ETV Bharat / state

बीकानेर में 9 से 11 जनवरी तक होगा अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव, ये कार्यक्रम रहेंगे खास

तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव हेरिटेज वॉक, ऊंट नृत्य, मिस मरवण शो, लोक संगीत और अग्नि नृत्य से सजेगा.

ऊंट उत्सव
ऊंट उत्सव को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक (Photo Courtesy- DIPR Bikaner)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : November 29, 2025 at 8:50 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

बीकानेर: देसी-विदेशी सैलानियों के प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहे अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का आयोजन इस बार 9 से 11 जनवरी तक होगा. तीन दिवसीय इस उत्सव को सफल बनाने के लिए जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने शुक्रवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली. बैठक में पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उत्सव से पहले 2 जनवरी को सुबह 8:30 बजे लक्ष्मीनाथजी मंदिर से शहरवासियों को पीले चावल बांटकर आमंत्रण दिया जाएगा. इस दौरान ऊंटों के साथ रोबीले युवक शहर के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण करेंगे.

9 जनवरी को रंगारंग शुरुआत: पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने बताया कि उत्सव की शुरुआत 9 जनवरी को होगी. सुबह 8 से 10 बजे तक “हमारी विरासत” के तहत हेरिटेज वॉक का आयोजन लक्ष्मीनाथजी मंदिर से रामपुरिया हवेली तक होगा, जो बड़ा बाजार, मोहता चौक, हनुमान मंदिर, असानिया चौक होते हुए हवेली तक पहुंचेगी. सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक राजस्थान राज्य अभिलेखागार में “राजस्थान के रंग-बीकाणा के संग” कार्यक्रम के तहत पिछवई, उस्ता, मथेरण जैसी लुप्तप्राय कलाओं की प्रदर्शनी लगेगी. इसके लिए 7 दिवसीय वर्कशॉप भी आयोजित की जाएगी. शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक रवीन्द्र रंगमंच के ओपन थिएटर में “बीकाणा की आवाज़ (वॉयस ऑफ बीकानेर)” कार्यक्रम होगा.

इसे भी पढ़ें- पुष्कर मेले में ऊंटों की डांस प्रतियोगिता, धुन पर थिरकते ऊंटों ने सबका मन मोहा, कमेटी के निर्णय पर पशुपालकों को आपत्ति

10 जनवरी को ऊंटों का मेला: उन्होंने बताया कि 10 जनवरी को सुबह 9 बजे से दोपहर ढाई बजे तक राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र (NRCC) में “ऊंटां रो मेलो” आयोजित होगा, जिसमें ऊंट नृत्य, फर कटिंग, साज-सज्जा, ऊंट दौड़ और घुड़दौड़ जैसे रोचक कार्यक्रम होंगे. पहली बार भीतरी शहर में दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक धरणीधर स्टेडियम में “बीकाणा की शान” कार्यक्रम होगा, जिसमें मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण शो, ढोला-मारू शो और राजस्थानी पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता शामिल रहेगी. शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में “स्वरम” सांस्कृतिक संध्या में राजस्थानी लोक नृत्य-गायन की प्रस्तुति होगी. राज्य अभिलेखागार की ओर से ऊंटों के इतिहास पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी.

11 जनवरी को रायसर में भव्य समापन: अंतिम दिन 11 जनवरी को रायसर के धोरों पर सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक “दम-खम” कार्यक्रम में रस्साकशी, कुश्ती, कबड्डी, पगड़ी बांधना, मटका दौड़ और देशी-विदेशी पर्यटकों की धोरों पर दौड़ होगी. दोपहर 1:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक “उड़ान” में सैंड आर्ट, हैंडीक्राफ्ट-फूड बाजार, भारतीय रीति से विदेशी जोड़े की शादी, कैमल सफारी, ऊंट गाड़ी सफारी आदि आयोजित होंगे. शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक “कला संगम” में सांस्कृतिक संध्या, अग्नि नृत्य और सेलिब्रिटी नाइट के साथ आतिशबाजी के बीच ऊंट उत्सव का भव्य समापन होगा.

बैठक में निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा, बीडीए उपायुक्त ऋषि सुधांशु पांडे, ट्रैफिक सीओ किसन सिंह, राज्य अभिलेखागार के डॉ. नितिन गोयल, म्यूजियम से राकेश शर्मा, पशुपालन संयुक्त निदेशक डॉ. बिरमाराम, NRCC से दिनेश मुंजाल व डॉ. मित्तुल सुंवडीया, सहायक निदेशक पर्यटन महेश व्यास सहित कई होटल व्यवसायी और पर्यटन से जुड़े लोग मौजूद रहे.

इसे भी पढ़ें- पुष्कर मेला 2025: ऊंटों के गोरबंध श्रृंगार और डांस ने मोहा मन, प्रतियोगिता के निर्णय से असंतुष्ट नजर आए ऊंट पालक