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बिहार में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश, पाकिस्तान कनेक्शन का खुला राज!

मोतिहारी में साइबर ठग गिरफ्तार किया गया है. इस अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का सदस्य पाकिस्तान से जुड़ा था. झारखंड का साथी फरार. पढ़ें-

MOTIHARI CYBER ​​FRAUD
मोतिहारी साइबर ठग गिरफ्तार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 2, 2026 at 9:10 AM IST

4 Min Read
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मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के निवासी तनवीर आलम उर्फ हैदर के रूप में हुई है.

गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई: पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक बड़ा साइबर अपराधी ठगी की रकम निकालने बाजार आ रहा है. इस पर साइबर डीएसपी अभिनव परासर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई. टीम ने शंकर सरैया पुल के पास सादे वेश में निगरानी रखी और आरोपी हैदर को हिरासत में ले लिया.

मोतिहारी साइबर ठग गिरफ्तार (ETV Bharat)

पूछताछ में खुली ठगी की पोल: हिरासत में पूछताछ के दौरान हैदर ने कई राज उगले. वह ठगी के पैसे निकालता और कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) के जरिए गिरोह के आकाओं तक पहुंचाता था. प्रारंभिक जांच में पता चला कि उसने लाखों रुपये की ठगी में हिस्सा लिया और उसे 14 प्रतिशत कमीशन मिलता था.

पाकिस्तान से गहरे संबंधों का खुलासा: सबसे चौंकाने वाली बात पूछताछ में सामने आई कि हैदर का गिरोह पाकिस्तान स्थित हैकरों से जुड़ा हुआ है. ये हैकर डार्क वेब पर खाते खोलते और भारतीय एजेंटों को कमीशन पर काम देते हैं. पुलिस अब मोबाइल और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर इस कनेक्शन की पुष्टि कर रही है.

झारखंड के साथी की तलाश जारी: हैदर का करीबी साथी झारखंड निवासी मयंक भास्कर भी गिरोह का सदस्य है. मयंक मोतिहारी के छतौनी क्षेत्र की भवानी होटल में ठहरकर ठगी करता था. हैदर उसे रहने-खाने की सुविधा मुहैया कराता था. पुलिस मयंक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

ठगी के तरीके और बरामद सामान: गिरोह 'क्विक लोन स्कैम', 'पीएम किसान योजना फ्रॉड' और 'ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम' जैसे तरीकों से लोगों को ठगता था. गिरफ्तारी के समय पुलिस ने हैदर से एक मोबाइल फोन, कई बैंक दस्तावेज और पासबुक बरामद किए.

टेलीग्राम ग्रुप का बड़ा नेटवर्क: मोबाइल जांच में "बैंक अकाउंट सोलर सिम कार्ड" नामक टेलीग्राम ग्रुप मिला, जिसमें 1000 से अधिक सदस्य हैं. यह ग्रुप साइबर ठगों का हब है जहां खाते, सिम और टूल्स की खरीद-बिक्री होती है. पुलिस अन्य सदस्यों की पहचान कर रही है.

साइबर क्राइम के खिलाफ कड़ी चेतावनी: साइबर डीएसपी अभिनव परासर ने कहा कि यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम है. अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए काम करने वाले ऐसे तत्वों पर लगाम लगाई जाएगी. पीड़ितों में मोतिहारी, सिवान और गोपालगंज के लोग शामिल हैं. पुलिस हैदर को रिमांड पर लेकर आगे की जांच कर रही है.

"यह गिरोह 'क्विक लोन स्कैम', 'पीएम किसान योजना फ्रॉड' और 'ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम' जैसे तरीकों से लोगों को फंसाता था. पीड़ितों को लालच देकर उनके खातों से पैसे साफ कर देते थे. अब तक दर्ज शिकायतों में मोतिहारी, सिवान और गोपालगंज के लोग शामिल हैं. पुलिस ने हैदर को रिमांड पर लेकर और पूछताछ की है."-अभिनव परासर, साइबर डीएसपी

Motihari Cyber ​​Fraud
पाकिस्तान से गहरे संबंधों का खुलासा (ETV Bharat)

आरोपी की भूमिका और तरीका: हैदर ठगी की रकम निकालता और कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) से आकाओं तक पहुंचाता था. उसका साथी मयंक भास्कर झारखंड निवासी, जो छतौनी थाना के भवानी होटल में ठगी का काम कर रहा था. हैदर मयंक को होटल और सुविधाएं मुहैया कराता, उसे ठगी राशि का 14% कमीशन मिलता. प्रारंभिक जांच में लाखों रुपये की ठगी का पता चला.

इस गिरफ्तारी से साइबर ठगों में हड़कंप मच गया है. मोतिहारी साइबर थाना की यह सफलता पूरे बिहार के लिए मिसाल बनेगी. पुलिस का संकल्प है कि ऐसे अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. जांच जारी है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश होगा.

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