बस्तर की माटी में घुली अंतरराष्ट्रीय महक, किर्सी ह्यवैरिनेन का धूड़मारास में स्वागत
छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर आई यूएनओ की किर्सी ह्यवैरिनेन का धूड़मारास में जोरदार स्वागत हुआ है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 24, 2026 at 10:29 PM IST
जगदलपुर: बस्तर की संस्कृति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है. पर्यटन के मानचित्र पर बस्तर अब अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है. इस कड़ी में संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक किर्सी ह्यवैरिनेन बस्तर पहुंची है. उनका यह दौरा 6 दिनों का है.
धूड़मारास पहुंची किर्सी ह्यवैरिनेन
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक किर्सी ह्यवैरिनेन अपने दौरे के दूसरे दिन बस्तर के धूड़मारास पहुंची. धुरवा डेरा होमस्टे में उनका स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं था. धुड़मारास की धरती पर कदम रखते ही किर्सी का अभिनंदन स्थानीय परंपरा के अनुसार सिहाड़ी और महुए की विशेष माला पहनाकर किया गया. इस दौरान बस्तर की लोक संस्कृति की जीवंत झलक तब देखने को मिली. जब स्थानीय ग्रामीणों ने धुरवा नृत्य की थाप और पारंपरिक स्वागत गीतों के साथ उनकी अगवानी की. आत्मीयता के साथ किए गए इस स्वागत से किर्सी अभिभूत नजर आईं और कहा कि उन्हें अपने जीवन में इस तरह की अनुभूति पहली बार हो रही है

बस्तर के खान पान का किर्सी ने उठाया लुत्फ
आत्मीय स्वागत के बाद किर्सी ने बस्तर के पारंपरिक खान-पान का लुत्फ उठाया. दोपहर के भोजन में उन्हें पूरी तरह स्थानीय और जैविक व्यंजनों से सजी थाली परोसी गई. बस्तर के जायके का अनुभव करते हुए उन्होंने कलम भाजी, सेमी की सब्जी, बोदई की सब्जी और केले की सब्जी जैसे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया. इसके साथ ही उड़द की दाल, तीखी इमली की चटनी और कोसरा भात के साथ बस्तर के पारंपरिक पेय मंडिया पेज का भी आनंद किर्सी ने लिया. बस्तर के इन पारंपरिक स्वादों ने विदेशी अतिथि को यहां की संस्कृति के और भी करीब ला दिया.

बस्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान
किर्सी का यह प्रवास मुख्य रूप से धुड़मारास और उसके आसपास के क्षेत्रों को विश्व स्तरीय पर्यटन मानकों के अनुरूप ढालने पर केंद्रित है. धुरवा डेरा होमस्टे में रुककर वे न केवल स्थानीय जीवनशैली का प्रत्यक्ष अनुभव ले रही हैं. बल्कि ग्रामीणों और हितधारकों के साथ सीधा संवाद कर पर्यटन के नए अवसरों की पहचान भी कर रही हैं. बस्तर और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के समन्वय से आयोजित इस भ्रमण के दौरान वे स्थानीय समुदाय को यूनाइटेड नेशंस बेस्ट टूरिज्म विलेज अपग्रेड प्रोग्राम की बारीकियों से अवगत करा रहीं हैं.

