अंतरराष्ट्रीय एडवांस्ड टैक्सटाइल स्ट्रक्चलर कंपोजिट एंड जियो सिंथेटिक सम्मेलन, जियो फाइबर स्टॉल बना आकर्षण
भिवानी में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय एडवांस्ड टैक्सटाइल स्ट्रक्चलर कंपोजिट एंड जियो सिंथेटिक सम्मेलन जारी है. जियो फाइबर स्टॉल आकर्षण का केंद्र.

Published : February 28, 2026 at 6:57 PM IST
भिवानी: हरियाणा के भिवानी में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय एडवांस्ड टैक्सटाइल स्ट्रक्चलर कंपोजिट एंड जियो सिंथेटिक सम्मेलन जारी है. इस सम्मेलन में दुनिया भर के 14 देशों के कपड़ा क्षेत्र के जानकार 100 के लगभग जियो टैक्सटाइल व जियो सिंथेटिक पेश कर रहे हैं. इस सम्मेलन में पहनने वाले परंपगरात कपड़े के अलावा तकनीकी रूप से प्रयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के कपड़ों के निर्माण को लेकर विस्तार से चर्चा की जा रही है.
जियो फाइबर स्टॉल: इसी को लेकर ईटीवी भारत की टीम ने यहां पर लगे एक स्टॉल पर आईआईटी दिल्ली के रिसर्च स्कॉलर समीर से विशेष बातचीत की, जिसमें उन्होंने कहा कि "जियो सिंथेटिक वो कपड़ा है, जो फाइबर से तैयार होता है. इसको विभिन्न प्रारूपों में तैयार कर इसकी स्ट्रेंथ बढ़ाई जाती है. ये हल्का होता है तथा प्रयोग में आसान होता है. इसे अब देश में ही तैयार किया जाएगा. इस प्रकार के विशेष कपड़े का प्रयोग आने वाले समय में भवन निर्माण में प्रयोग होने वाले लोहे के सरियों के साथ पर भी प्रयुक्त हो सकेगा. जो ना केवल लोहे से अधिक मजबूत होगा, बल्कि लोहे से हल्का व सस्ता भी होगा. जिसका प्रयोग भवन निर्माण, हवाई जहाज, विंड टरबाईन व हल्की कारों के निर्माण में प्रयोग हो सकेगा. इससे ऊर्जा व पैसों की बचत होगी तथा ये आने वाले भविष्य का कपड़ा साबित होगा."
'देश में फाइबर की जरूरत बढ़ रही': उन्होंने कहा कि "आज देश में फाइबर की जरूरत बढ़ रही है. 13 से 15 मिलियन टन टैक्सटाइल में फाइबर कपड़े का प्रयोग हो रहा है. आज भारत प्रति व्यक्ति केवल 300 ग्राम कंपोजिट टैक्सटाइल का प्रयोग करता है, जबकि उन्नत देशों में ये 11 किलोग्राम प्रति व्यक्ति तक है. आने वाले समय में भारत भी इस नवाचार को अपनाकर उन्नत होगा."
भिवानी में जियो सिंथेटिक सम्मेलन: भिवानी में आयोजित इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न रिसर्च स्कॉलर अलग-अलग प्रकार के कपड़ों का ना केवल प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि अब तक कपड़ों पर हुई विस्तार से चर्चा की जा रही है. जिसमें आईआईटी स्कॉलर समीन ने ना केवल इसके सैंपल दिखाए तथा बताए कि ये कपड़ा विभिन्न मिश्रणों से मिलकर लोहे से भी अधिक मजबूत है. ये भविष्य का प्रयोग है. इसकी कीमत को कम करना उनका लक्ष्य है, ताकि भविष्य में इसका प्रयोग बढ़ सकें.

