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महिला दिवस विशेष: डॉ. सुमन ने बदली चंडीगढ़ में हेल्थ की तस्वीर, पेपरलेस सिस्टम से एडवांस्ड पीडियाट्रिक्स सेंटर तक, जानें बदलाव की पूरी दास्तां

डॉ. सुमन सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करते हुए बेटियों के सम्मान और समानता का मजबूत संदेश दिया.

Dr Suman Singh
डॉ. सुमन सिंह (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : March 2, 2026 at 2:39 PM IST

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Updated : March 2, 2026 at 3:30 PM IST

5 Min Read
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चंडीगढ़: आज के युग में बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं करता. हालांकि हमारे समाज में कुछ लोग आज भी बेटियों के जन्म होने पर भेदभाव करते हैं. ये और बात है कि बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आने वाला है. इस मौके पर ईटीवी भारत आपको चंडीगढ़ की हेल्थ सर्विसेज की डायरेक्टर डॉ. सुमन सिंह से रूबरू कराने जा रहा है.

कौन हैं डॉ. सुमन सिंह: डॉ. सुमन सिंह ने अक्टूबर 2021 में चंडीगढ़ में हेल्थ सर्विसेज़ की डायरेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला. उन्होंने यह जिम्मेदारी डॉ. अमनदीप कंग के सेवानिवृत्त होने के बाद संभाली. वह 1991 बैच की पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज़ अधिकारी हैं. 1989 में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, पटियाला से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की. लंबे प्रशासनिक और चिकित्सकीय अनुभव के साथ उन्होंने यह पद संभाला और शुरुआत से ही व्यवस्थागत सुधारों पर जोर दिया.

डॉ. सुमन सिंह से खास बातचीत (ETV Bharat)

कई जिलों में निभाई अहम जिम्मेदारियां: अपने करियर के दौरान उन्होंने लुधियाना में सीनियर मेडिकल ऑफिसर और डिप्टी डायरेक्टर (विजिलेंस) के रूप में सेवाएं दीं. इसके अलावा फगवाड़ा, होशियारपुर और बठिंडा सहित कई जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में काम करने का अनुभव उन्हें जमीनी हकीकत समझने में मददगार साबित हुआ. यही कारण है कि वह स्वास्थ्य सेवाओं में समानता और पहुंच को प्राथमिकता देती हैं.

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ईटीवी भारत से बातचीत करते डॉ. सुमन (ETV Bharat)

कोविड के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को दी नई दिशा: ईटीवी भारत ने चंडीगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं का नेतृत्व कर रहीं डॉ. सुमन सिंह से खास बातचीत की. डॉ. सुमन ने बताया कि, "डायरेक्टर बनने के बाद मेरी प्रमुख प्राथमिकताओं में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन, कोविड के बाद नॉन-कोविड सेवाओं को मजबूत करना और टीकाकरण अभियान को गति देना शामिल रहा. सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई, आईसीयू बेड और अन्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में मैंने अहम कदम उठाए. कोविड-उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने और हर वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर भी मैंने विशेष जोर दिया."

बच्चों के लिए एडवांस्ड पीडियाट्रिक्स सेंटर की शुरुआत: डॉ. सुमन ने आगे बताया कि, "मेरे नेतृत्व में 2024 में गवर्नमेंट मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, सेक्टर 16 में 32 बेड वाला एडवांस्ड पीडियाट्रिक्स सेंटर शुरू किया गया. इस पहल से बच्चों के इलाज की सुविधाएं और बेहतर हुई हैं. गंभीर रूप से बीमार बच्चों को अब स्थानीय स्तर पर ही उन्नत उपचार उपलब्ध हो रहा है. यह कदम शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है."

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अपने पति के साथ डॉ सुमन सिंह (ETV Bharat)

पेपरलेस सिस्टम और इमरजेंसी सेवाओं का विस्तार: डॉ. सिंह ने सरकारी डिस्पेंसरी को पेपरलेस सिस्टम में अपग्रेड करने की पहल की. इसके अलावा इमरजेंसी सेवाओं के विस्तार, सीसीयू के नवीनीकरण और सरकारी व निजी अस्पतालों के बीच संसाधनों की खाई कम करने के लिए स्टाफ की संख्या बढ़ाने जैसे कदम भी उठाए गए.

सेवा विस्तार से मिला कार्यों का सम्मान: नवंबर 2025 में उनके बेहतर कामों को देखते हुए उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया. फरवरी 2026 तक वह अपने पद पर सक्रिय रहते हुए सिविल अस्पतालों की नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने में जुटी हुई हैं. यह सेवा विस्तार उनके नेतृत्व और कार्यकुशलता की आधिकारिक मान्यता है.

बचपन से प्रकृति के करीब, सेवा का संकल्प: डॉ. सुमन सिंह का जन्म हरियाणा के जींद जिले में हुआ. उनके पिता आईपीएस अधिकारी थे. परिवार में चार भाई-बहन हैं, जिनमें तीन बहनें और एक भाई है. सबसे बड़ी संतान होने के नाते उन्होंने जिम्मेदारियों को समझते हुए चिकित्सा क्षेत्र को चुना. परिवार के सभी सदस्य आज चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हैं. बचपन से प्रकृति के बीच पली-बढ़ी डॉ. सिंह में सेवा और संवेदनशीलता के संस्कार गहराई से जुड़े रहे.

ग्रामीण क्षेत्रों में देखा सामाजिक सच: अपने करियर के दौरान उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्य करने का अवसर मिला. वहां उन्होंने महिलाओं की स्थिति को करीब से देखा. उनका कहना है कि, "बीते वर्षों में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन आज भी कई घरों में बेटी के जन्म पर खुशी से अधिक चिंता देखी जाती है. यह मानसिकता बदलना समय की मांग है. एक महिला अधिकारी के रूप में उन्होंने न केवल प्रशासनिक दक्षता दिखाई, बल्कि समाज को जागरूक करने की दिशा में भी प्रयास किए."

"लोगों की सोच में पूरी तरह नहीं आया बदलाव": डॉ. सुमन सिंह ने आगे कहा कि, "आज के दौर में बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं होना चाहिए, लेकिन समाज के कुछ हिस्सों में अब भी बेटी के जन्म पर भेदभाव देखने को मिलता है. लोगों सोच में बदलाव आया है, पर पूरी तरह से नहीं. बेटियां आज हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, फिर भी मानसिकता में सुधार की आवश्यकता है."

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डॉ. सुमन द्वारा ली गई फूल की तस्वीर (ETV Bharat)

फोटोग्राफी और गार्डनिंग है खास शौक: डॉ. सुमन व्यस्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बावजूद वह निजी जीवन में संतुलन बनाए रखती हैं. उन्हें फोटोग्राफी और गार्डनिंग का विशेष शौक है. हिमाचल और कश्मीर में पाए जाने वाले कई फूल उनके घर के बगीचे में मिलते हैं. वह अपने कमरे से ही इन फूलों की तस्वीरें कैद करती हैं. इसके अलावा विभिन्न शहरों में घूमना भी उन्हें बेहद पसंद है.

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डॉ. सुमन द्वारा ली गई तस्वीर (ETV Bharat)

डॉ. सुमन सिंह आज उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो नेतृत्व की भूमिका निभाना चाहती हैं. उन्होंने साबित किया है कि संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी व्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है.

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Last Updated : March 2, 2026 at 3:30 PM IST