देहरादून में सेंट्रल कमांड का अलंकरण समारोह, सम्मानित हुये अफसर, आर्मी का दिखा अनुशासन
संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल सेनगुप्ता ने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 24, 2026 at 8:40 PM IST
देहरादून: क्लेमेंटटाउन स्थित सैन्य परिसर में मंगलवार को मध्य कमान अलंकरण समारोह 2026 गरिमामय सैन्य परंपराओं के बीच आयोजित किया गया. समारोह में उत्कृष्ट शौर्य, विशिष्ट सेवा और पेशेवर दक्षता के लिए सेना के अधिकारियों, जवानों और यूनिटों को सम्मानित किया गया.
समारोह की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, मध्य कमान ने की. उन्होंने परिचालन और प्रशासनिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सैन्य कर्मियों को पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए. कार्यक्रम के दौरान सैन्य अनुशासन, परंपरा और गौरव का विशेष संगम देखने को मिला.

इस वर्ष कुल 26 वीरता एवं विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किए गए. इनमें तीन युद्ध सेवा मेडल, 13 सेना मेडल (वीरता), चार सेना मेडल (विशिष्ट सेवा) और छह विशिष्ट सेवा मेडल शामिल रहे. इसके अतिरिक्त 28 यूनिटों को उनकी पेशेवर उत्कृष्टता और निरंतर उच्च प्रदर्शन के लिए जीओसी-इन-सी, मध्य कमान यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया. समारोह में मध्य सेना कमांडर द्वारा 19 सूर्य ट्रॉफियां भी प्रदान की गईं. ये ट्रॉफियां सेवारत और पूर्व सैनिकों के लिए उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने तथा स्वच्छ एवं हरित पहलों में सराहनीय योगदान के लिए दी गईं. अधिकारियों ने बताया इन पहलों का उद्देश्य सैनिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है. साथ ही सैन्य प्रतिष्ठानों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना भी है.
संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल सेनगुप्ता ने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा सेना की ताकत केवल उसके हथियारों में नहीं, बल्कि उसके जवानों के साहस, अनुशासन और समर्पण में निहित है. उन्होंने सैनिकों के परिवारों और वीर नारियों के त्याग और धैर्य की भी सराहना की, जो हर परिस्थिति में सेना के साथ मजबूती से खड़ी रहती हैं.
मध्य कमान के सभी रैंकों और नागरिक कर्मचारियों की परिचालन तत्परता, सुदृढ़ प्रशिक्षण व्यवस्था और पेशेवर दक्षता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच निरंतर अभ्यास और आधुनिक दृष्टिकोण आवश्यक है. उन्होंने यह भी दोहराया कि सेना का प्रत्येक सदस्य राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है.
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