा थाने में थाना प्रभारी के रूप में कार्य किया. इसके बाद अंबिकापुर में सीएसपी और फिर सुकमा जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी निभाई. सुकमा में ही आगे चलकर उन्होंने एसपी का दायित्व संभालते हुए नक्सल विरोधी अभियानों को नई धार दी.
जितेंद्र शुक्ला की प्रोफाइल
जितेंद्र शुक्ला का जन्म 22 सितंबर 1983 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ. उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज से स्कूली शिक्षा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद सिविल सेवा की तैयारी कर आईपीएस परीक्षा में सफलता हासिल की.
एनएसजी के बारे में जानिए
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) का गठन वर्ष 1986 में आतंकवाद से निपटने के लिए किया गया था. इसका उपयोग केवल अत्यंत गंभीर आतंकी हमलों की स्थिति में किया जाता है. प्रधानमंत्री सहित देश के प्रमुख वीवीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी एनएसजी के पास होती है. उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सटीक ऑपरेशन इसकी पहचान है.

