छोटी काशी में देवी-देवताओं का भव्य देव मिलन, अपने मूल स्थानों की ओर लौटे देवता
भव्य देव मिलन के बाद लोगों ने देवी-देवताओं को भावुक विदाई दी और देवता अपने मूल निवास की ओर लौट गए.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 23, 2026 at 11:07 AM IST
|Updated : February 23, 2026 at 12:36 PM IST
मंडी: हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का समापन हो गया है. इसी के साथ छोटी काशी मंडी में सप्ताह भर से जारी देवी-देवताओं की रौनक अब खत्म हो गई है. चौहाटा बाजार में विराजने और अंतिम शाही जलेब में शिरकत करने के बाद सभी देवी-देवता अपने मूल स्थानों के लिए रवाना हो गए हैं. हालांकि अधिकतर देवी-देवता अपने भक्तों के घरों पर रूकने के बाद ही आगे जाएंगे, लेकिन छोटी काशी देवी-देवताओं के जाने के बाद अब सूनी सी महसूस हो रही है.
देवी-देवताओं का देव मिलन देख भाव विभोर हुए लोग
वहीं, अपने-अपने स्थानों की ओर जाने से पहले देवी-देवताओं का भव्य देव मिलन लोगों को भाव विभोर कर गया. वहीं, स्थानीय निवासी हेमंत राज वैद्य, तीर्थ राज और जीत राम ठाकुर अन्य लोगों ने बताया कि हर साल छोटी काशी मंडी का ये सबसे बड़ा महोत्सव है. जिसमें उन्हें एक ही स्थान पर सैंकड़ों देवी-देवताओं के दर्शनों और आशीवार्द का सौभाग्य प्राप्त होता है. पूरा मंडी शहर देवमय हो जाता है. देवी-देवताओं के वापिस लौटने से अब वे मायूस महसूस कर रहे हैं. उनका कहना है कि इस बार प्रशासन की तरफ से जो बंदोबस्त किए गए थे, वे सराहनीय थे. इस बार शिवरात्रि का भव्य नजारा देखने को मिला और देवी-देवताओं के आशीवार्द से इस बार मौसम का भी पूरा साथ मिला. पूरे महोत्सव के समय तक बारिश नहीं हुई, जिससे कोई दिक्कत भी नहीं हुई.

"इस बार महोत्सव के लिए 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया था, जिसमें 190 के करीब देवी-देवताओं ने शिरकत की थी. अब ये सभी महोत्सव की समाप्ति के साथ वापस अपने मूल स्थानों के लिए लौट गए हैं. देव आस्था के इस समागम में प्रशासन की तरफ से बेहतरीन बंदोबस्त करने के प्रयास किए गए थे." - शिवपाल शर्मा, अध्यक्ष, सर्व देवता समिति

भक्तों ने देवी-देवताओं को दी भावुक विदाई
वहीं, छोटी काशी का सबसे बड़ा देव समागम अब इसी उम्मीद के साथ संपन्न हो गया है कि अगले साल फिर से शिवरात्रि का त्योहार आएगा और इस महोत्सव का फिर से आयोजन होगा. छोटी काशी में एक बार फिर देवधुनें गूंजेगी और माहौल पूरी तरह से भक्तिमयी हो जाएगा. इसी आशा के साथ लोगों ने अपने अराध्य देवी-देवताओं को भावुक विदाई दी है. हालांकि अभी कुछ देवता मंडी में ही कुछ दिन अपने भक्तों के घर पर रुकेंगे और फिर अपने देवलुओं के साथ अपने निवास स्थान की ओर प्रस्थान करेंगे.

