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'बुखार चौक पहुंच जाइये..' बिहार में चौराहे का अजीब नाम, पीछे की कहानी सुनकर हैरान रह जाएंगे आप

मुजफ्फरपुर में एक ऐसी जगह है, जिसका नाम 'बोखार चौक' है. इसका नाम सुनकर लोग चौंक जाते हैं. पढ़ें इसके पीछे की पूरी कहानी..

Bokhar Chowk in Muzaffarpur
मुजफ्फरपुर में बोखार चौक (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 26, 2026 at 1:54 PM IST

3 Min Read
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मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक ऐसा चौक है, जिसका नाम सुनकर लोग अक्सर हैरान रह जाते हैं. 'बोखार चौक' नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि शायद इसका संबंध किसी अस्पताल या बीमारी से होगा लेकिन इस नाम के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है. यह नाम किसी बीमारी की वजह से नहीं, बल्कि वर्षों पहले हुए एक मजाक से पड़ा था.

'बोखार चौक' से बनी पहचान: मरवन प्रखंड स्थित रक्सा गांव में मौजूद यह चौक आज पूरे इलाके में 'बोखार चौक' के नाम से मशहूर है. मुजफ्फरपुर शहर से करीब 15 किलोमीटर पश्चिम बसे इस गांव की आबादी 10 हजार से अधिक है. गांव के बीचों-बीच स्थित यह चौक आज स्थानीय पहचान का केंद्र बन चुका है. खास बात यह है कि सरकारी रिकॉर्ड और सूचना पट्टों पर भी इसी नाम का उल्लेख मिलता है.

मुजफ्फरपुर के 'बोखार चौक' के पीछे की दिलचस्प कहानी (ETV Bharat)

मजाक में कहा, बन गई हकीकत: स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस जगह को आज बोखार चौक कहा जाता है, वह जमीन कभी जमादार राय के परिवार की थी. वर्षों पहले यहां सब्जी मंडी और स्थानीय बाजार लगता था. आसपास के गांवों से लोग खरीदारी, मेल-मिलाप और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए इसी स्थान पर जुटते थे. धीरे-धीरे यह जगह गांव का प्रमुख केंद्र बन गई.

क्या बोले स्थानीय?: जमादार राय के पोते अशोक राय बताते हैं कि करीब 20 साल पहले गांव के एक व्यक्ति ने मजाक-मजाक में इस जगह को 'बोखार चौक' कह दिया. दरअसल, उसने जमादार राय को सब्जी मंडी वाले स्थान पर बुलाने के दौरान कहा, 'बोखार चौक पहुंच जाइए.' उस समय वहां मौजूद लोगों ने इसे मजाक समझकर हंसी में उड़ा दिया. वैसे इसका असली नाम 'बाबा भारती चौक' है.

Bokhar Chowk
मरवन प्रखंड स्थित रक्सा गांव (ETV Bharat)

"मजाक से लोग इसे बोल दिया और तब से नाम पड़ गया. 20 साल पहले की घटना है. वैसे बाबा भारती चौक नाम है लेकिन लोग बोखार चौक कहने लगे हैं. बोर्ड भी लग गया है."- अशोक राय, ग्रामीण

हालांकि समय के साथ यही मजाक उस चौक की पहचान बन गया. गांव के लोगों ने बातचीत में इस नाम का इस्तेमाल शुरू कर दिया और धीरे-धीरे यह नाम इतना लोकप्रिय हो गया कि चौक की आधिकारिक पहचान ही बोखार चौक बन गई. बाद में स्थानीय प्रशासन ने भी इसी नाम को स्वीकार कर लिया.

Bokhar Chowk
रक्सा गांव का 'बोखार चौक' (ETV Bharat)

बाहर के लोग चौक जाते हैं नाम सुनकर: गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि बाहर से आने वाले लोग जब इस चौक का नाम सुनते हैं तो अक्सर पूछते हैं कि क्या यहां कभी अस्पताल था या किसी बीमारी से जुड़ी कोई घटना हुई थी? लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि यह नाम केवल एक पुराने मजाक की देन है, तो वे हैरान रह जाते हैं.

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